प्रदीप द्विवेदी. कोरोना को लेकर गैर-चुनावी राज्यों में जितनी सख्ती बरती जा रही है, चुनावी राज्यों में उतनी ही लापरवाही नजर आ रही है.
आश्चर्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सहित अनेक बड़े नेता कोरोना कानून-कायदों को नजरअंदाज कर रहे हैं.
खबर है कि इसी के मद्देनजर डॉक्टरों के सामूहिक मंच- द ज्वॉइंट फोरम ऑफ डॉक्टर्स-वेस्ट बंगाल, ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेज कर चुनाव अभियान के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की सरेआम धज्जियां उड़ने पर गहरी चिंता जताते हुए उससे हालात पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है.
खबरों में कहा गया है कि- बिहार चुनाव से पहले आयोग ने कोविड-19 से बचाव के लिए जो प्रोटोकॉल बनाए थे, पश्चिम बंगाल में तमाम राजनीतिक दल उनकी अनदेखी करते रहे हैं.
डॉक्टरों के समूह ने अपने पत्र में लिखा है कि- क्या आपने कभी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को मास्क पहनते देखा है? अगर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ही कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करें तो हम क्या कर सकते हैं?
यही नहीं, खबरों पर भरोसा करें तो विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि विधानसभा चुनाव खत्म होने पर बंगाल में कोरोना संक्रमण का नया रिकॉर्ड बन सकता है. उनका कहना है कि आठ चरणों तक चलने वाली चुनाव प्रक्रिया कोरोना के लिहाज से भारी साबित हो सकती है.
सियासी सयानों का मानना है कि राजनीति के आधुनिक अर्जुनों को कुर्सी के अलावा कभी कुछ नजर नहीं आता है, कोरोना का असर भी नहीं!





