मध्य प्रदेश में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ मुस्लिमों ने प्रदर्शन किया। शहर के ताजुल मसाजिद में काली पट्टी बांधकर मुसलमानों ने नमाज पढ़ी। इनमें बच्चे भी शामिल थे। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ प्रदर्शन किया। काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। भोपाल में एक काजी ने सरकार को ‘जालिम’ बताया और जमकर निशाना साधा।शहर काजी ने सरकार को जालिम बताया और गंभीर आरोप लगाया है।

शुक्रवार को रमजान महीने का आखिरी जुमा था। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। बड़ी संख्या में मुसलमान ताजुल मसाजिद में हाथ में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस नमाज में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे। इनके हाथों में काली पट्टी और प्रोटेक्ट फिलिस्तीन के बैनर-पोस्टर भी थे।
गौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पूरे देश में आह्वान किया था कि मुस्लिम काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन करें। बोर्ड का कहना है कि अगर यह बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे। वक्फ संशोधन बिल वक्फ की संपत्तियों को हड़पने के लिए लाया जा रहा है। यह बिल मुस्लिमों के हित में नहीं है।
काजी ने कहा- हड़पना चाहते हैं संपत्ति
भोपाल में नमाज के दौरान शहर काजी सैयद अनस अली का एक बयान मीडिया में चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि वक्फ संपत्तियों पर जालिमों की नजर है। यह हमारी संपत्तियां हड़पना चाहते हैं। हम अपनी संपत्तियों की हिफाजत हर हाल में करेंगे।
भाजपा नेता ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने काली पट्टी बांधने और विरोध प्रदर्शन करने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों मुसलमान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। वे पंचर की दुकान चलाते हैं, हाथ ठेला का काम करते हैं। कबाड़ी का काम कर रहे हैं। इन मुस्लिमों के पास शिक्षा का, इलाज का साधन नहीं, रहने को मकान नहीं है। अगर मोदी जी ने उन गरीब मुसलमानों के बारे में सोचा तो क्या गलत किया? अगर इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है तो यह ठीक नहीं है।
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