काेलकाता
श्चिम बंगाल में भाजपा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चुनाव के पहले से जारी तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। राज्य में मुख्य विपक्षी दल भाजपा विधायक दल के नेता और नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
दरअसल, बॉडीगार्ड की मौत के मामले में बुधवार को CID की टीम ने शुभेंदु के घर दबिश दी। वहीं दूसरी ओर कोलकाता हाईकोर्ट ने भी नंदीग्राम में उनकी जीत के खिलाफ लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें नोटिस थमा दिया है।
पहला मामला: बॉडीगार्ड की मौत के मामले में पत्नी ने की थी जांच की मांग
बंगाल CID की स्पेशल टीम ने बंगाल विधानसभा के विरोधी दल नेता शुभेंदु अधिकारी के घर पर उनके पूर्व सुरक्षा गार्ड शुभव्रत चक्रवर्ती के अस्वाभाविक मौत के मामले में जांच करने पहुंची। शुभ्रवत की पत्नी सुपर्णा कांजीलाल चक्रवर्ती ने मेदिनीपुर जिले के काफी थाने में अपने पति के रहस्य में मौत की जांच की मांग को लेकर FIR करवाई थी। बंगाल पुलिस ने मामले की जांच CID के हवाले कर दिया था। CID की टीम दोपहर 3 बजे के आसपास शुभेंदु के घर पहुंची। राजनीतिक हलको में चर्चा है कि ममता ने राजनीतिक प्रतिशोध के चलते शुभेंदु के पीछे CID को लगाया है।
नंदीग्राम में शुभेंदु की जीत को ममता ने दी चुनौती
इधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनावी याचिका पर सुनवाई करते कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी बुधवार को शुभेंदु अधिकारी को नोटिस जारी किया है। याचिका में 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने 12 अगस्त तक नोटिस का जवाब मांगा है।

जस्टिस शंपा सरकार ने नोटिस के अलावा चुनाव आयोग को भी निर्देश दिया कि चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेज, चुनाव पत्र, उपकरण, वीडियो रिकॉर्डिंग आदि को सुरक्षित रखना चाहिए। कोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर के साथ आयोग के CEO और इलेक्शन कमिशन को भी मामले में पक्षकार बनाया है।
‘ममता को नहीं हराया तो सन्यास ले लूंगा’
बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में हुए विधानसभा के दौरान सबकी नजर नंदीग्राम सीट पर थी। कभी ममता बनर्जी के खास रहे शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा में जाने के बाद दीदी को खुलेआम चुनौती दे दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से लड़ेंगी तो मैं उनहें हरा दूंगा, अगर मैं ऐसा नहीं कर पाया तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा।
बाद में जब 2 मई को परिणाम आए तो शुभेंदु 1956 वोटो से विजयी हुए। हालांकि ममता ने धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव परिणाम को हाइकोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी।





