इंदौर में क्लॉथ मार्केट में घनश्याम चाट हाउस में इतनी बड़ी पानीपुरी 45 साल से बन रही है। साइज ही नहीं, स्वाद के लिए भी ये फेमस है। नॉर्मल पानीपुरी से यह दोगुना से भी ज्यादा बड़ी है।
दुकान पर रोजाना पांच घंटे में ही 5 हजार पानी-पुरी बिक जाती हैं। यानी यहां ग्राहक हर मिनट 17 पानीपुरी खाते हैं। अधिकतर लोग इसे बिना बिखरे खा ही नहीं पाते। मुंह में डालने की कोशिश के दौरान ही पानीपुरी फूट जाती है।
कैसे शुरू हुई, क्यों इस पर लगती है शर्त…

इंदौर में घनश्याम चाट सेंटर, जहां मिलती है यह यूनीक पानीपुरी।
पहली बार 45 साल पहले बनी इतनी बड़ी पानीपुरी
ये पानीपुरी बनाने की शुरुआत 45 साल पहले इंदौर से ही हुई थी। तब 30 साल तक मिल में काम करने के बाद मिश्रीलाल शर्मा ने ठेला लगाकर पानीपुरी बेचना शुरू किया। मिश्रीलाल ने बड़ी साइज की पानीपुरी ही बनाई जो इंदौरियों के लिए बिल्कुल नया था। साइज देख शुरू में लोगों को थोड़ी हैरत तो हुई, मगर इस बड़े साइज ने ही अलग पहचान दिलाई।घनश्याम शर्मा और उनके बेटे सागर शर्मा इस दुकान को संभालते हैं।
बेटे ने संभाली पिता की विरासत
पानीपुरी के ठेलागाड़ी से शुरुआत करने वाले मिश्रीलाल शर्मा के बेटे घनश्याम शर्मा 16-17 साल की उम्र से ही पिता का हाथ बंटाने लगे। उन्होंने भी पानीपुरी के बड़ी साइज से कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं किया। पानीपुरी का व्यापार अच्छा चलने लगा तो उन्होंने क्लॉथ मार्केट चौक में ही एक दुकान ले ली। घनश्याम शर्मा के बेटे सागर शर्मा और उनके छोटे भाई भी इस पुश्तैनी धंधे को संभाल रहे हैं।

पानीपुरी की दुकान पर सफाई और हाइजीन का खास खयाल रखा जाता है। दुकानदार ग्लव्स पहनकर पानीपुनी बनाकर ग्राहकों को खिलाते हैं।
अब बात पानीपुरी खाने के अनूठे रिकॉर्ड की जो आज तक नहीं टूटा…
शर्त लगी और खा लिए 86 पानीपुरी
सागर शर्मा ने बताया कि दुकान पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी आते हैं। इसमें स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स भी हैं। 30 साल पहले भी कुछ कॉलेज के स्टूडेंट्स यहां आए थे। दुकान पर उनमें शर्त लगी कि जो पहले दोना (पत्ते की कटोरी) फेंकेगा पैसे वही देगा। दोस्तों में लगी इस शर्त में एक स्टूडेंट ने 86 पानीपुरी खाई और रिकॉर्ड बना दिया। ये रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है।
लगभग दस साल पहले एक बार रिकाॅर्ड को तोड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दुकान पर पानीपुरी खाने का दूसरा रिकॉर्ड एक बैंक की महिला मैनेजर के नाम है। उन्होंने यहां बड़े साइज के 51 पानीपुरी खाई थी।

दुकान पर पहली बार आने वाले ग्राहक पानीपुरी का साइज देखकर हैरान हो जाते हैं। एक बार में इस पताते को कोई नहीं खा पाता।
रोजाना पांच हजार पानीपुरी की बिक्री, कमाई 15000
रोजाना इस दुकान पर 5 हजार नग पानीपुरी बिक जाती है। पानीपुरी की प्लेट 15 रुपए और दही पुरी की प्लेट का रेट 20 रुपए है। एक प्लेट में 5 पीस आते हैं। प्लेट के हिसाब से यह आंकड़ा लगभग एक हजार प्लेट (पानी-पुरी+दही-पुरी) का है। इस लिहाज से देखा जाए तो दुकान पर रोज लगभग 15 हजार रुपए की पानीपुरी बिक जाती है।
दुकान पर रोजाना 60 लीटर पानी की खपत होती है। इसमें ढाई किलो मिर्ची, एक किलो पुदीना और डेढ़ किलो धनिया डाला जाता है। 2 किलो अमचूर, आधा-आधा किलो काला नमक और सादा नमक, आधा ग्राम हींग और आधा किलो जीरा इसमें पड़ता है। दुकान पर एक 45 लीटर का एक घड़ा रखा है, पानी खत्म होने पर पहले से बना हुआ पानी घड़े में डालते हैं।
गुड़-अमचूर से मीठी चटनी तैयार होती है। रोज 15 से 20 किलो आलू का मसाला बनाया जाता है। पुरी तैयार करने के लिए चंदौसी गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। वह भी वे खुद ही पिसवा कर लाते हैं। गेहूं के आटे में रवा डालकर कुरकुरी पुरी तैयार की जाती हैं।

45 लीटर के स्टील के घड़े में खट्टा पानी रखा जाता है। दुकान पर रोजाना 60 लीटर पानी की खपत होती है।
रोज करीब दस किलो आटा और रवा से तैयार होती है पुरी
पुरी बनाने के लिए शर्मा परिवार एक नाप का इस्तेमाल करता है। ढाई सौ ग्राम की एक कटोरी से आटा और रवा (36 कटोरी) लिया जाता है। परिवार के सदस्य ही इस पूरे काम को रोजाना करते हैं। संडे छोड़कर पूरे हफ्ते परिवार के लोग सुबह पांच बजे उठकर पुरी और पानी के लिए मसाला तैयार करते हैं। खट्टा पानी दुकान पर ही तैयार होता है।

दुकान खोलने का टाइम भी यूनीक
अमूमन अधिकतर दुकानों का टाइम सुबह से रात तक होता है, लेकिन घनश्याम चाट हाउस का टाइम थोड़ा अलग है। ये दुकान दोपहर 1 बजे खुलती है और शाम 6 बजे बंद हो जाती है। दुकान जल्दी बंद करने की भी एक वजह है। 6 बजे तक दुकान पर पानीपुरी खत्म हो जाती है। इसलिए शाम होते ही दुकान पर ताला लग जाता है।

इसे देखते ही मुंह में पानी आना स्वाभाविक है। दुकान पर दही पुरी भी मिलती है।
हाइजीन और क्वालिटी का रखते हैं विशेष ध्यान
घनश्याम चाट पर हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाता है। खाने की क्वालिटी से भी कोई समझौता नहीं होता। यहां आने वाले ग्राहक खुद ही यहां की क्वालिटी की तारीफ करते हैं। दुकान पर पहुंची निशा भाखर कहती हैं कि यहां का स्वाद एक नंबर है। पानीपुरी का साइज काफी बड़ा है लेकिन इसका स्वाद और क्रिस्पिनेस कुछ अलग ही है। सागर के दीपक माहेश्वरी ने बताया कि वे जब भी इंदौर आते हैं, घनश्याम चाट में पानीपुरी जरूर खाते हैं। पिछले 30 सालों से वे इस दुकान पर आ रहे हैं।
राजेश माहेश्वरी ने बताया कि पिछले 25 सालों से वे यहां पर पानीपुरी खाने आते हैं। यहां की पानीपुरी का टेस्ट एकदम मस्त है। राजकुमार शर्मा ने बताते है कि पिछले दस सालों से यहां पानीपुरी खाने आ रहे हैं। उनका कहना है कि दुकान पर सफाई पर बहुत ध्यान दिया जाता है।





