जयपुर। राजस्थानके सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पतालमें पहली बार कैंसर की एडवांस तकनीक से जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग में 65 वर्षीय महिला पर साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) और HIPEC प्रक्रिया की मदद से करीब 8 घंटे तक चला यह ऑपरेशन चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह तकनीक पेट और गर्भाशय में फैले कैंसर सेल्स को खत्म करने के लिए सबसे उन्नत विधि मानी जाती है
प्रदेशभर के सर्जनों ने सर्जरी को लाइव देखकर सीखा
ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख और सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुरेश सिंह के अनुसार, सर्जरी सुबह 7:30 बजे शुरू होकर 3:30 बजे तक चली। उन्होंने बताया कि महिला के अंडाशय और बच्चेदानी में फैले कैंसर को पूरी तरह हटाने के लिए यह प्रक्रिया की गई। इस दौरान ऑपरेशन थिएटर से सर्जरी को लाइव प्रसारित किया गया, जिसे प्रदेशभर के सर्जनों ने देखकर तकनीक को सीखा।
CRS सर्जरी क्या है?
साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) पेट के अंदर फैले कैंसर को हटाने की एक विस्तृत प्रक्रिया है। इसमें दिखाई देने वाले सभी ट्यूमर को सावधानीपूर्वक निकाला जाता है। जहां-जहां कैंसर फैला होता है, वहां प्रभावित अंगों के हिस्से भी हटाए जाते हैं ताकि अधिकतम कैंसर सेल्स नष्ट किए जा सकें।
HIPEC कैसे काम करती है?
CRS के बाद पेट में बचे माइक्रोस्कोपिक कैंसर सेल्स को खत्म करने के लिए HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथैरेपी) की जाती है। इसमें 42°C तापमान वाली गर्म कीमोथैरेपी दवा को 60-90 मिनट तक पेट के अंदर एक खास मशीन के जरिए घुमाया जाता है। यह दवा सीधे प्रभावित हिस्सों पर असर करती है और सामान्य कीमोथैरेपी की तुलना में साइड इफेक्ट्स कम होते हैं।
सरकारी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि
जयपुर के एसएमएस अस्पताल डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि ऐसी जटिल सर्जरी पहले केवल बड़े निजी अस्पतालों में संभव होती थी। अब सरकारी अस्पतालों में भी यह तकनीक उपलब्ध है, जो मरीजों की जान बचाने और इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





