उज्जैन: आगामी सिंहस्थ 2028 से पूर्व उज्जैन नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी, स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 8 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर रही है. खास बात यह है कि इस अभियान में अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं. इन दिनों शहर में गली-गली, स्कूल, दफ्तर, कमर्शियल इलाकों में प्लास्टिक का दानव बन एक शख्श को घूमता देखा गया. हालांकि, प्लास्टिक के दानव के गेटअप में एक युवती है, जो जागरूक टीम की सदस्य है.
टीमें गली-गली जाकर कर रहीं जागरूक
प्लास्टिक के दानव को देख हर कोई हैरान हो रहा है. पूरे शरीर पर सिंगल यूज प्लास्टिक और अनोखा ग्रीन मुखौटा लगाए हुए दानव लोगों को बता रहा है कैसे आपको गीला सूखा कचरा अलग अलग करना है. इसका साथ ही वो अन्य तरह की भी जानकारी दे रहा है. जागरूक करने वाली टीमें मार्केट ही नहीं, स्कूल, घर, दफ्तर, कॉलेज, होटल आदि जाकर लोगों तक अपनी बात पहुंचा रही हैं, जिसमें नाट्य व अन्य तरीके भी शामिल हैं.
जागरूकता अभियान में 8 करोड़ होंगे खर्च
नगर निगम कमिश्नर ने बताया, “स्वच्छता में कचरा कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और प्रोसेसिंग का महत्व उतना ही है जितना की जनभागीदारी का है. सिटीज 2.0 कैंपेन के तहत स्मार्ट सिटी को स्वच्छता संवाद का प्रोजेक्ट मिला है. इसके तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इसके लिए सरकार 8 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर रही है. ये प्रोजेक्ट 3 साल के लिए है. इस अभियान को सफल बनाने के लिए 4 एजेंसियां काम में जुटी हुई हैं. ये जोन और वार्ड में डोर-टू-डोर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं. साथ ही टीमें लोगों से स्वच्छता को लेकर फीडबैक भी ले रही हैं.”

उज्जैन में कचरा मैन लोगों को पढ़ा रहा स्वच्छता का पाठ
कहां और कैसे फेंकना है कचरा समझा रही टीमें
फीडबैक फाउंडेशन एजेंसी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमोद पाठक ने बताया, “उनकी एजेंसी को शहर के 54 में से 13 वार्ड में बांटा गया है, जो कि जोन 6 और जोन 4 में काम कर रही हैं.” प्रमोद पाठक का कहना है, “इनफार्मेशन एजुकेशन और कम्युनिकेशन(IEC) और बिहेव चेंजर कम्युनिकेशन (BCC) थीम के तहत हम काम कर रहे हैं. इसमें हम कचरा संग्रहण, कचरा वाहन में कैसे गीला, सूखा, प्लास्टिक, कांच व अन्य रखना. कचरे को अलग-अलग रखकर 100 फीसदी उसका मैनेजमेंट कैसे करना है. इस बारे में जागरूक कर रहे हैं.”

गलियों में घूम रहा कचरा मैन (
घरों से निकलने वाले कचरे का किया जा रहा सर्वे
ओम साईं विजन एजेंसी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण पटेल ने बताया, “मेरे पास जोन 5 और 2 के कुल 13 वार्ड हैं. जहां इनफार्मेशन एजुकेशन और कम्युनिकेशन, बिहेव चेंजर कम्युनिकेशन के साथ साथ मतलब बल्क वेस्ट जनरेट (BWG) सर्वे कर रहे हैं. इसके तहत हम घर-घर तक पहुंच कर एक घर से निकलने वाले कचरे की क्षमता की जानकारी ले रहे हैं. साथ ही कोई किरायेदार है तो उसकी अलग से रिपोर्ट तैयार कर रहे है. यह सर्वे कचरा शुल्क के लिए काम आएगा. 25 किलो से ज्यादा का कचरा अगर कहीं से निकलता है, तो उसकी अलग से रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
स्वच्छता में उज्जैन अग्रणी: महापौर मुकेश टटवाल
श्रष्टि वेस्ट मैनेजमेंट के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर गजेंद्र सेंगर और डिवाइन वेस्ट मैनेजमेंट के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर निखिल जाधव की टीम भी काम कर रही है. महापौर मुकेश टटवाल ने बताया, “उज्जैन स्वच्छता में अग्रणी शहर है. धार्मिक नगरी में हर रोज लाखों की संख्या में दर्शन आरती करने लोग आते हैं. लाखों की संख्या में शहर की जनसंख्या है. 500 टन पूरे जिले से कचरा हर रोज निकलता है. हमने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में 3 से 10 लाख की जनसंख्या की श्रेणी में सुपर स्वच्छता लीग में पहला स्थान हासिल किया. धर्मनगरी के लिए गर्व का विषय है.”





