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रूस-यूक्रेन जंग को रोकने के कितने रास्ते?

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फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब इतना उलझ चुका है कि सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. इसे समाप्त करने के लिए कई जटिल मुद्दों पर सहमति जरूरी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की 18 अगस्त 2025 को वाशिंगटन में होने वाली मुलाकात से काफी उम्मीदें हैं. ये शांति की दिशा में एक कदम हो सकती है. हालांकि यहां पर भी कई पेंच फंसे हुए हैं.

व्लादिमीर पुतिन ने तो अलास्का मीटिंग में अपनी तरफ से डोनबास इलाके के बदले में युद्ध रोकने के संकेत दे दिए हैं लेकिन मसला ये है कि इतना अहम इलाका यूक्रेन कैसे छोड़े? अमेरिकी प्रेसिडेंट तो इस समाधान से संतुष्ट नजर आ रहे हैं लेकिन यूरोपीय देश इसे यूक्रेन की संप्रभुता से जोड़कर देख रहे हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर वो क्या रास्ते हो सकते हैं, जिससे ये महासंग्राम रुक सकता है

रूस ने 30 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई है, जिसमें यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने की बात कह रहा है. यह युद्धविराम स्थायी शांति समझौते की ओर पहला कदम हो सकता है. अगर डोनबास यानि डोनेत्स्क और लुहांस्क को तटस्थ क्षेत्र यानि डीमिलिट्राइज्ड जोन बना दिया जाए, तो दोनों पक्षों में तनाव कम हो सकता है.

लैंड स्वॉप का फॉर्मूला

जैसा कि रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन, और जापोरिझिया को औपचारिक रूप से छोड़ दे. ट्रंप ने सुझाव दिया कि खेरसॉन और जापोरिजिया में रूसी सेना स्थिर हो सकती है, जबकि डोनबास रूस को मिल सकता है. हालांकि, जेलेंस्की ने डोनबास छोड़ने से इनकार किया है, क्योंकि यह यूक्रेन के डिफेंस को कमजोर करेगा. एक संभावित समझौता यह हो सकता है कि कुछ क्षेत्रों में जनमत संग्रह हो, जैसा कि 2014 में क्रीमिया में हुआ. हालांकि यह विवादास्पद होगा.

नाटो को भूल जाए यूक्रेन

रूस की प्रमुख मांग है कि यूक्रेन नाटो में शामिल होने की इच्छा त्याग दे. पुतिन ने नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी देने की पेशकश की है, जो एक समझौता हो सकता है. यूक्रेन तटस्थता स्वीकार करने से हिचक रहा है, लेकिन अगर अमेरिका और यूरोपीय संघ मजबूत सुरक्षा गारंटी दें, तो यह संभव हो सकता है.

नाटो और अमेरिका का ब्रेक-अप

फिलहाल जो स्थिति है, उसमें एक रास्ता ये भी हो सकता है कि अमेरिका खुद को नाटो से अलग कर ले. यूक्रेन को हथियार का खर्च देने के मामले में पहले ही उनकी बहस हो चुकी है. अब अमेरिका चाहता है कि रूस के साथ यूक्रेन समझौता कर ले और डोनाल्ड ट्रंप की मिस्टर सीजफायर वाली इमेज नोबल के मंच तक पहुंच जाए. हालांकि यूरोपीय देश यूक्रेन के साथ जिस मजबूती से खड़े हैं, हो ये भी सकता है कि वो यूक्रेन को समर्थन देते रहें और ये युद्ध जारी रहे.

Ramswaroop Mantri

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