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चिड़िया

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उड़ती चिड़िया आसमान में
दोनों पंख फैलाए।
छोटी सी अपनी चोंच से
दाना-दाना चुग खाएं।
अपने पंख फैलाए उड़ती
पूर्व से पश्चिम
उत्तर से दक्षिण
हर कोने पर
अपना हक़ जमाती।
डाल-डाल पर
पात-पात पर बैठ
अपना मधुर गीत
सबको सुनाती।

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
rajivdogra1@gmail.com

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