23 और 24 फरवरी की हड़ताल को कामयाब बनाएंगे इंदौर के श्रम संगठन
इंदौर। अखिल भारतीय संयुक्त अभियान समिति के आवाहन पर आज विभिन्न केंद्रीय श्रम संगठनों और किसान संगठनों ने श्रम आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर श्रमिकों किसानों बैंक बीमा कर्मचारियों आदि की 15 सूत्रीय मांगो हल करने की मांग की । आज के प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वश्री रूद्रपाल यादव, कैलाश लिंबोदीया ,रामस्वरूप मंत्री,लक्ष्मीनारायण पाठक, हरि ओम सूर्यवंशी आदि ने किया।
आज के प्रदर्शन में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस ,बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन ,मध्य प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, बीमा कर्मचारी यूनियन, मध्य प्रदेश बैंक ऑफिसर एसोसिएशन ,किसान संघर्ष समिति, भारतीय महिला फेडरेशन ,अखिल भारतीय किसान सभा, आदि शामिल थे । ज्ञापन में मांग की गई है कि श्रम संहिता को तत्काल रद्द किया जाए, अनिवार्य रक्षा सेवा कानून निरस्त किया जाए संयुक्त किसान मोर्चा की एमएसपी सहित अन्य मांगों को भी तत्काल पूरा किया जाए ,निजी करण पर तत्काल रोक लगाई जाए, गेर आयकर भुगतान करने वाले परिवारों को साडे सात हजार रूपया सहायता दी जाए, मनरेगा के आवंटन में वृद्धि करो ,अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा दो, आंगनवाड़ी ,आशा मध्यान्ह भोजन और अन्य योजना के कार्यकर्ताओं के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लागू करो, फ्रंटलाइन कर्मचारियों को उचित सुरक्षा और बीमा सुविधाएं प्रदान करो, पेट्रोलियम उत्पाद पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी करें और महंगाई को रोके, ठेका मजदूरों योजना कर्मियों को नियमित किया जाए, मध्य प्रदेश श्रम कल्याण योजना का 450 करोड़ रूपया बिजली विभाग के खाते में ट्रांसफर किया गया है उसे वापस कर्मकार मंडल को दिया जाए, न्यूनतम वेतन का रिवीजन हो तथा श्रम कल्याण बोर्ड, न्यूनतम वेतन निर्धारण कमेटी तथा श्रम सलाहकार समिति की वर्षों से बैठक नहीं होने पुनर्गठित कर बैठक बुलाई जाए ।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अरविंद पोरवाल, रूद्रपाल यादव, योगेंद्र महाजन, अरुण चौहान ,सत्यनारायण वर्मा, कैलाश गोठानिया ,रामस्वरूप मंत्री भागीरथ कछवाय, हरनाम सिंह धारीवाल, लक्ष्मी नारायण पाठक सी एल सर्रावत, सुशीला यादव, भागीरथ सिसोदिया, माता प्रसाद मौर्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे ।
श्रमिक संगठनों और किसान संगठनों ने श्रम आयुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन, दिया ज्ञापन





