जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए उपराष्ट्रपति पद पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने घोषणा की है कि सत्ताधारी गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई संसदीय बोर्ड बैठक के बाद इसका आधिकारिक तौर पर एलान किया है।
एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हमारे एनडीए साथियों के साथ भी गहन रूप से चर्चा हुई। इसके बाद आज मुझे बताते हुए ये खुशी हो रही है और आपको ये खुशखबरी देना चाहते हैं कि संसदीय बोर्ड की बैठक में जिसका नेतृत्व पीएम मोदी ने किया। इस दौरान सभी पहलुओं पर चर्चा हुई और कई नामों पर मंथन किया गया, सुझाव भी मांगे गए और इसके बाद फिर तय हुआ कि हमारे उपराष्ट्रपति के प्रत्याशी के रूप में हमारे महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का प्रत्याशी बनाएंगे।
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पहले सांसद, फिर राज्यपाल अब उपराष्ट्रपति
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनको एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसकी औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही जीतन राम माझी ने भी एक्स पर पोस्ट करके इस बात जानकारी दी। राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है।

सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की पढ़ाई की। उनका राजनीतिक सफर आरएसएस से शुरू हुआ। 1974 में वे भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।
भाजपा में सक्रियता और लोकसभा सांसद
वहीं, साल 1996 में इनको भाजपा तमिलनाडु का सचिव बनाया गया। इसके बाद 1998 में कोयंबटूर से ये पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए और 1999 में फिर से जीत का परचम लहराया। साथ ही संसद में उन्होंने टेक्सटाइल पर स्थायी समिति के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। ये पीएसयू समिति, वित्त पर परामर्श समिति और शेयर बाजार घोटाले की जांच करने वाली विशेष समिति के सदस्य भी रहे हैं। साल 2004 में इन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भारतीय संसदीय दल के हिस्से के रूप में संबोधित भी किया है। ये ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे।
भाजपा नेतृत्व और जनआंदोलन में भूमिका
2004 से 2007 तक वे भाजपा तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर लंबी रथयात्रा निकाली, जो 93 दिनों तक चली। इस यात्रा में उन्होंने नदियों को जोड़ने, आतंकवाद खत्म करने, समान नागरिक संहिता लागू करने, छुआछूत समाप्त करने और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जैसे मुद्दे उठाए। माना जाता है इस यात्रा से इनका राजनीतिक कद और बढ़ गया था। इसके अलावा उन्होंने दो पदयात्राएं भी कीं। 2016 से 2020 तक वे कोचीन स्थित कोयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे। उनके नेतृत्व में कोयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। 2020 से 2022 तक वे भाजपा के ऑल इंडिया प्रभारी रहे और उन्हें केरल का जिम्मा सौंपा गया।
18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। यहां उन्होंने मात्र चार महीनों में राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया और जनता व प्रशासन से सीधे संवाद किया। 31 जुलाई 2024 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया। राधाकृष्णन एक अच्छे खिलाड़ी भी रहे हैं। कॉलेज स्तर पर वे टेबल टेनिस चैंपियन और लंबी दूरी के धावक रहे। इसके अलावा उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक रहा है। उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, चीन और कई यूरोपीय देशों सहित दुनिया के कई हिस्सों की यात्राएं की हैं।





