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*निरंजनपुर मंडी को मंडी समिति द्वारा अधिग्रहित नहीं किए जाने से किसानों का हो रहा है शोषण, व्यापारी वसूल रहे हैं 10% आड़त*

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*संयुक्त किसान मोर्चा ने तत्काल निरंजनपुर मंडी को उप मंडी घोषित करने की की मांग*

 इंदौर ।पिछले करीब 50 वर्षों से मालवा मिल और राजकुमार मिल पर लगने वाली सब्जी एवं फल मंडी को इंदौर विकास प्राधिकरण ने सुव्यवस्थित मंडी बनाकर निरंजनपुर में स्थानांतरित किया  था । वहां पर करीब सवा सौ से ज्यादा दुकानें बनाई गई है और ऑक्शन प्लेटफार्म सहित मंडी की सारी सुविधाएं जुटाई गई है। संयुक्त किसान मोर्चे के रामस्वरूप मंत्री एवं बबलू जाधव ने बताया कि प्राधिकरण और मंडी समिति के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर निरंजनपुर मंडी को उप मंडी घोषित करने का मामला अटका हुआ है । जिससे किसानों का शोषण हो रहा है और मंडी समिति को भी लाखों रुपए महीने का राजस्व का नुकसान हो रहा है ।संयुक्त किसान मोर्चा ने निरंजनपुर मंडी को तत्काल उप मंडी घोषित करने की मांग की है ।

 संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया कि प्राधिकरण ने सुव्यवस्थित मंडी बनाकर कृषि उपज मंडी समिति इंदौर को उसके संचालन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था । मंडी समिति ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकृत करते हुए प्राधिकरण द्वारा मांगी गई 25 करोड़ की राशि के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया था । लेकिन उसकी मंजूरी अभी तक नहीं मिलने से निरंजनपुर में अवैध रूप से सब्जी और फल मंडी का संचालन किया जा रहा है । जिसमें छोटे-बड़े करीब 1000 व्यापारी कारोबार करते हैं । वही करीब 50000 किसान प्रतिदिन वहां पर अपनी उपज बेचने आते हैं । व्यापारियों द्वारा किसानों से 10% से ज्यादा कमीशन वसूला जा रहा है ,जो मंडी नियमों के विरुद्ध है । किसान और व्यापारी दोनों चाहते हैं कि कृषि उपज मंडी द्वारा निरंजनपुर मंडी को अधिकृत उप मंडी घोषित किया जाए और मंडी समिति के नियमानुसार ही यहां व्यापार हो । 

इस संबंध में व्यापारियों, किसानों ने कई बार मंडी समिति से चर्चा भी की है ,लेकिन मंडी समिति राज्य सरकार पर स्वीकृति ना देने की बात कर निरंजनपुर मंडी को उप मंडी घोषित नहीं कर रही है।

 संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री ,बबलू जाधव, शैलेंद्र पटेल ,लाखन सिंह डाबी आदि नेताओं ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि अनधिकृत रूप से चलने वाली निरंजनपुर मंडी को मंडी समिति अधिग्रहित करें और उसे इंदौर जिले की उप मंडी घोषित किया जाए। क्योंकि एक लाख की आबादी पर उप मंडी बनाए जाने का मंडी अधिनियम में प्रावधान है। इसलिए निरंजनपुर मंडी को उप मंडी घोषित करने में कोई कानूनी अड़चन भी नहीं है। बावजूद इसके प्राधिकरण और मंडी समिति में पैसे के लेनदेन के चलते यह मंडी अधिकृत नहीं हो रही है । मंडी अधिकृत हो जाती है तो किसानों, व्यापारियों और मंडी समिति को भी दोहरा फायदा होगा । फिलहाल यहां प्रतिदिन लाखों रुपए का व्यापार होता है। और मंडी समिति को एक पैसा भी मंडी शुल्क के रूप में नहीं मिलता है। यदि उप मंडी घोषित कर दिया जाता है तो मंडी समिति को भी प्रतिदिन लाखों रुपए की आय बढ़ जाएगी और प्राधिकरण को भी अपनी लागत का पैसा मिल जाएगा । जिससे वह शहर के दूसरे विकास कार्य कर सकेगा।

 संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने निरंजनपुर मंडी को तत्काल उप मंडी का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है तथा कहा है कि आप किसान हितेषी घोषणाएं तो करते हैं लेकिन किसानों के हित के काम आप की सरकार लटकाए रखती है । यदि आप किसान हित  का मन रखते हैं तो निरंजनपुर मंडी को तत्काल इंदौर कृषि उपज मंडी के तहत उप मंडी घोषित किया जाए ।

Ramswaroop Mantri

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