भोपाल। अचानक आठ साल पहले उप नेता प्रतिपक्ष का पद त्याग कर भाजपा का दामन थामने से कांग्रेस की पूरी ठाकुर लॉबी चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी के खिलाफ हो गई थी। अब भले ही वे कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं, लेकिन यह अदावत अब भी जारी है। यही वजह है कि हाल ही में दमोह विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी की जारी स्टार प्रचारकों की सूची में जब चौधरी राकेश सिंह का नाम आया तो कांग्रेस की ठाकुर लॉबी पूरी तरह से चौंक गई। इसकी वजह है कमलनाथ और दिग्विजय के बीच बेहतर तालमेल होना। इससे यह तय हो गया है कि अब पार्टी में चौधरी राकेश सिंह के मामले में ठाकुर लॉबी को दरकिनार करने का कमलनाथ ने तय कर लिया है। दरअसल इसी ठाकुर लॉबी की वजह से ही उपचुनाव में मजबूत दावेदार होने के बाद भी उन्हें टिकट नहीं दिया जा सका था। यह बात अलग है कि इस स्टार प्रचारकों की सूची में चौधरी राकेश सिंह के पार्टी में प्रबल विरोधी अजय सिंह को भी स्थान दिया गया है। फिलहाल नाथ के इस कदम को दोनों ही नेताओं के बीच जारी मनभेद को कम करने के रुप में देखा जा रहा है। दरअसल जुलाई 2013 में विधानसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान ही चौधरी राकेश सिंह ने अपने ही दल के नेता के प्रति अविश्वास जताते हुए कांग्रेस छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इस के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच दूरी बन गई थी। हालांकि इन दोनों ही नेताओं के बीच उसके पहले भी अंदरूनी तौर पर पटरी न बैठने की बात कही जाती रहती थी। करीब आठ साल के अंतराल के बाद चौधरी राकेश सिंह श्रीमंत के चुनावी प्रचार के बीच जब कांग्रेस में लौटे तो उनका पुरजोर विरोध अजय सिंह ने करना शुरू कर दिया। इसमें उन्हें पार्टी के अन्य बड़े सजातीय नेताओं का भी भरपूर साथ मिला। इसके चलते ही 2019 में वापसी के बाद भी राकेश सिंह कांग्रेस की मुख्यधारा में शामिल नहीं हो सके थे।
विरोधियों को पीसीसी चीफ में फिर एक मंच पर लाने की कोशिश दमोह चुनाव में की गई है। संभव है सालों से एक-दूसरे का मुंह तक नहीं देख रहे यह दोनों दिग्गज मंच पर एक साथ भी नजर आ जाएं। असल में पीसीसी द्वारा उपचुनाव के लिए जारी स्टार प्रचारकों की सूची में अजय सिंह के साथ चौधरी राकेश सिंह को भी शामिल किया गया है। करीब 8 साल बाद चौधरी राकेश सिंह का नाम पीसीसी की सूची में शामिल किया गया है। यही नहीं बीते साल अक्टूबर में 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में प्रबल दावेदार होने के बाद भी चौधरी राकेश सिंह को मेहगांव सीट पर पार्टी से टिकट नहीं मिल सका था। उनके विरोध में अजय सिंह के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व गोविंद सिंह एक साथ खड़े हो गए थे, लेकिन अब उपचुनाव में पार्टी द्वारा स्टार प्रचारक बनाकर कांग्रेस में राकेश सिंह के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह से खोलने के संकेत दे दिए हैं। दरअसल अब चौधरी राकेश सिंह पूरी तरह से नाथ की पसंद बन चुके हैं और स्टार प्रचारकों की सूची भी उनकी पसंद के हिसाब से तैयार की गई है। एक दूसरे के धुर विरोधी होने के बाद भी स्टार प्रचारकों की सूची में दोनों नेताओं के नाम आने से माना जा रहा है कि संभव है कि अब दोनों नेता एक ही मंच पर कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करते दिख जाएं। इस सूची की खास बात यह है कि इसमें विजयलक्ष्मी साधौ, एनपी प्रजापति, डॉ.गोविंद सिंह, हर्ष यादव और बृजेंद्र सिंह राठौर जैसे चेहरों को स्थान नहीं दिया गया है। इसकी वजह से माना जा रहा है कि इस सूची के बहाने कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के लोगों को ठिकाने लगाने का काम किया है। दरअसल प्रदेश की सत्ता से बाहर होने की बड़ी वजह नाथ खेमे द्वारा दिग्विजय सिंह को ही माना जा रहा है। फिलहाल दमोह उपुचनाव के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की सूची में जिन नेताओं को रखा गया है उनमें मुकुल वासनिक, कमलनाथ,दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव ,विवेक तन्खा, राजमणि पटेल, अजय सिंह, संजय कपूर, सज्जन सिंह वर्मा का नाम शामिल है। खास बात यह है कि इस सूची में उप चुनाव हार चुके फूल सिंह बरैया और राम सिया भारती को भी जगह दी गई है। लिस्ट में कुल 30 नेताओं को जगह मिली है।
चार जिलों के कांग्रेस विधायक संभालेंगे दमोह उपचुनाव की कमान
प्रदेश में अब दमोह विधानसभा सीट के उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। यह उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है , जब प्रदेश में भाजपा की सरकार को पूरी तरह से बहुमत मिल चुका है। इसके बाद भी भाजपा और कांग्रेस ने इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। यही वजह है कि भाजपा के तमाम दिग्गजों की तैनाती इस सीट पर तय कर दी गई है। इसके प्रतिउत्तर में कांग्रेस ने भी चार जिलों के अपने विधायकों को यहां पर जीत की नींव रखने का जिम्मा सौंप दिया है। इनमें से अधिकांश उन जिलों के विधायकों को तैनात किया गया है, जो दमोह के आसपास के हैं। कांग्रेस द्वारा यहां का चुनावी प्रभार बहुत पहले ही पूर्व मंत्री और निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर के विधायक बृजेन्द्र सिंह को दिया जा चुका है। अब उनकी मदद के लिए जबलपुर, छतरपुर और सागर के विधायकों को भी इस सीट पर तैनात किया जा रहा है। इन जिलों के विधायक एक दो दिन में मोर्चा संभाल सकते हैं। इनमें जबलपुर से लखन घनघोरिया, तरुण भनोट और संजय यादव छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी और सागर से हर्ष यादव को तैनात कर दिया है। यह सभी विधायक चुनाव होने तक वहीं डेरा डाले रहेंगे। इसके साथ ही महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भी मतदान केंद्रवार जनसंपर्क अभियान चलाने का काम सौंपा जा रहा है। इसके अलावा उन विधायकों को भी दमोह उपचुनाव में भेजने की तैयारी है, जो इस सीट पर सीधे तौर पर प्रभावी हो सकते हैं।
भाजपा की सूची में मलैया का भी नाम
इधर , भाजपा द्वारा जारी की गई अपने स्टार प्रचारकों की सूची में दमोह के ही पूर्व विधायक और इस बार टिकट के दावेदार रहे जयंत मलैया को भी शामिल किया गया है। इस सूची में प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, सीएम शिवराज सिंह चौहान ,प्रहलाद पटेल, उमा भारती जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस सीट पर 17 अप्रैल को मतदान होना है। इसकी वजह से इस सीट पर उम्मीदवारों को प्रचार के लिए 16 दिन का समय मिला है। इस सीट पर 15 अप्रैल की शाम 5 बजे चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। मतगणना दो मई को होगी।





