इंदौर *जीते जी कोई आंसू पोछने वाला नही था, मृत्यु हुई तो वो भी लावारिश की तरह कोई कंधा देने वाला नही मिला*
मोक्ष की राह दे रखे पांच अज्ञात शवो की मोक्ष प्राप्त होने तक की दास्तान।।

इंदौरी समाज सेवियों का जज्बा एक साथ दिया कंधा ऐसे पांच अज्ञात शवो को जिनका इस संसार में कोई नही, बेटे की तरह किया सभी का अंतिम कार्य।-
सच कहते है की मां अहिल्या की नगरी से कभी कोई निराश नही जाता ऐसा ही वाकिया शनिवार को देखने को मिला इंदौर शहर में जब अज्ञात, लावारिश,बीमार, मानसिक रोगियों एवं बुजुर्गो के लिए कार्य करने वाले एक यूवाओ के ग्रुप को इंदौर शहर के अलग अलग पुलिस थाने से एक साथ कॉल आए की एक साथ पांच शव जिनका परिवार और कोई नाते रिश्तेदार नही है एमवाय हॉस्पिटल की मुर्चरी में मोक्ष की राह देख रहे हे। ये खबर सुन यूवाओ का ग्रुप भी अचंभित हो उठा, क्युकी पिछले कई सालों से ये ग्रुप लावारिश शवो का परिवार बन उनका अंतिम संस्कार धर्म अनुसार करते आ रहे थे ,परंतु एक ही दिन में इतनी संख्या में शवो का आजाना सभी के लिए एक अचम्बे से कम नही था।
सबसे पहले सारे युवा पूरी तैयारी के पास सभी पावन शवो को लेने हॉस्पिटल पहुंचे। तमाम कागजी कार्यवाही करने के बाद सभी ने आपस में राशि इक्ट्ठी कर पूरे सम्मान के साथ सभी शवो को ले कर जुनी इंदौर मुक्ति धाम पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं रीति रिवाज से सभी ने पांचों अज्ञात बुजुर्गो का अंतिम संस्कार किया।
*30 साल में कोरोनो काल के बाद पहली बार इतने अंतिम संस्कार एक साथ किया*
संस्था के वरिष्ठ करीम पठान और फिरोज पठान बताते हे की पिछले 30 वर्षो से अज्ञात शवो की सेवा ईश्वरीय कार्य समझ करते आ रहे हे परंतु कोरोना महामारी के बाद पहली बार एक साथ पांच शवो को अपना कर उनका अंतिम कार्य किया गया।
संस्था के सदस्य पंडित जय्यू जोशी ओर सुनील ठाकुर ने बताया की इस वर्ष के शुरुवात से अभी तक 50 लावारिश का परिवार बन उनका अंतिम कार्य किया गया एवं उनकी पावन अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया गया।
*जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी*
यूवाओ का ये ग्रुप इसी सिद्धांत पर कार्य करता हे। जीवित लोगो के लिए महाकाल संस्था एवं मृत व्यक्ति के लिए सुलताने इंदौर के माध्यम से कार्य किया जाता है।।
*सभी धर्म के युवा हे इस ग्रुप में*
संस्था की विशेष बात ये हे की यूवाओ की इस टीम में हर धर्म के हर आयु के लोग मौजूद हे जो समय अनुसार अपना योगदान मानव सेवा के कार्यों में देते रहते हे।
आज के इस मानवीय कार्य में संस्था के जय्यू जोशी, करीम पठान, फिरोज पठान, प्रियांशु पांडे, सुनील ठाकुर, पंकज कटारिया, पंडित श्याम शर्मा, अल्तमश पठान, फरहान पठान, कृष्णा सोनी, दिनेश चावला, नारायण अग्रवाल 420 पापड़, चर्चित अग्रवाल, टीटू तिवारी संजय होलकर अशोक गोयल साहिल आनंद सभी दोनों टीम के सहयोग से कार्य संपन्न हो पाया ।





