कर्नल सोफिया कुरैशी का जबलपुर से गहरा पारिवारिक नाता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग दी थी। उनके भाई की शादी जबलपुर में हुई थी और वे कई बार पारिवारिक कार्यक्रमों में जबलपुर आईं। उनके साहस और देशभक्ति पर परिवार को गर्व है।
हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान को दिए गए मुंहतोड़ जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ब्रीफिंग देने वाली भारतीय सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी का जबलपुर से गहरा पारिवारिक संबंध है। कर्नल सोफिया के भाई नूर कुरैशी की शादी जबलपुर में हुई थी, और इस अवसर पर वे वर्ष 2011 में अपने परिवार के साथ बारात लेकर अधारताल इलाके में स्थित ससुराल आई थीं।

सोफिया कुरैशी की भाभी
कर्नल सोफिया कुरैशी कई बार पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेने जबलपुर आ चुकी हैं। उनकी भाभी उजमा कुरैशी और उनका परिवार इन दिनों वड़ोदरा से जबलपुर आए हुए हैं। उजमा कुरैशी ने बताया कि उन्हें अपनी ननद कर्नल सोफिया पर बेहद गर्व है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने बेगुनाहों के कत्लेआम का करारा जवाब दिया है।
ब्रीफिंग के बाद किया भाई को फोन
कर्नल सोफिया ने ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग देने के बाद अपने भाई नूर कुरैशी को फोन कर कहा था, “कैसा लगा धमाका, मिशन हुआ पूरा।” इस बातचीत ने परिवार को गौरव और भावुकता से भर दिया। उजमा कुरैशी बताती हैं कि सोफिया हमेशा से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रही हैं। उनके दादा और पिता भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, और उसी प्रेरणा से उन्होंने भी इंडियन आर्मी जॉइन करने का फैसला लिया।

भतीजियां भी बनना चाहतीं सोफिया जैसी
कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार में सेना को लेकर गहरी आस्था है। उनकी भतीजियां भी अब अपने रोल मॉडल कर्नल सोफिया से प्रेरित होकर आर्मी में अफसर बनने का सपना देख रही हैं। परिवार को यह विश्वास है कि सोफिया का साहस और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के सफल निष्पादन और प्रभावशाली ब्रीफिंग के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी की पूरे देश में चर्चा हो रही है, लेकिन जबलपुर के लिए यह एक गर्व की बात है कि इस ऑपरेशन से जुड़ीं शख्सियत का यहां से भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ है।





