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*बचिए फेंगशुई ठगी से*

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        ~ राजेंद्र शुक्ला, मुंबई 

जो दिखता है वह बिकता है। यह कहावत फेंगशुई पर पूरी तरह सटीक है। हम भारतीयों को चमत्कार में बहुत विश्वास है। इसी चमत्कार की आशा में 40 साल से गोरेपन की क्रीम बिक रही है, बच्चों को लम्बा बनाने वाले हैल्थ ड्रिंक बिक रहे हैं और हम खरीद रहे हैं. इसी तरह का एक भ्रम है फेंगशुई।

      कछुआ पानी में डूबा कर रखने से कर्ज से मुक्ति, सिक्के वाला तीन टांगों वाला मेंढक रखने से धन का प्रभाव, चाइनीज ड्रैगन को कमरे में रखने से रोगों से मुक्ति, विंडचाइम लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह, प्लास्टिक के पिरामिड लगाने से वास्तुदोषों से मुक्ति, चाइनीज सिक्के बटुए में रखने से सौभाग्य में वृद्धि होगी ऐसा मानना अवैज्ञानिक है।

कई धनी घरों मे देखा कि एक विचित्र सी सुनहरी गुड़िया रखी है। पूछने पर पता चला कि ये लाफिंग बुद्धा है। इसको घर मे रखने से सुख और समृद्धि आती है।

     धन की टोकरी उठाए, मोटे पेट वाला गोल मटोल सुनहरे रंग का पुतला- क्या सच में महात्माबुद्ध है? किसी तरह वह बुध्द सा सौम्य,शांत और सुडौल दिखता है?

अब तो दुकानदार भी अपनी दुकान का शटर खोलकर सबसे पहले लाफिंग बुद्धा को नमस्कार करते हैं और कभी-कभी तो अगरबत्ती भी लगाते हैं.

कई जगह एक छोटा सा कछुए जैसा खिलौना देखा जिसकी पीठ पर कुछ लिखा था। पता चला कि इसे पानी मे रखने पर कर्ज से मुक्ति मिलती है। 

     एक चिकित्सक की मेज पर ड्रैगन जैसा कुछ दिखाई दिया। पता चला कि यह स्वास्थ्य और आयु बढ़ाने का उपाय है। क्या कोई आग उगलने वाली चाइनीज छिपकली यानी dragon को देख कर प्रसन्नता महसूस कर सकता है?

 एक जगह सुनहरी बिल्ली का बैटरी से चलने वाला खिलौना था जो अगला पंजा हिला रहा था। प्लास्टिक की सुनहरी बिल्ली  जिसमें बैटरी लगाने के बाद, उसका एक हाथ किसी को बुलाने की मुद्रा में आगे पीछे हिलता रहता था। सुनहरी बिल्ली के माध्यम से अपनी रूठी किस्मत को वापस बुलाने के लिए इसे अपने घर, कार्यालय अथवा दुकान के उत्तर-पूर्व में रखिए. बिल्ली के सुनहरे पुतले को घर में सजाकर सौभाग्य की मिन्नतें करना मूर्खता नहीं तो और क्या है?

एक होटल मे काँच के सुंदर बर्तन मे मिट्टी डाल कर बांस जैसा कोई पौधा लगाया हुआ था। पता चला कि गुड लक बैम्बू या सौभाग्य वाला बांस है। 

      फेंगशुई के बाजार में एक और गजब का प्रोडक्ट है तीन टांगों वाला मेंढक जिसके मुंह में एक चीनी सिक्का होता है। फेंगशुई के मुताबिक उसे अपने घर में धन को आकर्षित करने के लिए रखना अत्यंत शुभ होता है। जब मैंने इस मेंढक को पहली बार देखा तो सोचा कि जो देखने में इतना भद्दा लग रहा है वह मेरे घर में सौभाग्य कैसे लाएगा? मेंढक का चौथा पैर काट कर उसे तीन टांग वाला बनाकर शुभ मानना किस सिरफिरे की कल्पना है?

क्या किसी मेंढक के मुंह में सिक्का रखकर घर में धन की बारिश हो सकती है?

      संसार के किसी भी जीव विज्ञान के शास्त्र में ऐसे तीन टांग वाले ओर सिक्का खाने वाले मेंढक का उल्लेख क्यों नहीं है?

फेंगसुई की दुनिया का एक और लोकप्रिय मॉडल है चीनी देवता फुक, लुक और साऊ। फुक को समृद्धि, लुक को यश- मान- प्रतिष्ठा और साउ को दीर्घायु का देवता कहा जाता है। फेंगशुई ने बताया और हम भारतीयों ने अपने घरों में इन मूर्तियों को लगाना शुरु कर दिया।

     मैंने देखा कि इंटरनेट पर मिलने वाली इन मूर्तियों की कीमत भारत में ₹200 से लेकर ₹15000 तक है, मसलन जैसी जेब- वैसी मूर्ति और उसी हिसाब से सौभाग्य का भी हिसाब- किताब सेट है।

     एक और फेंगशुई प्रोडक्ट है. तीन चाइनीज सिक्के जो लाल रिबन से बंधे होते हैं, फेंगशुई के मुताबिक रिबिन का लाल रंग इन सिक्कों की ऊर्जा को सक्रिय कर देता है और इन सिक्कों से निकली यांग (Yang) ऊर्जा आप के भाग्य को सक्रिय कर देती है। क्या चीन में गरीब लोग नहीं रहते? 

दुनिया के अनेक देशों में कहीं न कहीं फेंगशुई का जाल फैला हुआ है। इसकी मार्केटिंग का तंत्र इंटरनेट पर मौजूद हजारों वेबसाइट के अलावा, TV कार्यक्रमों, न्यूज़ पेपर्स, और पत्रिकाओं तक के माध्यम से चलता है। 

     अनुमानत: भारत में ही केवल इस का कारोबार लगभग 200 करोड रुपए से अधिक का है। उसी के सहारे धीरे-धीरे भारत के उत्पाद मार्केट पर चीनी उत्पादों ने पचास प्रतिशत तक कब्ज़ा लिया है। किसी छोटे शहर की गिफ्ट शॉप से लेकर सुपर माल्स तक चीनी प्रोडक्ट्स आपको हर जगह मिल जाएंगे…. वह छा गये है।

    उन्होंने स्थानीय उत्पादों को लगभग समाप्त कर दिया है। चाइनीज उत्पादों का आक्रामक माल, भारत सहित दुनिया के अलग-अलग देशों में इस कदर बेचा जाता है कि दूसरों की मौलिक अर्थ-व्यवस्था तबाह हो जाती है। सस्ता और बड़ी मात्रा में होना उसका पैंतरा है यानी रणनीति।

      क्यों चीनी क्म्यूनिष्ट खुद हर नागरिक के बटुवे में यह सिक्के रखवा कर अपनी गरीबी दूर नहीं कर लेती? हमारे देश के रुपयों से हम इन बेकार के चाइनीज सिक्के खरीद कर न सिर्फ अपना और अपने देश का पैसा हमारे शत्रु मुल्क को भेज रहे हैं बल्कि अपने कमजोर और गिरे हुए आत्मविश्वास का भी परिचय दे रहे हैं।

      दिन भर टीवी पर अन्य के विश्वासों का “मखौल उड़ाने वालो सो-काल्ड को आपने कभी इस चाइनीज कम्यूनिष्ट अंध-विश्वास के खिलाफ बोलते सुना है कभी?

Ramswaroop Mantri

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