अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

नासिक में हाई-प्रोफाइल ड्रामा: आंबेडकर का नाम लेना भूले मंत्री, महिला कर्मचारी की आपत्ति पर मांगनी पड़ी माफी

Share

महाराष्ट्र के नासिक में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उनके भाषण में डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख नहीं किए जाने पर एक वन विभाग की कर्मचारी ने आपत्ति जता दी। इस घटनाक्रम के बाद मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।

महिला कर्मी ने दर्ज करायी आपत्ति
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद महाजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान वन विभाग की कर्मचारी माधवी जाधव ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान का उत्सव है और ऐसे अवसर पर संविधान के शिल्पकार डॉ. आंबेडकर का नाम न लेना उचित नहीं है। उनके विरोध के बाद पुलिस ने दखल दिया और जाधव को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।

माधवी जाधव ने आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने भाषण में उन लोगों का नाम लिया जो लोकतंत्र और संविधान के लिए जिम्मेदार नहीं थे, जबकि डॉ. आंबेडकर का उल्लेख तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर की वजह से ही उन्हें सरकारी नौकरी मिली है और वह माफी नहीं मांगेंगी, चाहे प्रशासन उन्हें निलंबित ही क्यों न कर दे।

मंत्री ने स्वीकारी गलती और मांगी माफी
बाद में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का नाम न लेना पूरी तरह अनजाने में हुई चूक थी। उन्होंने कहा, मैंने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ जैसे नारे लगाए, लेकिन डॉ. आंबेडकर का नाम लेना रह गया। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैं हमेशा अपने भाषणों में उनका सम्मान करता हूं और इसके लिए माफी मांगता हूं।

इस घटना पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। मुंबई की सांसद और शहर कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान का उत्सव है और इसके निर्माताओं को भूल जाना भाजपा की महाराष्ट्र विरोधी सोच को दर्शाता है।

गायकवाड़ ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान माधवी जाधव द्वारा उठाई गई आपत्ति हर स्वाभिमानी मराठी नागरिक की भावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी को केवल सत्ता और पैसे की चिंता है, उन नेताओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है जिन्होंने देश और राज्य को दिशा दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता सत्ता के नशे में चूर ऐसे मंत्रियों को कभी माफ नहीं करेगी।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें