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पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होने तक विधानसभा में विरोध जारी रहेगा

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एस पी मित्तल, अजमेऱ

राजस्थान विधानसभा में भाजपा की ओर से सक्रिय भूमिका निभा रहे वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि 2013 से 2018 तक के उनके कार्यकाल में वर्ष 2016 व 2018 में राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। दोनों ही बार परीक्षा में निष्पक्षता और ईमानदारी बरती गई। मौजूदा कांग्रेस सरकार को हमारी परीक्षा व्यवस्था पर कितना भरोसा है, इसका पता मेघना चौधरी को दोबारा से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सचिव नियुक्त करने से चलता है। जिन मेघना चौधरी ने भाजपा शासन में दो बार रीट परीक्षा करवाई है, उन्हीं मेघना चौधरी पर कांग्रेस सरकार ने भरोसा जताया है। यदि भाजपा शासन में हुई रीट परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई होती तो मेघना चौधरी को दोबारा से बोर्ड का सचिव नहीं बनाया जाता। 26 सितंबर 2021 को हुई रीट परीक्षा को लेकर पूरे देश में अशोक गहलोत सरकार की जो बदनामी हो रही है,

उसमें अब सरकार का भरोसा मेघना चौधरी पर ही है। देवनानी ने कहा कि भाजपा शासन में मेघना चौधरी अपना काम दृढ़ता के साथ इसलिए कर पाई, क्योंकि सरकार की ओर से कोई दखल नहीं था। जबकि कांग्रेस शासन में गत वर्ष हुई रीट परीक्षा में तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग का सीधा दखल रहा, इसलिए जयपुर का प्रभारी एक रिटायर कॉलेज शिक्षक प्रदीप पाराशर और कोचिंग सेंटर के मालिक रामकृपाल मीणा को बनाया गया। एसओजी ने भी माना है कि जयपुर में शिक्षा संकुल से ही रीट के प्रश्न पत्र आउट हुए हैं। सरकार ने शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली को बर्खास्त कर सचिव अरविंद सेंगवा को भी निलंबित कर दिया है, लेकिन रीट पेपर घोटाले में मंत्रियों की भूमिका है, इसलिए घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की जा रही है। देवनानी ने सवाल उठाया कि यदि मंत्रियों की कोई भूमिका नहीं है तो फिर गहलोत सीबीआई की जांच से डर क्यों रहे हैं? देवनानी ने कहा कि जब तक सरकार सीबीआई जांच करवाने की घोषणा नहीं करती तब तक विधानसभा में भाजपा का विरोध जारी रहेगा। देवनानी ने कहा कि चार विधायकों के निलंबन के बाद भी 14 व 15 फरवरी को सदन में धरना प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा। हालांकि 15 फरवरी को मुख्यमंत्री को राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देना है। भाजपा चाहती है कि मुख्यमंत्री अपने जवाब में रीट पेपर घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की घोषणा करें। 16 से 22 फरवरी तक विधानसभा में अवकाश रहेगा। 23 फरवरी को सरकार की ओर से बजट रखा जाएगा। देवनानी ने कहा कि सरकार यदि भाजपा शासन में हुई रीट परीक्षा की जांच सीबीआई से करवाना चाहे तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। मेरे कार्यकाल में जब कोई गड़बड़ी ही नहीं हुई तो सीबीआई जांच से मुझे कोई डर नहीं है। देवनानी ने कहा कि भाजपा विधायकों के विरोध के दौरान कांग्रेस विधायकों और दो मंत्रियों ने जो अशोभनीय व्यवहार किया, उस पर अध्यक्ष सीपी जोशी को कार्यवाही करनी चाहिए। भाजपा के चार विधायकों को निलंबित कर एक तरफा निर्णय लिया गया है। 

Ramswaroop Mantri

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