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पड़ोसी से विवाद तो SDM की जगह पुलिस कोर्ट में होगी सुनवाई

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इंदौर

पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने की स्थिति में कई तरह के बदलाव होंगे, जो आमजन को भी प्रभावित करेंगे। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच ने कहा कि हर सिस्टम की कोई न कोई अच्छाई होती है। जब सीएम ने घोषणा कर दी है तो यह कोशिश करना चाहिए कि इस तरह से सिस्टम लागू हो कि लोगों को लाभ मिले।

बड़े शहरों में यह व्यवस्था तो पहले से रही है, अब जब यह लागू होगा तो देखना होगा कि इसमें किस तरह के प्रस्ताव हैं और कैसे लागू किया जा रहा है। वहीं, कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शासन का जो भी फैसला होगा, वह मान्य है। हम उन्हीं के नियमों से ही कार्य करते हैं।

उपद्रव की स्थिति में पुलिस मौके पर ही फैसला ले सकेगी, लाठीचार्ज, गोली चलाने के आदेश दे सकेगी

Q. पुलिस कमिश्नरी लागू होने पर मामूली विवाद होने पर क्या सीधे गिरफ्तारी होगी?
A. नहीं, प्रतिबंधात्मक धारा 107, 116 वहां लगती है, जहां दो पक्षों में सामान्य विवाद जैसे पड़ोसी के झगड़े, सड़क पर विवाद आदि होते हैं। अभी पुलिस एसडीएम कोर्ट में इश्तगासा पेश करती है, वहां एसडीएम दोनों पक्षों को नोटिस देकर सुनवाई करते हैं और समझाइश देते हैं। पुलिस कमिश्नरी में एसडीएम की जगह पुलिस कोर्ट में केस जाएगा, जहां एएसपी सुनवाई करेंगे।

Q. आदतन अपराधियों, गुंडों पर बड़ी कार्रवाई होगी?
A. आदतन अपराधियों, गुंडों के खिलाफ पुलिस अभी प्रतिबंधात्मक धारा 110 में एसडीएम कोर्ट में इश्तगासा पेश करती है। वहां से वारंट जारी होता है और गुंडे को पेश किया जाता है। कोर्ट को सही लगता है तो बाउंडओवर किया जाता है। इसके उल्लंघन पर जेल भेजने के लिए भी पुलिस फिर आवेदन लगाती है। पुलिस कमिश्नरी में गुंडों को सुना जाएगा, लेकिन पुलिस की सख्ती होगी, जिसमें बाउंडओवर होगा और उल्लंघन पर सीधे जेल।

Q. धारा 151 का उपयोग भी क्या पुलिस करेगी?
A. हां, पुलिस कमिश्नरी में यह अधिकार भी एसडीएम की जगह पुलिस कोर्ट में जाएंगे। इसमें विवाद करने वालों को पुलिस सीधे पकड़कर कोर्ट में पेश करेगी और वहां थाने की रिपोर्ट के आधार पर जेल भेजने जैसे आदेश सीधे हो सकेंगे।

Q. हथियारों के लाइसेंस को लेकर क्या होगा?
A. इसके लिए पुलिस कमिश्नरी में अलग-अलग मॉडल है। अधिकांश जगह यह अधिकार पुलिस कमिश्नर को दिए गए हैं। संभव है इंदौर, भोपाल में यह अधिकार कलेक्टर के पास ही रहें।

Q. आबकारी लाइसेंस, पब आदि को लेकर क्या अधिकार होंगे?
A. राजस्व मामले में अधिकार पुलिस कमिश्नरी को जाने की संभावना नहीं है और यह आबकारी विभाग द्वारा कलेक्टर के निर्देशन में ही होगा।

Q. लाठीचार्ज, गोली चलाने के आदेश का क्या होगा?
A. उपद्रव या अन्य तनाव की स्थिति में पुलिस कलेक्टर, एडीएम से पूछती थी, नई व्यवस्था में पुलिस मौके पर फैसला लेगी और पुलिस कमिश्नर ही मंजूरी देंगे।

Q. धारा 144 में लॉकडाउन या अन्य प्रतिबंध के अधिकार किसे होंगे?
A. लॉ एंड ऑर्डर मामले में यह अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास जा सकते हैं और कोविड जैसी महामारी व अन्य मामलों में यह अधिकार समानांतर रूप से कलेक्टर के पास रह सकते हैं।

Ramswaroop Mantri

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