नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बुधवार देर शाम 3 आतंकियों ने एक भाजपा नेता को गोली मार दी। घटना पुलवामा जिले के त्राल पायीन क्षेत्र में हुई। घटना के बाद त्राल के भाजपा पार्षद राकेश पंडित को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना में राकेश के दोस्त की बेटी भी घायल हुई है, जिनका इलाज चल रहा है।
राकेश पंडित पर यह हमला उस समय हुआ, जब वे बिना सुरक्षा के दोस्त से मिलने जा रहे थे। मृतक भाजपा पार्षद के साथ 2 सुरक्षाकर्मी हमेशा साथ रहते थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की निंदा की।
त्राल पायीन जा रहे थे राकेश
कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने कहा कि बुधवार देर शाम को तीन अज्ञात आंतकियों ने त्राल के भाजपा पार्षद राकेश पंडित पर हमला किया था। वे त्राल बाला में रहते थे। घटना के वक्त राकेश अपने दोस्त के पास त्राल पायीन जा रहे थे। राकेश की मौत हो गई है, जबकि उनके दोस्त की बेटी घायल हुई हैं।

मृतक राकेश पंडित (बाएं) त्राल के नगर निगम ऑफिस में तिरंगा झंडा फहराते हुए।
राकेश के साथ सिक्योरिटी गार्ड नहीं थे
विजय कुमार ने कहा कि राकेश पंडित श्रीनगर में पूरी तरह सुरक्षित रह रहे थे। उनके साथ सुरक्षा के लिए 2 पर्सनल सेक्युरिटी ऑफिसर्स भी तैनात किए गए थे। हालांकि, घटना के समय यह दोनों सुरक्षागार्ड उनके साथ नहीं थे। आतंकियों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
कश्मीर घाटी में खून बहाने वाले आतंकियों का खात्मा करेंगे
राज्य के भाजपा चीफ रविंद्र रैना ने कहा कि राकेश पंडित की शहीदत व्यर्थ नहीं जाएगी। कश्मीर घाटी में खून बहाने वाले आतंकियों को खत्म किया जाएगा। यह एक मानवता और कश्मीरियत की हत्या है। वहीं, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हिंसा की इन मूर्खतापूर्ण घटनाओं ने कश्मीर घाटी को हमेशा से दुख पहुंचाया है।
भाजपा प्रवक्ता ने घटना की निंदा की
जम्मू-कश्मीर में भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने घटना की निंदा की है। उन्होंने इस हमले को बर्बर बताते हुए कहा कि आतंकी कुछ भी कर लें, लेकिन भाजपा नेताओं को लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकते। निहत्थे लोगों पर हमला करना कोई बहादुरी नहीं है। पुलिस को आरोपियों की तलाश कर उन्हें सजा देनी चाहिए।
सज्जाद लोन बोले- वापस जाओ बंदूकधारियों
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने इस घटना पर कहा कि एक बार फिर बंदूकधारियों ने गैर-लड़ाके पर हमला किया। यह बंदूक एक अभिशाप है। बस विचार करो। जिस दिन से यह खतरा कश्मीर में आया है हमने क्या देखा है। संक्षिप्त में कश्मीरियों की कुल अक्षमता। प्रिय बंदूकधारियों क्या आप कृपया वापस जा सकते हैं जहां से आप आए थे। अब बहुत हो चुका।





