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इंदौर पुलिस कमिश्नर ने लिया थाना प्रभारियों का एग्जाम

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 इंदौर में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के एग्जाम में कौन पास और कौन फेल. कौन बना टॉपर और किसे मिले ग्रेस मार्क. आखिर कमिश्नर साहब थाना प्रभारियों का कौन सा एग्जाम ले रहे हैं. आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर माजरा क्या है. दरअसल थाना प्रभारी को 100 नंबर का एग्जाम देना होगा. सबसे ज्यादा अंक सीएम हेल्पलाइन नंबर और महिला संबंधित अपराध के केस में बेहतर कार्य करने में मिलेंगे. एग्जाम में नंबर UPPSC की तर्ज पर मिलेंगे. इसका मतलब है कि माइनस मार्किंग भी होगी. आदतन अपराधी ने अगर किसी घटना को अंजाम दे दिया, तो माइनस 50 अंक दिए जाएंगे. 15 अंक सीएम हेल्पलाइन और महिला संबंधित अपराध के लिए अच्छे कार्य करने पर पूरे थाने को दिए जाएंगे. 100 नंबर के एग्जाम में टॉपर बनने के लिए थाना प्रभारियों को 20 पैरामीटर्स पर खरा उतरना होगा.इस नई व्यवस्था का मकसद थाना क्षेत्र की वर्किंग को अधिक प्रभावी पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है. अच्छे परफॉर्मेंस पर थाना प्रभारी को इनाम दिया जाएगा. वहीं कमजोर थाना प्रभारी की ट्रेनिंग होगी. ट्रेनिंग के बावजूद भी अगर थाना प्रभारी के कार्यों में सुधार नहीं होगा, तो विभागीय कार्रवाई होगी.

इसी आधार पर शहर में पहली बार पुलिस कमिश्नरेट के थानों का मूल्यांकन हुआ है. जनवरी महीने के परिणाम जारी हुए, जिसमें विजयनगर थाना टॉपर बना. खजराना थाना 90 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है और सेंट्रल कोतवाली थाना 15 अंक के साथ फेल हुआ. वहीं एमआईजी छोटी ग्वालटोली और द्वारकापुरी थाना ग्रेस मार्क्स के साथ पास हुए हैं. इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने शहरी क्षेत्र के 32 थानों की रैंकिंग सूची जारी की है.

बेहतर पुलिसिंग के लिए मूल्यांकन
अपराधों पर नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए स्थान के कामों का मूल्यांकन शुरू हुआ है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थान की वर्किंग को अधिक प्रभावी पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है. अच्छे परफॉर्मेंस पर थाना प्रभारी को इनाम मिलेगा. वहीं कमजोर थाना प्रभारी को ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग के बावजूद भी अगर थाना प्रभारी के कार्यों में सुधार नहीं होगा, तो उसके बाद विभागीय कार्रवाई होगी. अगर थाना प्रभारी फिर भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें लाइन अटैच कर दिया जाएगा.

 बेहतर पुलिसिंग के लिए मूल्यांकन
अपराधों पर नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए स्थान के कामों का मूल्यांकन शुरू हुआ है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थान की वर्किंग को अधिक प्रभावी पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है. अच्छे परफॉर्मेंस पर थाना प्रभारी को इनाम मिलेगा. वहीं कमजोर थाना प्रभारी को ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग के बावजूद भी अगर थाना प्रभारी के कार्यों में सुधार नहीं होगा, तो उसके बाद विभागीय कार्रवाई होगी. अगर थाना प्रभारी फिर भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें लाइन अटैच कर दिया जाएगा.

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किन पैरामीटर पर मूल्यांकन?
इस एग्जाम के लिए महिला एवं बाल संबंधित अपराध, सीएम हेल्पलाइन मोहल्ला समिति की बैठक, आम जनता की शिकायती आवेदन, सीसीटीएनएस रिकॉर्ड, शराब पकड़ने, चोरी का माल बरामद, वारंट, फैमिली जेल भेजने, प्रीवेंटिव कार्रवाई जैसे- प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, लॉ एंड ऑर्डर संभालने जैसे कई पैरामीटर तय किए गए थे. इन्हीं के आधार पर स्थान का मूल्यांकन किया गया. बेहतर काम के लिए नंबर मिले, तो आदतन अपराधी के गुनाह पर नंबर कटे भी.

कमिश्नर संतोष कुमार सिंह लेंगे क्लास
95 अंकों के साथ विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने टॉप किया, तो वहीं 15 अंकों के साथ सेंट्रल कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र पाराशर फेल हुए. कमिश्नर संतोष कुमार सिंह अब फेल हुए थाना प्रभारी की 10 दिन क्लास लेंगे. टीआई साहब अच्छे से पढ़िएगा क्योंकि आम जनता आपके भरोसे ही खुद को सुरक्षित महसूस करती है, इसलिए आपका पास होना बेहद जरूरी है और वो अभी अच्छे अंकों के साथ.

Ramswaroop Mantri

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