अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*“बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह”*

Share

नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बेतुके और विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इंदौर के दूषित पानी कांड में मीडिया के सवालों पर “फोकट का सवाल मत पूछो” कहकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना उनका ताजा उदाहरण है. सिर्फ कैलाश विजयवर्गीय ही नहीं, उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय के बयान पर भी बवाल मच चुका है.आकाश 2019 के चर्चित “बल्ला कांड” में सुर्खियां बटोर चुके हैं. तब उन्होंने नगर निगम अधिकारी पर क्रिकेट बैट से हमला किया था. ऐसे में एक पुरानी कहावत “बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां भी सुभान अल्लाह” यहां सटीक बैठती है. 2019 में बल्ला कांड पर मीडिया ने यही कहावत इस्तेमाल की थी, जब कैलाश ने अधिकारी पर जूता उठाया था और बेटे ने बैट चलाया था. वहीं, विपक्ष ने इसे सत्ता के नशे का नमूना बताता था.

कैलाश के बेतुके बयान क्यों चर्चा में?
कैलाश विजयवर्गीय के बयान अक्सर महिलाओं, धार्मिक स्थलों और क्षेत्रीय लोगों पर केंद्रित रहते हैं. इंदौर दूषित पानी कांड में मीडिया पर भड़कना ताजा मामला है, जहां उन्होंने अपशब्द कहे और बाद में माफी मांगी. पहले महिलाओं के छोटे कपड़ों पर कहा कि उन्हें ऐसी लड़कियां पसंद नहीं, वे देवी रूप हैं और ठीक कपड़े पहनें. ताजमहल पर दावा किया कि यह मूल रूप से हिंदू मंदिर था, जिसे शाहजहां ने मकबरा बनवाया. बांग्लादेशी घुसपैठ पर पोहा खाने वाले मजदूरों को संदिग्ध बताया. जनसांख्यिकी बदलाव पर 30 साल में गृहयुद्ध की आशंका जताई. ये बयान सांप्रदायिक और लैंगिक पूर्वाग्रह दिखाते हैं, जो सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं.

बल्ला कांड क्या था?
2019 में इंदौर के गंजी कंपाउंड में जर्जर मकान गिराने की कार्रवाई के दौरान तत्कालीन भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय पहुंचे. उन्होंने नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेंद्र बायस पर क्रिकेट बैट से हमला किया. वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आकाश बैट घुमाते और समर्थक अधिकारी को पीटते दिखे. अधिकारी ने महिलाओं से बदतमीजी का आरोप लगाया, लेकिन आकाश ने कहा कि कार्रवाई में महिलाओं को खींचा जा रहा था. पुलिस ने आकाश सहित 11 लोगों पर केस दर्ज किया, गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया. पीएम मोदी ने नाराजगी जताई, कहा कि चाहे किसी का बेटा हो, पार्टी से निकालना चाहिए.

पिता-पुत्र की समानता क्यों?
बल्ला कांड के समय मीडिया ने “बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह” कहावत इस्तेमाल की, क्योंकि कैलाश पर भी पुराना आरोप था कि उन्होंने अधिकारी पर जूता उठाया था. दोनों की हरकतें सत्ता के दबाव में कानून तोड़ने की दिखाती हैं. आकाश ने कहा कि वे लोगों की रक्षा कर रहे थे, लेकिन यह गुंडागर्दी का प्रतीक बना. 2024 में कोर्ट ने सबूतों की कमी और गवाह के पलटने पर आकाश सहित सभी को बरी कर दिया. लेकिन, घटना ने भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाया और टिकट कटवाया.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें