बिहार विधानसभा चुनाव-2025 कई मायनों में बहुत खास रहा. विशेषकर वोटर्स का उत्साह देखने वाला रहा. राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग हुई. दो चरण में वोट डाले गए थे, जिनकी आज सुबह 8 बजे से गिनती शुरू होगी. सबसे पहले डाक मतपत्र गिने जाएंगे. इसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती 8.30 बजे शुरू होगी. काउंटिंग के लिए 38 जिलों में 46 केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 243 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को वोटिंग हुई थी. इसमें 67.13 फीसदी ऐतिहासिक मतदान हुआ. काउंटिंग को देखते हुए राजधानी पटना के सभी स्कूल बंद रहेंगे.
चुनाव आयोग का कहना है, 243 विधानसभा क्षेत्रों में काउंटिंग की पूरी व्यवस्था कर ली गई है. 243 रिटर्निंग अधिकारियों की देखरेख में मतगणना होगी. इनके साथ 243 पर्यवेक्षकों की तैनाती रहेगी. उम्मीदवारों या उनके एजेंटों की मौजूदगी में काउंटिंग होगी. 4 हजार 372 काउंटिंग टेबल लगाए गए हैं. हर टेबल पर एक सुपरवाइजर, एक काउंटिंग असिस्टेंट और एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा. 18 हजार से ज्यादा एजेंट भी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
सुरक्षा के ऐसे इंतजाम
सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) और बिहार पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है. ताकि मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से हो सके. राज्य के बाहर से आईं 106 कंपनियां भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाई गई हैं. वोटिंग में उपयोग किए गए ईवीएम और वीवीपैट को दोहरी लॉक व्यवस्था वाले स्ट्रांग रूम में सील कर सुरक्षित रखा गया है. काउंटिंग सेंटर्स पर दो-स्तरीय सुरक्षा की गई है. अंदरूनी सुरक्षा घेरा सीएपीएफ के जिम्मे है. बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के हवाले है.
बिहार के चुनावी इतिहास पर एक नजर
| साल | महिला वोटिंग प्रतिशत | पुरुष वोटिंग प्रतिशत | कुल वोटिंग प्रतिशत |
| 1951-52 | – | – | 42.6 |
| 1957 | – | – | 43.24 |
| 1962 | 32.47 | 54.94 | 44.47 |
| 1967 | 41.09 | 60.82 | 51.51 |
| 1969 | 41.43 | 62.86 | 52.79 |
| 1972 | 41.3 | 63.06 | 52.79 |
| 1977 | 38.32 | 61.49 | 50.51 |
| 1980 | 46.86 | 66.57 | 57.28 |
| 1985 | 45.63 | 65.81 | 56.27 |
| 1990 | 53.25 | 69.63 | 62.04 |
| 1995 | 55.8 | 67.13 | 61.79 |
| 2000 | 53.28 | 70.71 | 62.57 |
| 2005-फरवरी | 42.52 | 49.95 | 46.5 |
| 2005-अक्टूबर | 44.49 | 47.02 | 45.85 |
| 2010 | 54.49 | 51.12 | 52.73 |
| 2015 | 60.48 | 53.32 | 56.91 |
| 2020 | 59.69 | 54.45 | 57.29 |
| 2025 | 71.6 | 62.8 | 66.91 |
पहले चरण में तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, तेज प्रताप यादव, मैथिली ठाकुर और अनंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं और मौजूदा सरकार के 16 मंत्री मैदान में थे. वहीं, दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान सबकी नजरें गया टाउन, बेतिया, चैनपुर, चकाई, अमरपुर, छातापुर और जमुई जैसी प्रमुख सीटों टिकी थीं, जहां प्रेम कुमार, रेणु देवी, जमा खान, सुमित कुमार सिंह, जयंत राज, नीरज कुमार सिंह बबलू और श्रेयसी सिंह जैसे कई कद्दावर मंत्री और मौजूदा विधायक अपनी किस्मत आजमा रहे थे. 14 नवंबर को सबके भाग्य का फैसला होना है.
पहले चरण में इन जिलों की सीटों पर वोटिंग
| 1 | मधेपुरा |
| 2 | सहरसा |
| 3 | दरभंगा |
| 4 | सारण |
| 5 | वैशाली |
| 6 | समस्तीपुर |
| 7 | मुजफ्फरपुर |
| 8 | गोपालगंज |
| 9 | सीवान |
| 10 | बेगूसराय |
| 11 | खगड़िया |
| 12 | खगड़िया |
| 13 | मुंगेर |
| 14 | पटना |
| 15 | लखीसराय |
| 16 | शेखपुरानालंदा |
| 17 | भोजपुर |
| 18 | बक्सर |
दूसरे चरण में 20 जिलों में मतदान
- गयाजी
- कैमूर
- रोहतास
- औरंगाबाद
- अरवल
- जहानाबाद
- नवादा
- भागलपुर
- बांका
- जमुई
- सीतामढ़ी
- शिवहर
- मधुबनी
- सुपौल
- पूर्णिया
- अररिया
- कटिहार
- किशनगंज
- पूर्वी चंपारण
- पश्चिमी चंपारण
बीजेपी बेचैन, जाने वाली है सरकार, हमें पूर्ण विश्वास… बिहार में काउंटिंग से पहले बोले तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा चुनाव की काउंटिंग से पहले आरजेडी नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमें विश्वास है कि हमारी सरकार बन रही है. हम क्लीयर मेजोरिटी के साथ जीत रहे हैं. सभी जात धर्म के लोग ने महागठबंधन के पक्ष में वोट किया है. प्रशासन के लोग अगर 2020 वाला काम करेंगे तो जनता करारा जवाब देगी.
तेजस्वी ने आगे कहा कि जो ईमानदारी से काम करेंगे उन्हें डरने की जरूरत नहीं है. जो बेइमानी करेगा उन्हें सोचना पड़ेगा. अधिकारी निष्पक्ष रूप से काम करें. उन्होंने कहा कि बीजेपी बेचैन है, सरकार जाने वाली है.
कई अधिकारियों को आज भी फोन किया जा रहा है, निर्देश दिया जा रहा है. उन्हीं के हवाले से हमें यह सूचना मिली है कि कल उनकी रणनीति काउंटिंग को स्लो करने की होगी. खास तौर पर ऐसी सीटें, जहां मार्जिन कम है या जो सीटें महागठबंधन जीत रही है. उन्हें डिक्लेअर नहीं किया जाए. एनडीए की सीटों को डिक्लेयर किया जाए.
निष्पक्ष तरीके से हो गिनती, हमारे लोग मुस्तैद रहेंगे
मीडिया के माध्यम से माहौल बनाया जाएगा कि प्रधानमंत्री बीजेपी दफ्तर जाने वाले हैं. इस तरह की स्ट्रैटेजी यह लोग अपनाएंगे लेकिन हमारे लोग मुस्तैद हैं और हमारी जीत निश्चित है. हमारे लोग मुस्तैद हैं. चुनाव आयोग निष्पक्ष होकर वोटों की गिनती कराए. सभी अधिकारियों से हमारी अपील है विशेष रूप से चुनाव आयोग से अपील करना चाहते हैं कि निष्पक्ष होकर के चुनाव की गिनती कराई जाए.
तेजस्वी ने कहा कि अभी कुछ सूचना भी मिल रही है. कुछ मंत्री भाजपा की बैठक के बाद जहां तहां घूम रहे हैं. कहां जा रहे हैं. मीडिया ही बता रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि बेइमानी ना करें, कुछ लोग दबाव में बेइमानी कर सकते हैं. हमारी सरकारी बहुत आसानी से बन रही है. तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके केस ईडी और सीबीआई में है. इस वजह से दवाब में आकर ऐसा काम कर सकते हैं लेकिन यह कुछ भी करें. हम लोग कंफर्टेबल मेजोरिटी के साथ कल चुनाव जीत रहे हैं और महा गठबंधन की सरकार बनने जा रही है.
जो जनादेश आ चुका है, उसे आने दिया जाए- दीपांकर भट्टाचार्य
सीपीआई एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस बार का चुनाव सबने देखा. बिहार ने लड़ा और लड़कर अपना मान बचाया. बिहार में इस बार जबरदस्त तरीके से वोट डाला है. रिकॉर्ड टूट गए हैं. सही तरीके से गिनती हो. जो जनादेश आ चुका है, उसे आने दिया जाए. छेड़छाड़ करने की कोशिश ना हो. 2020 में हमने इसे देखा था इसलिए हम सभी संगठनों ने आपस में बात की है. हमारे कार्यकर्ता बिल्कुल तैयार हैं. बहुत मुस्तैदी के साथ पूरे दिन लोग रहेंगे.
20 साल में नीतीश कुमार फेल हो चुके- मुकेश सहनी
वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि हम आप सभी को 18 तारीख का निमंत्रण दे रहा. जितने भी अधिकारी हैं उन सब से आग्रह है कि अपने संविधान की रक्षा करने का शपथ लिया है. भय मुक्त चुनाव कराने का शपथ लिया है, उसका पालन हो. अधिकारी अपना काम करें. बिहार में बदलाव के लिए वोटिंग हुआ है. राज्य के युवाओं को बदलाव चाहिए. नौकरी चाहिए इसलिए उन्होंने वोटिंग की है. 20 साल में नीतीश कुमार फेल हो चुके हैं. शून्य हो चुके हैं.
जनता के मत की मर्यादा रखें, यही गुजारिश- कृष्णा अल्लावरु
वहीं, कांग्रेस के कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि बिहार की जनता ने हम सबको अपना मत दिया है. जब मतदान इतना ज्यादा हुआ है तो हम यह मानते हैं कि यह बदलाव का संकेत है क्योंकि सरकार ने हर मुद्दे पर काम नहीं किया. रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा पर काम नहीं किया. जब लोग घर से निकाल कर आ रहे हैं तो बड़ी संख्या में आ रहे हैं. हमारा विश्वास यह है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है. हमारे साथियों ने यह बात रखी कि बिहार की जनता जो चाहती है, जिस गठबंधन के लिए उन्होंने मत डाले हैं, उस मत की मर्यादा रखें. चुनाव की गरिमा रखें और संविधान की सुरक्षा करें. यह हमारी हर एक अधिकारी से गुजारिश है.





