अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

बहुत ज़रूरी है दानवों के दमन का संकल्प लेना

Share

सुसंस्कृति परिहार
विजयादशमी पर्व ये स्मरण दिलाने प्रतिवर्ष आता है कि जब जब भारत भू पर अत्याचार बढ़ा है तब तब भगवान राम ने मानव अवतार लेकर अपने दल बल के साथ दानवों का दमन किया।हर भारतवासी दानवों के दमन हेतु राम की प्रतीक्षा करता है और प्रतीक स्वरूप विजयादशमी मनाता है।
वषों से राम की प्रतीक्षा में बैठे भारत के प्रजाजनों के कारण आज भारत देश अनेकानेक दानवों का घर बन गया है। नारियों के अपहरण की दास्तां अब रावण जैसी नहीं रही वे तो यौन हिंसा की भारी भरकम पीड़ा के साथ अब पुलिस बल के द्वारा जलाई भी जाने लगी हैं।अब तो एक वजीर आला के पुत्तर प्यारे मेहनतकश किसानों पर गाड़ियां चढ़ाकर उन्हें मार चुके हैं।धन्नासेठ इतने बेरहम और बेशर्म हो गए हैं कि देश की मिल्कियत को अपनी बनाने में लगे हैं। अनपढ़ राजा सब बेचे जा रहा है।राजकोष खाली हुआ जा रहा है। राज की सीमाएं चारों ओर से शत्रुओं से घिर गई  हैं।प्रजाजनों को अंधभक्ति और अंधश्रद्धा के अंधेरे में रोशनी की किरण दिखाई जा रही है।ताली थाली बजाकर , मोमबत्ती जलाकर कोरोनावायरस भगाने की कसरत के बाद जब कोरोनावायरस नहीं मांगा तो वैक्सीन के डोज के नाम पर राजा के साथ चारण नर्तन में लगे हैं उपलब्धियों के आंकड़े परोस कर प्रजा को ख़ुश किया जा रहा है। झूठे वादों की पोटली खोलता राजा मंहगाई, बेरोजगारी की मार से जनता को मरने मारने तैयार कर रहा है।जनता क्या करें बेबस है।वह परस्पर लड़ने भी लगी है। लेकिन बहुतेरे लोग गांधी के सत्य , अहिंसा और शांति के मूलमंत्र को आज भी पकड़े हुए है जबकि राजा गोडसे वादियों की तरफदारी में लगा है।वह तो आजकल अंग्रेजों से पांच बार माफी मांगने वाले माफीवीर सावरकर को राष्ट्रपिता बनाने की कोशिश में लगा है और ये भी एक वजीर से कहला रहा है कि माफी गांधी के कहने से मांगी गई थी। गांधी के रास्ते 11माह से चल रहे आंदोलनरत किसानों के बीच से सात सौ से अधिक किसान मर गए  पर राजा और उसके दल वाले दुख से तसल्ली के दो शब्द भी नहीं बोले।हत्यारे की पृष्ठभूमि से आया यह राजा मंहगाई और अपने करीबी बैंक लुटेरों द्वारा खाली खजानों के बावजूद नये संसद-भवन के साथ,  अपना महल भी तामीर कर रहा है।देश में अमानवीयता बढ़ रही है।दीगर कौम के लोगों की माबलिंचिंग कर हत्यायें बढ़ रही है। दलित और पिछड़ा वर्ग भी इसे नापसंद है।वो पूरा मनुवादी हैं। स्त्रियों को घर में कैद देखना चाहता हैं। पिछड़े और दलित से सिर्फ दासत्व की अपेक्षा रखता हैं तंत्र मंत्र से सब संभव करने की इच्छाधारी राजा शिक्षा और विज्ञान का शत्रु है।जबकि भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों के आगे दुनियां नतमस्तक है।लोगों का ख्याल है कि ये तानाशाही के लक्षण है हाथी के खाने के दांत और दिखाने के और होते हैं।माजरा यही है इनकी कथनी और करनी में कोई तालमेल नहीं होता है।विदेश जाकर गांधी और नेहरू कोश्रद्धासुमन अर्पित करते हैंऔर यहां उनकी खिलाफत का बिगुल बजाते हैं।ख़ुद को रंक मानते हैं और गरीबों से नफ़रत करते हैैं मुस्लिम समाज को कभी एक डी एन ए का बताते हैं और जब समाज का कोई शख्स प्रताड़ित होता है तो भेदभाव करते हैं।यह नफ़रत भारत विभाजन से पहले की है जो आज चरम पर है।ये तमाम हालात इस बात को रेखांकित करते हैं कि वर्तमान लोकतांत्रिक देश में राजशाही बहुत बुरे दौर में है।लोग इस वक्त रावण और अंग्रेजों के काल से भी बुरे समय में हैं।घर घर —का नारा अब घर घर दानव बन चुका है। ऐसे हालात में बस मानवता से परिपूर्ण मानव का ही सहारा है।
इस बीच बंगाल की भूमि से ऐसे दानवों का अंत का बीड़ा ममता ने उठाया और वहां से राजा के दल का सर्वनाश कर दिया है इस घटना ने देश भर के लोगों में विश्वास जताया है।छै दशक देश में शासन करने वाली पार्टी में विश्वास जागा है।उधर किसानों की ताकत और कांग्रेस में बढ़ती युवा शक्ति निर्भीक होकर इन दानवों के विनाश हेतु अग्रिम पंक्ति में खड़ी हो गई है। किसानों को कुचलने वालों के विरोध में लखीमपुर-खीरी में हत्यास्थल पर हुई अरदास ने उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के तमाम हत्यारों को हिला के रख दिया है। दूसरी तरफ भारत के गौरवशाली अतीत वाले परिवार की बहादुर बेटी प्रियंका ने जिस अडिगता और जोश से इन दानवों को ललकारा है। इन्हें जनता का मज़बूत साथ और विश्वास चाहिए। गांधी के सिद्धांतों के विरोध में खड़े इन हत्यारों,झूठों को समाप्त करने ना तो तीर चाहिए ना तलवार सिर्फ और सिर्फ जहां जहां चुनाव हों इस दानव दल का खात्मा करने का बीड़ा उठाएं। बहुत हुआ दमन और अत्याचार अब की बार सत्य और अहिंसक सरकार। जब तक यह परिवर्तन नहीं आया तब तक कोशिश जारी रखें। हम सब राम के वंशज हैं आइए दानवों से मुक्ति के लिए संकल्पित हो।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें