अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

ताजा समाचार -2019 में देश में 9.30 लाख लोगों की कैंसर से मौत, अडानी-हिंडनबर्ग केस में पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मायने क्या?इस साल दुनियाभर में होंगी दिलचस्प खगोलीय घटनाएं,म्यांमार सीमा पर खत्म होगी मुक्त आवागमन की व्यवस्था

Share

अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी ने हिंडनबर्ग विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। अडाणी ने बुधवार को शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ‘सचाई की जीत’ हुई है और उनका समूह भारत की वृद्धि की कहानी में योगदान देना जारी रखेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बने मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप के लोगों का दिल जीतने के प्रयास के तहत बुधवार को कहा कि यह द्वीपसमूह भले ही छोटा है लेकिन इसका दिल बड़ा है। दिल्ली के मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। असम के गोलाघाट जिले में बुधवार को कोयला ले जा रहे एक ट्रक और बस की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं 30 अन्य घायल हो गए।

अडानी-हिंडनबर्ग केस में पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मायने क्या

बहुचर्चित अडानी-हिंडनबर्ग रिसर्च विवाद पर बुधवार को आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम तो है ही, यह कई नाजुक पहलुओं को बेहद संजीदगी से स्पर्श करता है। कहने की जरूरत नहीं कि इस फैसले को सावधानी से देखने और समझने की जरूरत है।

दो बिंदुओं पर फोकस : राजनीतिक विवाद का हिस्सा होने की वजह से इस मसले से जुड़े कई पहलू आपस में गड्डमड्ड हो चुके थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सामने जब यह मामला आया तो उसने अपना ध्यान इसके बुनियादी सवालों पर केंद्रित रखा। यही नजरिया फैसले में भी स्पष्ट झलकता है। यह फैसला मुख्यत: दो बिंदुओं- रिपोर्ट की प्रामाणिकता और सेबी के अधिकार क्षेत्र – पर कोर्ट के मूल्यांकन पर आधारित है।

प्रामाणिकता पर सवाल : अडाणी ग्रुप द्वारा कथित स्टॉक मैनिपुलेशन पर दी गई OCCRP रिपोर्ट और हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकी सचाई को स्वतंत्र रूप से परखा नहीं जा सकता और इसीलिए इन रिपोर्टों को प्रामाणिक सूचना के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। यही नहीं, कोर्ट ने उन FPI रेग्युलेशंस की वैधता भी स्वीकार की, जिनका इस्तेमाल अडाणी ग्रुप ने कथित तौर पर स्टॉक मूल्यों को बढ़ाने में किया था। कोर्ट ने साफ कहा कि इन रेग्युलेशंस को रद्द करने का कोई ठोस आधार नहीं है।

संस्थानों की स्वायत्तता : जहां तक सेबी के अधिकार क्षेत्र का सवाल है तो सुप्रीम कोर्ट ने असाधारण संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न सिर्फ अपनी सीमाओं का खयाल रखा बल्कि संस्थानों की स्वायत्तता के सिद्धांत को नए सिरे से रेखांकित किया। फैसले में कोर्ट ने कहा कि सेबी के रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क में प्रवेश करने का उसका अधिकार सीमित है। सेबी जैसे नियामक निकायों की अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता और स्वायत्तता के सम्मान के लिहाज से कोर्ट का यह रुख आगे अन्य मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश का काम करेगा। यह इस बात का संकेत है कि जब तक नियमों, कानूनों के उल्लंघन के स्पष्ट सबूत न हों तब तक इन नियामक निकायों के कामकाज में दखल देने से बचने की जरूरत है।

हितों का टकराव : सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एक्सपर्ट कमिटी के सदस्यों के खिलाफ हितों के टकराव संबंधी दलीलों को भी कोर्ट ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि किसी थर्ड पार्टी की अपुष्ट रिपोर्ट को कानूनी प्रक्रिया में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।

ऐतिहासिक फैसला : कुल मिलाकर देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इस विवाद को पूरी तरह शांत भले न कर पाए, लेकिन इस मसले से जुड़े कानूनी पहलुओं को इसमें महत्वपूर्ण ढंग से संबोधित किया गया है। इसी वजह से यह जटिल पहलुओं वाले एक अहम मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के रूप में याद रखा जाएगा।

जामिया मिलिया इस्लामिया तक पहुंची पुलिस की जांच, मांगे सीसीटीवी फुटेज

Israel Embassy Blast: Police investigation reaches Jamia Millia Islamia

दिल्ली पुलिस की जांच जामिया नगर में जामिया मिलिया इस्लामिया तक पहुंच गई है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के अंदर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है।

 अति सुरक्षित नई दिल्ली इलाके में स्थित इस्राइल दूतावास के पास बम विस्फोट के मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की जांच जामिया नगर में जामिया मिलिया इस्लामिया तक पहुंच गई है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के अंदर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है।

फुटेज को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हो सकता है आरोपी जामिया मिलिया के अंदर गया हो। दूसरी तरफ नीली जैकेट वाले संदिग्ध का बुधवार शाम तक कुछ पता नहीं लगा। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी हर रोज जाकर इंडिया गेट व अशोक रोड की जांच कर रहे हैं, पर ये पता नहीं लगा कि ये संदिग्ध आगे और कहां कैसे गया।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीली जैकेट वाले संदिग्ध ने तिकोना पार्क, जामिया नगर के पास से ऑटो (नंबर 2209) लिया था। इस ऑटो से इस्राइल दूतावास के समीप हुए बम धमाके वाली जगह पर गया था। ऐसे में पुलिस को लगता है कि ये ऑटो या संदिग्ध जामिया मिलिया इस्लामिया के सामने से गुजरा है। हो सकता है कि संदिग्ध जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के अंदर गया हो।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जामिया मिलिया इस्लामिया के बाहर तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जामिया मिलिया से बाहर व अंदर की 15 दिन की सीसीटीवी फुटेज मांगी है। इसके लिए स्पेशल सेल की ओर से जामिया मिलिया को बुधवार को कानूनी नोटिस दिया गया है। 

: म्यांमार सीमा पर खत्म होगी मुक्त आवागमन की व्यवस्था, उग्रवादी, तस्कर-अवैध प्रवासी कर रहे दुरुपयोग

free movement will end on Myanmar border due to misuse of militants, smugglers and illegal migrants

पूर्वोत्तर सीमा पर अवैध प्रवासियों और उग्रवादियों की घुसपैठ को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर लागू मुक्त आवागमन व्यवस्था (एफएमआर) केंद्र सरकार खत्म करने जा रही है। स्थानीय निवासियों ने एफएमआर की शिकायत में बताया था कि उग्रवादी और मादक पदार्थों व हथियारों के तस्कर इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं। मणिपुर और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों ने यह समस्या केंद्र के सामने रखी थी।मणिपुर की 390 किमी सीमा में 10 किमी पर बाड़बंदी, बाकी जगह घुसपैठ के अनुकूल हालात। वहीं, मिजोरम की 510 किमी सीमा पर हो सकती है घुसपैठ। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश की 520 किमी तथा नागालैंड की 215 किमी लंबी सीमा है। 

भारत के मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के बीच फैली अंतरराष्ट्रीय सीमा 1,643 किमी लंबी है। यहां साल 2018 में भारत की ‘पूर्व के लिए नीति’ के तहत एफएमआर लागू की गई थी। इसके तहत सीमा के निकट रहने वाले दोनों देशों के नागरिक एक दूसरे के यहां 16 किमी भीतर तक बिना वीजा के दाखिल हो सकते हैं। यह व्यवस्था पहाड़ों में निवास कर रही जनजातियों के हित में बनाई गई थी। उन्हें सीमा पार करने के लिए एक सालाना पास दिया जाता है। एक बार सीमा पार करने के बाद वे 2 हफ्ते तक यहां रह सकते हैं।

राज्यों की म्यांमार से सटी सीमा
मणिपुर की 390 किमी सीमा में 10 किमी पर बाड़बंदी, बाकी जगह घुसपैठ के अनुकूल हालात। वहीं, मिजोरम की 510 किमी सीमा पर हो सकती है घुसपैठ। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश की 520 किमी तथा नागालैंड की 215 किमी लंबी सीमा है। 

साढ़े 4 साल में बाड़बंदी करेंगे
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि एफएमआर को जल्द ही खत्म करने की योजना बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि सीमा पर बाड़बंदी की जाए, इस काम में करीब साढ़े 4 साल लगेंगे। भविष्य में सीमा के निकट रहने वाले नागरिकों को एक दूसरे के यहां आने-जाने के लिए वीजा लेना ही होगा। भारत में हमला करने और बचकर म्यांमार निकल जाने के लिए भी उग्रवादी एफएमआर का दुरुपयोग नहीं कर सकेंगे।

300 किमी में ‘स्मार्ट-फेंसिंग’ प्रणाली 
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा पर 300 किमी में स्मार्ट-फेंसिंग प्रणाली लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसका काम जल्द शुरू होने जा रहा है।

ऐसे बदले हालात
1 फरवरी 2021 को म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद बड़ी संख्या में जनजातीय आबादी भारत की सीमा में घुस आई थी। मणिपुर व मिजोरम सबसे ज्यादा प्रभावित थे। इनमें से कई लोग आज भी यहां अवैध ढंग से रह रहे हैं। परिणामस्वरूप मादक पदार्थों की तस्करी सहित कई अवैध गतिविधियां बढ़ी हैं। सितंबर 2023 में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की थी कि एफएमआर खत्म करें, उग्रवादी इसका दुरुपयोग कर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। जुलाई में राज्य सरकार ने बताया था कि यहां 700 अवैध प्रवासी प्रवेश कर चुके हैं। तख्तापलट के बाद मिजोरम में भी हजारों सैन्य शासन विरोधी घुस गए थे। राज्य सरकार का अनुमान है कि कई हजार अब भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं।


2019 में देश में 9.30 लाख लोगों की कैंसर से मौत, चीन के बाद एशिया में दूसरे नंबर पर भारत

9.30 lakh people died due to cancer in the country in 2019

देश में साल 2019 में कैंसर से 9.30 लाख लोगों की मौत हुई है और करीब 12 लाख नए मामले दर्ज किए गए है, जो चीन के बाद एशिया में सबसे ज्यादा हैं। वहीं, चीन में 48 लाख नए मामलों और 27 लाख मौतें हुई। शोधकर्ताओं ने बताया कि भारत, चीन और जापान में कैंसर के मामले एशिया में सबसे ज्यादा हैं। इन तीनों देश को मिलाकर कुल 94 लाख नए मरीज और 56 लाख लोगों की कैंसर से मौत हुई है। जापान में नौ लाख नए मामले और 4.4 लाख लोगों की मौत हुई है।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र और जोधपुर व बठिंडा के अखिल भारतीय चिकित्सा संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं का यह अध्ययन द लांसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट में प्रकाशित हुआ है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र और जोधपुर व बठिंडा के अखिल भारतीय चिकित्सा संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं का यह अध्ययन द लांसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अध्ययन में ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स 2019 स्टडी (जीबीडी 2019) के अनुमानों का उपयोग कर साल 1990 से 2019 के बीच 49 एशियाई देशों में 29 कैंसर के अस्थायी पैटर्न की जांच की है। इसमें पाया कि एशिया में श्वास नली, ब्रोन्कस और फेफड़े (टीबीएल) का कैंसर सबसे ज्यादा है, जिसकी वजह से 13 लाख नए मामले और 12 लाख लोगों की मौत हुई है।

वायु प्रदूषण बढ़ा रहा रोगी
शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए अन्य कारणों के साथ वायु प्रदूषण भी एक वजह है, जो भारत के कई महानगरों में मुख्य समस्या बनता जा रहा है। 2019 में पीएम 2.5 का वार्षिक औसत सबसे ज्यादा भारत, नेपाल, कतर, बांग्लादेश और पाकिस्तान में देखा गया। एशिया में बढ़ते वायु प्रदूषण का प्राथमिक कारण उद्योग-आधारित आर्थिक विकास के साथ शहरीकरण, ग्रामीण से शहरी प्रवास और मोटर वाहनों का बढ़ता उपयोग है।

एचपीवी टीकाकरण की जरूरत
शोधकर्ताओं का कहना है कि साल 2006 में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका सर्वाइकल कैंसर को रोकने में प्रभावी साबित हुआ लेकिन बीते 17 साल में इसकी उपलब्धता आसान नहीं हो पाई है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर कई एशियाई देशों में दूसरे या शीर्ष 5 कैंसरों में से एक है। तंबाकू व धूम्रपान बड़ी वजह…भारत, बांग्लादेश और नेपाल में खैनी, गुटखा, पान मसाला जैसे धुआं रहित तंबाकू (एसएमटी) का उच्च प्रसार भी कैंसर का एक कारण है क्योंकि साल 2019 में मुंह के कैंसर के 28.1 फीसदी नए मामले सामने आए हैं।

दिल्ली में बना सेंटर फॉर वन हेल्थ, इन्सान-जानवर और पर्यावरण तीनों के स्वास्थ्य की एक साथ होगी निगरानी

Centre for One Health built in Delhi humans, animals and environment health will be monitored simultaneously

दिल्ली में बना सेंटर फॉर वन हेल्थ इन्सान, जानवर और पर्यावरण सभी के स्वास्थ्य की एक साथ निगरानी करेगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के परिसर में इसका मुख्यालय बना है जो देश के प्रत्येक गांव से लेकर ब्लॉक और जिले तक निगरानी रखेगा। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूओएएच), यूएन एनवायरमेंट और अमेरिका के एफडीए विभाग से संपर्क में रहेगा।सरकार ने गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य के अलावा क्षेत्रीय स्तर पर भी वन हेल्थ केंद्र बनाया है। चार से पांच राज्य को मिलाकर एक क्षेत्रीय केंद्र होगा जो सीधे दिल्ली स्थित सेंटर फॉर वन हेल्थ के साथ संपर्क में रहेगा। सभी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम, संसाधन और कर्मचारियों की नियुक्ति के फैसले लिए जा सकेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित कई नई तकनीकों से लैस यह सेंटर किसी भी संदिग्ध वायरस या व्यक्ति मिलने पर महज एक दिन में अलर्ट जारी कर सकेगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी गांव या शहर में कोई खास तरह के संक्रमण या अलग लक्षण वाला कोई व्यक्ति या पशु मिलता है तो उसके बारे में जिला प्रशासन से केंद्र तक को सूचना मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पूरे माइक्रो प्लान को साझा किया है, जिसमें बताया गया कि सरकार ने वन्य विभाग, राज्य स्वास्थ्य विभाग और राज्य पशुचिकित्सा विभाग तीनों को साथ में रखते हुए गांव, ब्लॉक, जिला, राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर पांच तरह का निगरानी तंत्र विकसित किया है। दुनिया के बाकी देशों की तुलना में यह योजना सबसे बड़ी और अलग है, जिसमें देश के दो लाख से ज्यादा गांव और 700 से ज्यादा जिले शामिल हैं।

चार से पांच राज्यों को मिलाकर बनाया जाएगा एक क्षेत्रीय केंद्र
सरकार ने गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य के अलावा क्षेत्रीय स्तर पर भी वन हेल्थ केंद्र बनाया है। चार से पांच राज्य को मिलाकर एक क्षेत्रीय केंद्र होगा जो सीधे दिल्ली स्थित सेंटर फॉर वन हेल्थ के साथ संपर्क में रहेगा। सभी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम, संसाधन और कर्मचारियों की नियुक्ति के फैसले लिए जा सकेंगे।

रेबीज, सर्पदंश, जीवाणु रोग पर अध्ययन भी शुरू
सेंटर फॉर वन हेल्थ ने सबसे पहले रेबीज, सर्पदंश और जीवाणु रोग पर अध्ययन शुरू किया है। साल 2030 तक 100 फीसदी मृत्युदर वाले रेबीज से मुक्ति का लक्ष्य तय किया है। वहीं, सर्पदंश को लेकर सभी राज्य के मुख्य अस्पतालों को एक नेटवर्क से जोड़ा है।

महामारी, संक्रमण रोकने में मदद
डॉ. सिम्मी तिवारी संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, सेंटर फॉर वन हेल्थ का कहना है कि कोरोना महामारी में पूरी दुनिया ने पशु, इन्सान, पर्यावरण सभी के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को समझा है। जी-20 में पीएम मोदी ने वन हेल्थ के महत्व को सभी देशों के सामने भी रखा, जिस पर भारत बहुत कम समय में काफी तेजी से आगे बढ़ा है। यह सेंटर भविष्य की महामारियों, संक्रमण के प्रसार को रोकने का काम करेगा। 

इस साल दुनियाभर में होंगी दिलचस्प खगोलीय घटनाएं, सूर्य से लेकर चंद्र ग्रहण और सौर तूफान के दिखेंगे नजारे

astronomical events in 2024 Lunar and solar eclipses celestial dance solar storm

इस साल आकाश में सूर्य और चंद्र ग्रहण के साथ सौर तूफान का दुनियाभर में अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। उल्का की बौछार से लेकर कई खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं। पहले महीने में चंद्र ग्रहण और पूर्ण सूर्य ग्रहण से पहले जनवरी की चार तारीख को उल्का की बौछार देखने को मिल सकती है।खगोलविदों का अनुमान है कि हर घंटे करीब 80 उल्कापिंड की बारिश होगी। अगर ये प्रक्रिया चरम पर पहुंचती है तो ये आंकड़ा हर घंटे 200 के पार चला जाएगा। इसके बाद फरवरी में वुल्फ मून देखने को मिलेगा।  

खगोलविदों का अनुमान है कि हर घंटे करीब 80 उल्कापिंड की बारिश होगी। अगर ये प्रक्रिया चरम पर पहुंचती है तो ये आंकड़ा हर घंटे 200 के पार चला जाएगा। इसके बाद फरवरी में वुल्फ मून देखने को मिलेगा। इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण भारत में आंशिक ही होगा। यह 24-25 मार्च को लगेगा। यह ग्रहण उत्तर और पूर्व एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा।

आसमान में दिखाई देंगे ऑरोरा
इस वर्ष सौर गतिविधि भी बहुत ज्यादा देखने को मिलेगी। इसके चलते ध्रुवों पर सामान्य से ज्यादा ऑरोरा देखने को मिलेंगे। सूर्य 2024 के मध्य से अंत तक अपने 11 साल के चक्र के चरम पर पहुंचने वाला है।

अप्रैल में पहला सूर्य ग्रहण
अप्रैल में चैत्र अमावस्या को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह पश्चिमी एशिया, दक्षिणी-पश्चिम यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अटलांटिक महासागर, उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव में देखा जा सकेगा। भारत में इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।

सितंबर में चंद्र ग्रहण
दूसरा चंद्र ग्रहण 17-18 सितंबर को लगेगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इसलिए भारत में नहीं दिखाई देगा। इसे यूरोप, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, दक्षिण और उत्तर अफ्रीका, हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर और आर्कटिक महासागर में देखा जा सकता है। अगस्त में 11 से 13 के बीच पर्सीड उल्का बौछार होंगी। खगोलविदों के मुताबिक, इस बार आसमान में लगभग पचास उल्का पिंड नजर आ सकते हैं। वहीं वर्ष 2024 में दिसंबर में 13 और 14 तारीख को जेमिनिड उल्का बौछार होगी और पूरी रात चलेगी। हर घंटे लगभग 75 उल्का देखी जा सकेंगी।

तीन दशक बाद फिर श्रीराम ज्योति, अयोध्या चलो अभियान और आस्था से ओतप्रोत नामकरण

Ram Mandir: Shri Ram Jyoti again after three decades

माहौल फिर राममय करने की तैयारी है। इसके लिए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय श्रीराम ज्योति जलाने की ही अपील नहीं हुई है, इससे पहले अक्षत वितरण, प्राण प्रतिष्ठा की शाम दीपावली और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या दर्शन की अपील भी इसी का हिस्सा है। विहिप के प्रांतीय धर्म यात्रा प्रमुख राकेश वर्मा गुड्डू कहते हैं कि यह अपील अनायास ही नहीं है। रामलला अपने दिव्य-भव्य घर में आ रहे हैं। श्रीराम ज्योति जलाने की अपील से उस जमाने के संघर्ष से जुड़े पुराने लोगों की यादें ताजा हो गईं हैं। वे अपने घरों में बच्चों को श्रीराम ज्योति से जुड़े संस्मरण सुना रहे हैं। नई पीढ़ी आज के जश्न के पीछे के संघर्ष को समझ रही है। इसके लिए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय श्रीराम ज्योति जलाने की ही अपील नहीं हुई है, इससे पहले अक्षत वितरण, प्राण प्रतिष्ठा की शाम दीपावली और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या दर्शन की अपील भी इसी का हिस्सा है। 

अक्षत वितरण में श्रीराम जय राम, जय जय राम पाठ का आवाहन
सोमवार से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से पूरे देश में अक्षत वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके जरिये आवाहन किया जा रहा है कि 22 जनवरी को जब रामलला के बाल रूप नूतन विग्रह को गर्भगृह में विराजित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाए, उस समय आस-पड़ोस के किसी मंदिर में रामभक्त इकट्ठा होकर इस कार्यक्रम को टीवी, एलईडी स्क्रीन या पर्दे पर देखें। भजन-कीर्तन-आरती के साथ श्रीराम जय राम, जय जय राम विजय महामंत्र का 108 बार सामूहिक पाठ करें। घर-घर दीपक जलाएं, दीपमालिका सजाकर दीपोत्सव मनाएं। हिंदू संगठनों का मानना है कि इससे अभूतपूर्व सकारात्मक वातावरण बनेगा। यह संकल्प से सिद्धि का उत्सव है।

अयोध्या चलो अभियान
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला व नवनिर्मित मंदिर के दर्शन के लिए लोगों को परिवार सहित आने का न्योता भी दे रहा है। इसके अलावा 26 जनवरी से संघ परिवार देशभर में संघ दृष्टि से बंटे 45 प्रांतों के रामभक्तों को तय कार्यक्रम के अनुसार अयोध्या बुलाकर दर्शन कराएगा। ऐसे रामभक्तों की संख्या 71 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। 

  • प्रतिदिन करीब 4,000 रामभक्तों को अयोध्या बुलाने की योजना है। इनके आने-जाने, ठहरने, दर्शन और भोजन तक की पूरी जिम्मेदार संघ परिवार ही उठाएगा।
  • भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में मुफ्त अयोध्या दर्शन का वादा करती रही है। ये सरकारें प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपने-अपने राज्यों के लोगों के लिए अयोध्या दर्शन का कार्यक्रम शुरू कर सकती हैं।

इससे समझिए माहौल
सचिव स्तर के एक आईएएस अधिकारी कहते हैं, जब पीएम मोदी अयोध्या में राममंदिर के लिए 550 वर्ष लंबे संघर्ष की याद दिलाकर घर-घर श्रीराम ज्योति जलाने की अपील कर रहे थे, पत्नी की आंखों से आंसू झर रहे थे। कार्यक्रम खत्म होते ही पत्नी ने पूजागृह को सजाने व श्रीराम ज्योति जलाने की व्यवस्था से जुड़ी योजना तैयार कर ली। वह कहते हैं, अयोध्या से निकला एक-एक शब्द धर्म, अध्यात्म से ज्यादा सियासत पर असर डालने वाला है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है। लोकसभा चुनाव में इसका असर साफ नजर आएगा। 

आस्था से ओतप्रोत नामकरण 

  • राम पथ : सहादतगंज से नयाघाट। 12.940 किमी।
  • श्रीरामजन्मभूमि पथ : सुग्रीव किला से राममंदिर तक .566 किमी।
  • धर्म पथ : एनएच-27 से नया घाट पुराने पुल तक 2 किमी।
  • भक्ति पथ : अयोध्या मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीरामजन्मभूमि तक। 0.742 किमी.।
  • श्रद्धालु भ्रमण पथ : सरयू नदी पर राम की पैड़ी से राजघाट व राजघाट से श्रीराम मंदिर तक।
  • क्षीरसागर पथ : अयोध्या धाम से रामपथ तक स्मार्ट रोड। 
  • आगमन पथ : क्षीरसागर पथ से राम पथ तक .300 किमी.।
  • सुग्रीव पथ : सहादतगंज नयाघाट मार्ग से सुग्रीव किला तक।

राम आएंगे तो, अंगना सजाऊंगी.. भजन सुनकर पीएम मोदी मंत्रमुग्ध, स्वाति बोलीं- मुझ पर राम की कृपा बरसी

PM Modi was mesmerized after listening to the bhajan, Swati said - May Ram's blessings be showered on me

देश-दुनिया में शायद ही कोई राम भक्त होगा, जिसने राम आएंगे तो, अंगना सजाऊंगी.. भजन को किसी न किसी रूप में देखा सुना नहीं होगा। सोशल मीडिया पर बनने वाली रील्स से लेकर गली-नुक्कड़ के कार्यक्रमों में यह भजन बज रहा है। बुधवार को भजन गायिका बिहार के छपरा की रहने वाली स्वाति मिश्रा की खुशी को ठिकाना नहीं था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर भजन का लिंक पोस्ट करते हुए लिखा, श्री राम लला के स्वागत में स्वाति मिश्रा का भक्ति से भरा यह भजन मंत्रमुग्ध करने वाला है। स्वाति ने इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी की तरफ से साझा किए लिंक का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा कि आज तो उनके ऊपर रामजी की कृपा बरस गई है।बुधवार को भजन गायिका बिहार के छपरा की रहने वाली स्वाति मिश्रा की खुशी को ठिकाना नहीं था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर भजन का लिंक पोस्ट करते हुए लिखा, श्री राम लला के स्वागत में स्वाति मिश्रा का भक्ति से भरा यह भजन मंत्रमुग्ध करने वाला है। 

स्वाति ने करीब 2 महीने पहले यूट्यूब चैनल पर यह भजन पोस्ट किया था। अब तक वहां इसे करीब 4.3 करोड़ लोग देख चुके हैं। अमेरिका की एमोरी यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में मास्टर्स और बायोलॉजी में बैचलर्स डिग्री लेने वाली स्वाति न सिर्फ अच्छा गाती हैं, बल्कि तबला व कीबोर्ड बजाने में भी माहिर हैं। स्वाति फिलहाल मुंबई में रहती हैं। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में यह भजन गाने की इच्छा जताई थी। उन्हें प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। 

अनिवासी भारतीय भक्त भी अब राम मंदिर निर्माण में कर सकेंगे योगदान
अब अनिवासी भारतीय भक्त भी सामर्थ्य अनुसार राम मंदिर के निर्माण में योगदान दे पाएंगे। न्यूयॉर्क स्थित एक भारतीय समुदाय के संगठन ने विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए 2010) के तहत पंजीकरण प्राप्त कर लिया है। इससे गैर भारतीय पासपोर्ट रखने वाले भक्त अब स्वेच्छा से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के उद्देश्यों के लिए योगदान कर सकते हैं। दान ऑनलाइन किया जा सकता है। 

अब काशी का स्कूल ऑफ राम कराएगा अयोध्या पर अध्ययन
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही देश और दुनिया के छात्र अयोध्या के इतिहास और वर्तमान का अध्ययन कर सकेंगे। स्कूल ऑफ राम ने राम और उनकी अयोध्या के बारे में जानकारी देने के लिए एक महीने का निशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। इसमें दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और दो दिन में ही दो सौ से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
  बीएचयू के एमए इन हिंदू स्टडीज के छात्र प्रिंस तिवाड़ी बीते तीन साल से ऑनलाइन स्कूल ऑफ राम का संचालन कर रहे हैं।

20 जनवरी से महीने भर के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। इस कोर्स में अयोध्या के पौराणिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व को समझाया जाएगा। इसी के साथ विद्यार्थियों को अयोध्या जन्मभूमि विवाद के इतिहास के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही मंदिर निर्माण के लिए नींव की पत्थर बनी महान विभूतियों के जीवन के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। 

  • हेमंत सोरेन की हंसी में छिपा है परफेक्ट प्लान का ‘राज’ , कल्पना पर बन गई बात?

झारखंड में हेमंत सोरेन और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच चल रही तनातनी के बीच बुधवार को जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन की बैठक सीएम आवास पर हुई। बैठक में शामिल विधायकों ने कहा कि नए साल पर यह उनका मिलन समारोह था। हालांकि अंदर की खबर कुछ और है।

अमेरिका के लिए आतंकी, ईरान के लोगों के लिए हीरो… जानिए कौन थे कासिम सुलेमानी

जनरल कासिम सुलेमानी की चौथी बरसी पर बुधवार को ईरान में दो बड़े धमाके हुए। इनमें 100 से ज्‍यादा लोगों की जान चली गई। कासिम सुलेमानी जहां ईरान के लोगों के हीरो थे तो अमेरिका के लिए आतंकी। सुलेमानी ने ईरान की ताकत को बढ़ाने के लिए बहुत काम किया।

पीएम मोदी ने उज्ज्वला लाभार्थी मीरा मांझी को पत्र लिखा और उन्हें और उनके परिवार के लिए उपहार भेजे। प्रधानमंत्री 30 दिसंबर को अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान उनके घर गए थे।

गोवा में ब्रिटिश महिला का शव मिला

गोवा में छुट्टियां मना रही 46 वर्षीय ब्रिटिश महिला बुधवार को कैनाकोना गांव में एक समुद्र तट के पास मृत पाई गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस के अनुसार, ब्रिटेन की नागरिक एम्मा लुईस लीनिंग के शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘महिला के दोस्तों को किसी भी तरह की गड़बड़ी का संदेह नहीं है।’पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि दक्षिण गोवा जिले के कैनाकोना में एक समुद्र तट के पास बरामद शव की स्थिति खराब थी। अधिकारी ने बताया कि कैनाकोना पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए दक्षिण गोवा के मडगांव शहर के जिला अस्पताल भेजा है।

आतिशी ने ‘घटिया निर्माण’ पर जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया

दिल्ली की कानून मंत्री आतिशी ने द्वारका स्थित न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर में ‘घटिया निर्माण कार्य’ के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिये हैं। एक आधिकारिक आदेश में बुधवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि मंत्री ने बुधवार को द्वारका के सेक्टर-19 स्थित न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर में ‘घटिया निर्माण कार्य’ किये जाने की जानकारी मिलने के संबंध में लोक निर्माण और कानून विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

  • पंजाब के खन्ना में फ्लाइओवर पर धू-धू कर जला तेल का टैंकरपंजाब के खन्ना में फ्लाइओवर पर धू-धू कर जला तेल का टैंकर
  • पुलिस ने आग को देखते हुए फ्लाईओवर पर ट्रैफिक किया डायवर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “लक्षद्वीप में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत करके खुशी हुई। महिलाओं के एक समूह ने इस बारे में बात की कि कैसे उनके SHG ने एक रेस्तरां शुरू करने की दिशा में काम किया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन गईं। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने साझा किया कि कैसे आयुष्मान भारत योजना से दिल की बीमारी के इलाज में मदद मिली, और पीएम-किसान के कारण एक महिला किसान का जीवन बदल गया। अन्य लोगों ने मुफ्त राशन, दिव्यांगों के लिए लाभ, पीएम-आवास, किसान क्रेडिट कार्ड, उज्ज्वला योजना और बहुत कुछ के बारे में बात की। यह देखना वास्तव में संतोषजनक है कि विकास का लाभ विभिन्न वर्गों के लोगों तक पहुंच रहा है, यहां तक कि दूरदराज के इलाकों में भी।

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की बैठक टली

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की बैठक टल गई है। आज विपक्ष वर्चुअली होनी थी। इस बैठक में नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाने की बात चल रही था।

जिन राज्यों में चुनाव होता हैं वहां ED और CBI हो जाती है एक्टिव: सौरभ भारद्वाज

ED की कार्रवाई पर दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, “…जिस राज्य में चुनाव होता है वहां ED और CBI सक्रिय हो जाती है। ये तो आम बात हो गई है। इस समय झारखंड में सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल में भी ED और CBI जब मन चाहता है तब चली जाती है। विपक्ष को परेशान करने, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए और उनके चुनावी कैंपेन बंद करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।”

किस हैसियत से केजरीवाल को बुला रही ईडी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज का एजेंसी पर निशाना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ED द्वारा भेजे गए समन पर दिल्ली के मंत्री सौरव भारद्वाज ने कहा, “ED या केंद्र सरकार ने ये नहीं बताया कि वे किस हैसियत से अरविंद केजरीवाल को बुला रहे हैं। ना वे(अरविंद केजरीवाल) गवाह हैं, ना वे अभियुक्त हैं… समय पर भी सवाल उठते हैं। ठीक लोकसभा चुनाव से पहले जब सभी दल और केंद्र सरकार खुद चुनाव की तैयारी कर रही है। उन चुनावों के कैंपेन से पहले केंद्र सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है… जब चार्जशीट दायर हो चुकी है तो उसके बाद अरविंद केजरीवाल को क्यों बुलाया जा रहा है?”

ईडी के सामने पेश नहीं होंगे सीएम केजरीवाल, पत्र लिखकर भेजा जवाब

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज ED दफ्तर नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस संबंध में ED को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि ED की जांच में सहयोग करने को तैयार हूं लेकिन एजेंसी का नोटिस अवैध है। उनका इरादा अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना है। वे उन्हें चुनाव प्रचार से रोकना चाहते हैं”:

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें