इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई दस मौतों के बाद कई घरों में मातम पसरा है। लोगों में गुस्सा भी है, लेकिन वे फिर भी खामोश हैं। बस्ती में दो दिन से जनप्रतिनिधियों के दौरे, निर्देशों के सिलसिले जारी है। बुधवार को वे बस्ती में बैठे नजर आए। उधर शाम को मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री मोहन यादव भी भागीरथपुरा बस्ती के मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मुंह पर मास्क लगा रखा था। हैरानी की बात यह है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उनके साथ होने के बजाए बस्ती में ही बैठे रहे। मुख्यमंत्री के साथ मेयर पुष्य मित्र भार्गव, मंत्री तुलसी सिलावट और विधायक गोलू शुक्ला थे। विधायक रमेश मेंदोला भी उनके साथ दिखाई नहीं दिए,हालांकि विजयवर्गीय बाद में एमवाय अस्पताल पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से बीमार हुए लोगों से मिलने अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने एमजीएम कॉलेज में बैठक भी ली और अफसरों को निर्देश भी दिए। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह बात सही है कि प्रारंभ में जो लापरवाही हुई, उसके खिलाफ एक्शन लिया गया। सरकार किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।
एसीएस संजय दुबे पूरे मामले को समझेंगे। वे क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। मैंने अफसरों से कहा है कि शहर के सभी क्षेत्रों में पानी से संबंधित शिकायतों की अच्छी तरह से जांच की जाएगी। यह भी सही है कि अफसरों की कमी है। हम अमला देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में पीने के पानी के कारण लोग बीमार हुए हैं और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। 40 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 2456 व्यक्तियों में लक्षण मिले हैं।
212 मरीज भर्ती हुए हैं और 50 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। सभी के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री वर्मा यूनियन अस्पताल और शैल्बी अस्पताल में जाकर मरीजों से मिले। इसके अलावा उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज की बैठक में अफसरों से कहा कि इस तरह की कष्टदायक स्थिति भविष्य में निर्मित नहीं होनी चाहिए। यदि अधिकारियों की कमी हो तो उसे तुरंत दूर किया जाए।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सुबह दस बजे से बस्ती के एक मकान के बाहर सौफे पर बैठे रहे। वे शाम तक वहीं बैठे और रहवासियों से मिलते रहे। बीच-बीच में वे बोतलबंद पानी पीते रहे। घर पर जाकर खाने खाने के बजाए उन्होंने वहीं बैठकर सेव परमाल खाए। उनके आसपास सुरक्षाकर्मी भी तैनात थे।
कैलीश विजयवर्गीय के साथ कुछ देर के लिए मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी बैठे थे। वे फोन पर व्यस्त रहे। कभी रील देखी तो कभी भागीरथपुरा की खबरों को उन्होंने देखा। मेयर ने मंगलवार को पत्रकारों को चाय पर चर्चा के लिए बुलाया था। इस मामले में भी कांग्रेस ने उन्हें आड़े हाथों लिया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल का कहना था कि भागीरथपुरा में लोग मर रहे थे और मेयर को चाय पर चर्चा करने से फुर्सत नहीं थी।
पार्षद का झूला भी चर्चा में
भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला का झूला झूलने वाला फोटो भी खूब वायरल हो रहा है। वे बस्ती में ही एक घर के बाहर झूला रहे थे और कैमरे में कैद हो गए।





