, SC बोला- आने वाला है ट्रायल कोर्ट में फैसला मालेगांव विस्फोट केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है। कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला जल्द ही आने वाला है।
2008 के चर्चित मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है। कोर्ट का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है और वह जल्द ही इस पर निर्णय सुनाने वाला है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अब इसमें दखल नहीं देगा।
प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म
सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत रद्द करने की याचिका पर अब कोई विचार करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने शुक्रवार (2 मई) को विस्फोट पीड़ितों में से एक के पिता निसार अहमद द्वारा 2017 में दायर की गई याचिका का निपटारा किया है। जिसमें आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। साथ ही जमानत को रद्द करने की मांग की थी।
एनआईए कोर्ट में जल्द फैसला
इस मामले में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एजाज मजबूल ने बताया कि अब एनआईए कोर्ट (NIA Court) ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर आगे सुनवाई न करे। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला आने तक अब इस पर विचार की आवश्यकता नहीं है।
8 मई को आ सकता है फैसला
मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि 8 मई 2025 को एनआईए कोर्ट इस मामले में फैसला सुना सकता है। सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
जज का तबादला प्रस्तावित
इसी बीच जारी अधिसूचना के अनुसार जिस बेंच में यह मामला चल रहा है, उसके जज एके लाहोटी का तबादला प्रस्तावित है। लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें 31 अगस्त 2025 तक फैसले के लिए वर्तमान पद पर बने रहने की अनुमति दी है। ताकि वे मामले में फैसला सुनाकें।
2008 मालेगांव ब्लास्ट केस क्या है?
29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम विस्फोट में 6 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर आरोपी हैं। इस केस में कुल 108 गवाहों से पूछताछ की गई है। अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा समेत सात आरोपियों को जमानत दी थी। प्रज्ञा सिंह को 5 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली थी। कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर की स्वास्थ्य स्थिति और महिला होने को देखते हुए उन्हें राहत दी थी।





