अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का 75 साल की उम्र में निधन; PM मोदी की सुरक्षा में सेंध

Share

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव नहीं रहे। गुरुवार रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ने निधन की जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के छतरपुर स्थित उनके निवास स्थान पर रखा जाएगा, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।

अब बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गड़बड़ी की खबर की…। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हिस्‍सा लेने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में गड़बड़ी देखने को मिली। गुरुवार को कर्नाटक के हुबली में वे रोड शो कर रहे थे। तभी बैरिकेडिंग पार करके एक युवक हाथ में माला लेकर उनकी ओर दौड़ पड़ा। वह पीएम मोदी के बिल्‍कुल करीब पहुंच गया। सिक्‍योरिटी टीम ने तत्‍काल उसे पकड़ा और वहां से हटाया। उधर, पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा में चूक से इनकार किया है।

बेटी ने लिखा- पापा नहीं रहे

JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने इसकी जानकारी दी। शुभाषिनी ने ट्वीट में लिखा, ‘पापा नहीं रहे’। उनकी उम्र 75 साल थी। शरद यादव की तबीयत काफी दिन से खराब चल रही थी। हालत ज्यादा बिगड़ने पर गुरुवार की शाम उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात 9 बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालू यादव, बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।

शरद यादव उन नेताओं में रहे हैं, जो लालू प्रसाद और नीतीश कुमार दोनों के साथ रहे। नीतीश कुमार से राजनीतिक रिश्ते खराब होने के बाद शरद यादव अलग-थलग पड़ गए। गंभीर रूप से बीमार होने की वजह से उनकी राजनीतिक गतिविधियां भी काफी कम हो गई थीं।

शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।

शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।

PM मोदी ने दुख जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद यादव जी के निधन से बहुत दुख हुआ। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने खुद को सांसद और मंत्री के रूप में प्रतिष्ठित किया। वे डॉ. लोहिया के आदर्शों से काफी प्रभावित थे। मैं हमेशा हमारी बातचीत को संजो कर रखूंगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। शांति।

PM मोदी ने ट्वीट कर शरद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया।

PM मोदी ने ट्वीट कर शरद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया।

लालू ने लिखा-बहुत बेबस महसूस कर रहा हूं
लालू यादव ने शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया में वीडियो मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि अभी सिंगापुर में हूं और शरद भाई के जाने का दुखद समाचार मिला। बहुत बेबस महसूस कर रहा हूं। आने से पहले मुलाकात हुई थी और कितना कुछ हमने सोचा था समाजवादी व सामाजिक न्याय की धारा के संदर्भ में। शरद भाई…ऐसे अलविदा नहीं कहना था। भावपूर्ण श्रद्धांजलि!

शरद यादव के निधन पर इन नेताओं ने शोक व्यक्त किया…

  • बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा- मंडल मसीहा, राजद के वरिष्ठ नेता, महान समाजवादी नेता मेरे अभिभावक आदरणीय शरद यादव जी के असामयिक निधन की खबर से मर्माहत हूं। कुछ कह पाने में असमर्थ हूं।
  • जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि देश के दिग्गज राजनेता, समाजवाद और सामाजिक न्याय के योद्धा शरद यादव के निधन की खबर सुनकर मर्माहत हैं। शरद यादव के निधन से एक युग का अंत हो गया। एक समाजिक न्याय के नेता के रूप में हमेशा याद किए जाते रहेंगे।

वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे
शरद यादव ने 1999 और 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विभिन्न विभागों में मंत्री रहे थे। 2003 में शरद यादव जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अध्यक्ष बने थे। वह NDA के संयोजक भी रहे। साल 2018 में जदयू से अलग होकर लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) बनाया था। पिछले साल अपनी पार्टी के RJD में विलय की घोषणा कर दी थी।

नर्मदापुरम में जन्मे, 1974 में जबलपुर से पहली बार सांसद बने थे
शरद यादव मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम( होशंगाबाद) जिले में स्थित बाबई गांव के रहने वाले थे। उनका जन्म 1 जुलाई 1947 को किसान परिवार में हुआ। जब वे 1971 में जबलपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनकी दिलचस्पी राजनीति में हुई। यहां वे छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। छात्र संघ अध्यक्ष बनने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

राम मनोहर लोहिया से प्रभावित थे
शरद यादव छात्र राजनीति करने के साथ-साथ पढ़ाई लिखाई में भी अव्वल थे। उन्होंने बीई ‘सिविल’ में गोल्ड मेडल जीता था। वे राजनीति में राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित थे। वे अक्सर लोहिया के आंदोलनों में हिस्सा लिया करते थे। इस दौरान उन्हें ‘मिसा’ (misa) के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया। उन्हें 1970, 72 और 75 में जेल जाना पड़ा। शरद यादव ने मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू कराने में भी अहम भूमिका निभाई।

शरद यादव का राजनीतिक करियर
उनका राजनीतिक करियर तो छात्र राजनीति से ही शुरू हो गया था, लेकिन सक्रिय राजनीति में उन्होंने साल 1974 में पहली बार जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। यह सीट हिंदी सेवी सेठ गोविंददास के निधन से खाली हुई थी। ये समय जेपी आंदोलन का था। जेपी ने उन्हें हल्दर किसान के रूप में जबलपुर से अपना पहला उम्मीदवार बनाया था। शरद इस सीट को जीतने में कामयाब रहे और पहली बार संसद भवन पहुंचे। इसके बाद साल 1977 में भी वे इसी सीट से सांसद चुने गए। उन्हें युवा जनता दल का अध्यक्ष भी बनाया गया। इसके बाद वे साल 1986 में राज्यसभा के लिए चुने गए।

इस तस्वीर में लालू यादव, शरद यादव और रामविलास पासवान हैं। यह तीनों के युवावस्था की तस्वीर है।

इस तस्वीर में लालू यादव, शरद यादव और रामविलास पासवान हैं। यह तीनों के युवावस्था की तस्वीर है।

तीन राज्यों से लोकसभा पहुंचे
शरद यादव भारत के संभवत: पहले ऐसे नेता हैं, जो तीन राज्यों से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। राज्यसभा जाने के तीन साल बाद 1989 में उन्होंने उत्तरप्रेदश की बदायूं लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीता भी। यादव 1989-90 तक केंद्रीय मंत्री रहे। उन्हें टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था। यूपी के बाद उनकी एंट्री बिहार में होती है। 1991 में वे बिहार के मधेपुरा लोकसभा सीट से सांसद बनते हैं। इसके बाद उन्हें 1995 में जनता दल का कार्यकारी अध्यक्ष चुना जाता है और साल 1996 में वे 5वीं बार सांसद बनते हैं। 1997 में उन्हें जनता दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है। इसके बाद 1999 में उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया और एक जुलाई 2001 को वह केंद्रीय श्रम मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री चुने गए। 2004 में वे दूसरी बार राज्यसभा सांसद बने। 2009 में वे 7वीं बार सांसद बने, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें मधेपुरा सीट से हार का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने के घटना के बीच अब प्रभावित क्षेत्र के होटलों को गिराने का काम शुरू हो गया है। इस बीच यहां बारिश और बर्फबारी भी शुरू हो गई है। इससे ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। हालांकि होटल गिराने का काम जारी है।

गुरुवार शाम को SDRF ने होटल मलारी इन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आसपास के रास्तों काे बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को भी हटाया गया है। यह होटल पीछे की ओर पूरी तरह झुक गया है। एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द हटाया जाएगा।

इधर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर जोशीमठ को लेकर हाइलेवल मीटिंग हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, आरके सिंह, भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहे। मीटिंग में जोशीमठ में लैंडस्लाइड के बाद सड़क, पावर सप्लाइ, पीने के पानी की कमी और इनवायरमेंट की स्थिति को लेकर बातचीत की गई। 40 मिनट चली मीटिंग में होम सेक्रेटरी अजय भल्ला भी मौजूद थे।

आर्मी बेस की 25-28 इमारतों में मामूली दरारें
इधर, जोशीमठ में जमीन खिसकने का असर सेना पर भी हुआ है। आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को बताया कि- आर्मी बेस की 25-28 इमारतों में मामूली दरारें आई हैं। सैनिकों को अस्थायी रूप से औली शिफ्ट कर दिया गया है। जरूरत पड़ी तो उनकी तैनाती स्थायी कर दी जाएगी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिकों की टीम को भी जोशीमठ भेजा गया है।

​​​​​​2. जोशीमठ में होटल मलारी इन गिराने की कार्रवाई शुरू

होटल मलारी इन पीछे की ओर पूरी तरह झुक गया है। एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द हटाया जाएगा।

होटल मलारी इन पीछे की ओर पूरी तरह झुक गया है। एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द हटाया जाएगा।

CM धामी बोले- जोशीमठ खत्म होने का माहैाल न बनाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी जोशीमठ पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और एक्सपर्ट्स के साथ बैठक की। धामी ने कहा- जोशीमठ के सिर्फ 25% घरों में दरारें हैं, ऐसे घरों को खाली करवा लिया गया है। ऐसा माहौल न बनाएं कि जोशीमठ खत्म हो रहा है।

CM ने कहा- डर के माहौल से पर्यटक नहीं आएंगे
CM धामी ने कहा कि जोशीमठ की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है। 4 महीने बाद चार धाम की यात्रा भी है। डर का माहौल बनाने से पर्यटक नहीं आएंगे। प्रभावितों के खाते में शाम तक फौरी तौर पर 1.5 लाख रुपए की मदद पहुंच जाएगी। बाद में प्रभावितों को और मदद दी जाएगी। हमने सरकार और जनप्रतिनिधियों की कमेटी बना दी है, जो मुआवजे के बारे में बात कर रही है।

जोशीमठ में बुधवार से घरों को खाली कराने का काम शुरू हुआ। अब तक 131 परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।

जोशीमठ में बुधवार से घरों को खाली कराने का काम शुरू हुआ। अब तक 131 परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।

अब तक 589 लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया
उत्तराखंड डिजास्टर मैनेजमेंट सेक्रेटरी रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में आपदा राहत कार्यों के लिए SDRF की 8 टीमें तैनात हैं। NDRF की दो टीमें भी लगाई गई हैं। अब तक 3 परिवारों को 4000 रुपए मकान किराया दिया गया है। अब तक 169 परिवारों के 589 लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। 73 परिवारों को सामान्य खर्च के लिए 5-5 हजार रुपए दिए गए हैं। SDRF के प्रावधानों के अनुसार अब तक 10 परिवारों को 1.30 लाख रुपए प्रति परिवार दिए गए हैं।

बिना मुआवजा दिए जोशीमठ के दो होटल ढहाने के विरोध में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।

बिना मुआवजा दिए जोशीमठ के दो होटल ढहाने के विरोध में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।

कर्नाटक में PM की सुरक्षा में चूक, रोड शो के दौरान कार के करीब पहुंचा युवक, मोदी को माला पहनाने की कोशिश की

कर्नाटक के हुबली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया। पीएम यहां युवा महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वे रोड शो कर रहे थे, तभी एक युवक दौड़ता हुआ उनकी कार के गेट तक पहुंच गया और उन्हें माला पहनाने की कोशिश करने लगा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने युवक को फौरन रोक लिया। उधर, पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा में चूक से इनकार किया है।

इस घटना के कुछ देर बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां 26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया। इस मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि युवा शक्ति भारत का ड्राइविंग फोर्स है। युवा शक्ति की आकांक्षाएं भारत की मंजिल तय करती है। युवा शक्ति का जुनून भारत का रास्ता तय करता है। खिलौनों से लेकर टूरिज्म, डिफेंस से डिजिटल हर क्षेत्र में दुनिया में भारत छाया हुआ है। 

4. TMC विधायक के ठिकानों से मिले 11 करोड़ रु. कैश, बंगाल में 28 जगहों पर इनकम टैक्स का छापा, कुल 15 करोड़ रुपए बरामद
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और मुर्शिदाबाद में बुधवार-गुरुवार को करीब 28 जगहों पर छापेमारी की। इसमें 15 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए हैं। इनमें 11 करोड़ रुपए अकेले तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक जाकिर हुसैन के घर और कारखाने से मिले हैं।

हुसैन मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर से टीएमसी विधायक हैं। वे ममता बनर्जी की सरकार में श्रम मंत्री भी रह चुके हैं। हुसैन बीड़ी बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं। वे राइस और तेल मिल के भी मालिक हैं।​​​ ​​​मुर्शिदाबाद में ही दो और बीड़ी फैक्ट्रियों से लगभग 5.5 करोड़ जब्त किए गए। 

5. ऑटो एक्सपो में सस्ती कार्स, मारुति ने फ्लेक्स फ्यूल वाली कार दिखाई, टाटा ने दो सिलेंडर वाली देश की पहली CNG पेश की

ऑटो एक्सपो के दूसरे दिन मारुति ने अपनी ऑफ रोडर SUV जिम्नी को लॉन्च कर दिया। जिम्नी इंटरनेशनल मार्केट में काफी साल से मौजूद है। मारुति भारत में इसे पिछले पांच साल से अलग-अलग इवेंट्स में दिखाती आ रही है, लेकिन 2023 में आखिरकार इसे लॉन्च कर दिया गया है।

मारुति, टाटा और हुंडई जैसी कंपनियां जो अफोर्डेबल कार्स के लिए जाना जाती है, उसने भी इवेंट में ज्यादातर कारें 10 लाख से ज्यादा कीमत की ही पेश की है। कंपनियों का अब ज्यादातर फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल और CNG पर है। टाटा ने पहली बार ड्यूल सिलेंडर CNG पेश की है।

Ramswaroop Mantri

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें