,मुनेश त्यागी
अरे मानव,
तू जिंदा है तो,
जिंदों जैसी बात कर
जिंदा होने का सबूत दे।
कलाई नहीं
कालर पकड़,
कुछ हंगामा कर
जिंदा होने का सबूत दे।
नारे लगा
आवाज उठा,
मुट्ठी भींच कर
जिंदा होने का सबूत दे।
आंखें मिला
आंखें न चुरा,
आंखें दिखा कर
जिंदा होने का सबूत दे।





