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पूर्व मंत्री के बेटे के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला, भाजपा ने पिता-भाई को निकाला

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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में अंकिता भंडारी मर्डर केस में लोगों का विरोध जारी है। शनिवार सुबह नहर से मिले अंकिता के शव का शनिवार को ऋषिकेश AIIMS में पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा थी। हत्या का आरोप राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित पर है। 19 साल की अंकिता उसके रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। प्रशासन ने शुक्रवार रात को पुलकित के रिसॉर्ट को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। शनिवार को गुस्साए लोगों ने उसमें आग लगा दी।

प्रशासन ने शुक्रवार रात को आरोपी पुलकित के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर उसका बड़ा हिस्सा तोड़ दिया था।

प्रशासन ने शुक्रवार रात को आरोपी पुलकित के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर उसका बड़ा हिस्सा तोड़ दिया था।

इस घटना के बाद भाजपा ने शनिवार को पुलकित के पिता विनोद आर्य को पार्टी से निकाल दिया। वे भाजपा नेता और उत्तराखंड सरकार में मंत्री रह चुके हैं। आर्य भाजपा OBC मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और UP के सह प्रभारी भी थे। पुलकित के भाई अंकित आर्य को भी उत्तराखंड OBC कल्याण आयोग के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ था। घटना से नाराज लोगों ने स्थानीय भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की गाड़ी के कांच फोड़ दिए।

अंकिता की हत्या से नाराज लोगों ने शनिवार को ऋषिकेश में भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की कार के शीशे फोड़ दिए।

अंकिता की हत्या से नाराज लोगों ने शनिवार को ऋषिकेश में भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की कार के शीशे फोड़ दिए।

रिसॉर्ट में अनैतिक गतिविधियों पर झगड़े के बाद हत्या
पुलिस ने FIR में दर्ज किया है कि अंकिता भंडारी अंकिता 17-18 सितंबर से गायब थी। इसके बाद उसके पिता ने रिसॉर्ट पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की थी। बेटी का पता नहीं चलने पर उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अंकिता 17 सितंबर की रात करीब 8 बजे पुलकित आर्य, उसके रिजॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित उर्फ ​​पुलकित गुप्ता के साथ ऋषिकेश गई थी।

वापस आते समय तीनों आरोपियों ने चीला रोड के किनारे शराब पी। अंकिता उनके ड्रिंक खत्म होने का इंतजार करती रही। शराब पीने के बाद तीनों लड़की से झगड़ने लगे। हाथापाई में अंकिता ने पुलकित का मोबाइल भी नहर में फेंक दिया था। इस दौरान अंकिता ने रिसॉर्ट में अनैतिक गतिविधियों का विरोध किया था। उसने धमकी भी दी कि वह सभी को यहां चलने वाली अनैतिक गतिविधियों के बारे में बता देगी। इस बात से गुस्साए पुलकित और उसके साथियों ने लड़की को नहर में धकेल दिया।

अंकिता का शव पोस्टमार्टम के लिए AIIMS लाने के साथ ही वहां मीडिया और लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा था।

अंकिता का शव पोस्टमार्टम के लिए AIIMS लाने के साथ ही वहां मीडिया और लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा था।

पुलकित ने हत्या के बाद पुलिस को झूठी कहानी सुनाई
शक के आधार पर जब पुलिस ने पुलकित से पूछताछ की, तो उसने पुलिस को बताया कि रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी रिसॉर्ट के एक कमरे में रहती थी। कुछ दिन से वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। इसलिए वह और उसके दोस्त 18 सितंबर को अंकिता को ऋषिकेश घुमाने ले गए थे। देर रात सभी वहां से वापस लौट आए। लौटकर सभी रिसॉर्ट में बने अलग-अलग कमरों में सोने चले गए। 19 सितंबर की सुबह अंकिता अपने कमरे से गायब थी। पुलिस की पड़ताल में यह कहानी झूठी निकली।

CCTV फुटेज में अंकिता तीनों के साथ जाती नजर आई
पुलकित के बाद पुलिस ने रिसॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश जाते समय अंकिता इन लोगों के साथ थी, लेकिन वह इनके साथ लौटकर नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने ऋषिकेश के रास्ते पर लगे हुए तमाम CCTV कैमरों के फुटेज चेक किए। इनसे यह बात साबित हुई कि रिसॉर्ट से जाते समय कुल चार लोग थे, लेकिन वापस तीन ही लौटे।

उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य (बाएं) और मृतक अंकिता भंडारी (दाएं)।

उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य (बाएं) और मृतक अंकिता भंडारी (दाएं)।

पुलकित के रिसॉर्ट के पास नहर में मिला अंकिता का शव
पुलकित की कहानी झूठ निकलते ही पुलिस का शक गहरा गया और उससे सख्ती से पूछताछ शुरू हुई। सोशल मीडिया पर भी उसकी तलाश के लिए कैंपेन चल रहा था। पुलिस ने शक के आधार पर पुलकित से पूछताछ की। आरोपी ने अंकिता को गंगा में धकेल देने की बात कबूल की। इसके बाद रेस्क्यू एजेंसियों ने अंकिता का शव चिल्ला पावर हाउस के पास एक नहर से बरामद किया।

SDRF की रेस्क्यू टीम ने चिल्ला में पॉवर हाउस के पास से अंकिता का शव (लाल घेरे में) बरामद किया।

SDRF की रेस्क्यू टीम ने चिल्ला में पॉवर हाउस के पास से अंकिता का शव (लाल घेरे में) बरामद किया।

पुलकित की निशानदेही पर SDRF ने खोज शुरू की थी
उत्तराखंड के DGP अशोक कुमार ने कहा कि अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट राजस्व पुलिस में दर्ज हुई थी, जो उसी दिन रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर की गई। 24 घंटे के अंदर लक्ष्मण झूला पुलिस ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर ही SDRF ने बैराज की नहर में शव की तलाश शुरू की थी। SDRF के एक अधिकारी ने बताया कि अंकिता के परिजन से शव की पहचान कराने के बाद बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ऋषिकेश AIIMS भेजा गया था।

महिलाओं ने पुलिस कस्टडी में आरोपियों को पीटा

आरोपियों को कोर्ट में पेश करने ले जा रही पुलिस की गाड़ी को ग्रामीणों ने रोका और आरोपियों की पिटाई कर दी।

पुलिस शुक्रवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए कोटद्वार लेकर जा रही थी। इसी दौरान बैराज पुल से आगे कोडीया में सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी रोक ली और तीनों को जमकर पीटा। हालांकि, पुलिस ने बीच-बचाव कर तीनों को भीड़ से निकाला।

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 19 साल की अंकिता भंडारी मर्डर केस में भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलकित के साथ उसके दो अन्य साथियों अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को भी अरेस्ट किया गया है।

आरोप है कि अंकिता को तीनों आरोपियों ने पहाड़ी से नीचे गंगा में धक्का देकर मार डाला।अंकिता पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर इलाके के एक प्राइवेट रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। यह रिसॉर्ट पुलकित आर्य का है। पुलिस ने रिसॉर्ट सील कर दिया है। इधर, महिलाओं ने पुलिस वैन रोककर आरोपियों की पिटाई की है। स्थानीय लोगों ने पुलकित आर्य के रिसॉर्ट में भी तोड़फोड़ की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 साल की अंकिता 18-19 सितंबर से गायब थी। 19 सितंबर की सुबह अंकिता अपने कमरे में नहीं दिखी। उसके पिता रिसॉर्ट पहुंचे और कर्मचारियों से पूछताछ की। बेटी का पता नहीं चलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर गुमशुदा की तलाश के लिए कैंपेन चल रहा था।

DGP अशोक कुमार ने कहा- राजस्व पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी, जो बीते दिन ही रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर की गई। 24 घंटे में लक्ष्मण झूला पुलिस ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों ने गिरफ्तार कर लिया।

भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य और अंकिता भंडारी।

भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य और अंकिता भंडारी।

पूछताछ में पुलिस को सुनाई झूठी कहानी
पूछताछ के दौरान पुलकित आर्य ने पुलिस को बताया कि रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी रिसॉर्ट के एक अलग कमरे में रहती थी। कुछ दिनों से वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। इसी के चलते 18 सितंबर को उसे ऋषिकेश घुमाने के लिए ले गए थे। उसने आगे बताया कि देर रात सभी वहां से वापस लौट आए।

इसके बाद रिसॉर्ट में बने अलग-अलग कमरों में सभी लोग सोने चले गए। मगर, 19 सितंबर की सुबह अंकिता अपने कमरे से गायब थी। पुलिस जांच में यह कहानी झूठी पाई गई।

गुस्साए लोगों ने भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। रिसॉर्ट में भी तोड़फोड़ की।

गुस्साए लोगों ने भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। रिसॉर्ट में भी तोड़फोड़ की।

CCTV से हुआ मर्डर मिस्ट्री का खुलासा
पुलिस ने पहले रिसॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश जाते समय अंकिता इन लोगों के साथ थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वहीं पुलिस ने ऋषिकेश जाने के दौरान रास्ते के CCTV भी चेक किए। इनमें देखा गया कि जाते हुए चार लोग थे, लेकिन वहां से आते हुए तीन लोग थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों से सख्ती से पूछताछ की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह तीनों अंकिता को लेकर बैराज तक आए। यहां सभी ने शराब पी। इसके बाद अंकिता धमकी देने लगी कि वह सभी को बता देगी कि पुलकित उस पर रिसॉर्ट के कस्टमर्स के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता है।

इस बीच अंकिता ने पुलकित का मोबाइल फेंक दिया और दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद तीनों ने गुस्से में अंकिता को गंगा में धक्का दे दिया और तीनों वापस रिसॉर्ट लौट आए।

आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस की जीप को महिलाओं ने रास्ते में रोक दिया और आरोपियों को पीटा।

आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस की जीप को महिलाओं ने रास्ते में रोक दिया और आरोपियों को पीटा।

महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी रोककर आरोपियों को पीटा
इधर, अंकिता की हत्या से गुस्साई महिलाओं ने पुलिस वैन रूकवाकर तीनों आरोपियों को पीट दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब आरोपियों को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए कोटद्वार लेकर जा रही थी। इसी दौरान बैराज पुल से आगे कोडीया में सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी रोक ली और तीनों को जमकर पीटा।

हालांकि, पुलिस के बीच-बचाव के बाद भीड़ से उन्हें बचाया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों पर हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं बढ़ा दी गई हैं।

Ramswaroop Mantri

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