अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

ताजा समाचार:बिहार में जातीय गणना फिलहाल जारी रहेगी,मणिपुर हिंसा की जांच 42 SIT करेंगी; गहलोत बोले- मोदीजी सिर्फ हिंदुओं के प्रधानमंत्री

Share

लोकसभा में आज सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा शुरू होगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस चर्चा में भाग ले सकते हैं। राहुल की सांसदी एक दिन पहले ही बहाल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्‍त को चर्चा का जवाब दे सकते हैं। मॉनसून सत्र में कुछ समय को छोड़ दें तो बाकी हंगामा ही हुआ है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई जारी रहेगी। प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में पांच जजों की संविधान पीठ मामला सुन रही है। वहीं, मणिपुर के आदिवासी नेता मंगलवार को दिल्‍ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। अलग राजनीतिक प्रशासन तथा हिंसा में मारे गए कुकी-जो समुदाय के लोगों को चुराचांदपुर में सामूहिक तौर पर दफनाने सहित पांच मुख्य मांगे माने जाने का अनुरोध करेंगे।

आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर…

  1. मणिपुर इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) के नेता गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। वे 5 मांगे रखेंगे, जिनमें अलग राज्य की मांग भी शामिल है।
  2. भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जाएगा। 5 मैचों की सीरीज में टीम इंडिया लगातार दो मैच हार चुकी है।

राहुल गांधी 6 महीने बाद आज संसद में बोलेंगे; कल पार्लियामेंट पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने मनाया जश्न

मानसून सत्र के दौरान पार्लियामेंट पहुंचने पर समर्थकों ने राहुल गांधी का स्वागत किया गया।

मानसून सत्र के दौरान पार्लियामेंट पहुंचने पर समर्थकों ने राहुल गांधी का स्वागत किया गया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखेंगे। आज से 10 अगस्त तक इस पर बहस होनी है। विपक्ष चाहता है कि मणिपुर मामले पर प्रधानमंत्री संसद में बयान दें इसलिए कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है। आज कांग्रेस की ओर से सबसे पहले राहुल गांधी प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी 10 अगस्त को जवाब देंगे।

राहुल 6 महीने बाद संसद में बोलने जा रहे हैं। इससे पहले 7 फरवरी को उन्होंने लोकसभा में स्पीच दी थी। 23 मार्च को दो साल की सजा मिलने के बाद उनकी सांसदी चली गई। सदस्यता बहाल होने के 137 दिन बाद वे सोमवार को संसद भवन पहुंचे।

दिल्ली सर्विसेज बिल राज्यसभा में पास; केजरीवाल ने कहा- आप लोगों के अधिकार छीन रहे
केंद्र सरकार की तरफ से पेश किया गया दिल्ली सर्विसेज बिल 132 वोटों के साथ राज्यसभा में पास हो गया। विरोध में 102 वोट ही पड़े। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये बिल दिल्ली की सुरक्षा के लिए लाया गया है। वहीं CM अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आपको लोगों के लिए काम करने की शक्ति दी गई है, उनके अधिकार छीनने की नहीं।

 राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद ये बिल कानून बन जाएगा। जिसके बाद राजधानी में अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर राज्यपाल का फैसला अंतिम माना जाएगा। 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने ये अधिकार दिल्ली सरकार को दिया था। लेकिन 19 मई को केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर फैसले को बदल दिया। दिल्ली सर्विस बिल इसी अध्यादेश की जगह लेगा।

मणिपुर हिंसा के मामलों की जांच करेंगी 42 SIT; SC ने 3 महिला जजों की कमेटी बनाई

तस्वीरें मणिपुर की राजधानी इंफाल की है। यहां मैतेई महिलाओं ने असम राइफल्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

तस्वीरें मणिपुर की राजधानी इंफाल की है। यहां मैतेई महिलाओं ने असम राइफल्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मणिपुर में हिंसा से जुड़े मामलों की जांच 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) करेंगी। इन केसेज को अभी तक CBI को ट्रांसफर नहीं किया गया है। SIT के काम की निगरानी DIG रैंक के अफसर करेंगे। ये अफसर मणिपुर के बाहर के होंगे। अदालत ने राहत और पुनर्वास का काम देखने के लिए हाईकोर्ट की 3 महिला जजों की कमेटी भी बनाई है।

हर 6 SIT की निगरानी DIG रैंक का एक अफसर करेगा। इस तरह 42 SIT के लिए 7 अफसर तैनात होंगे। सुप्रीम कोर्ट की बेंच मणिपुर हिंसा से जुड़ी 10 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। अदालत ने कहा है कि ऐसी कोशिशें की जानी चाहिए, जिससे राज्य के लोगों में विश्वास और कानून के शासन में भरोसा लौट सके।

म्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रहीं गीता मित्तल कमेटी की हेड होंगी। कमेटी की दो अन्य सदस्य जस्टिस (रिटायर्ड) शालिनी पी जोशी और जस्टिस (रिटायर्ड) आशा मेनन होंगी। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल (AG) आर वेंकटरमणी ने कहा कि मणिपुर की मौजूदा स्थिति नाजुक है। बाहर से जांच होना लोगों में विश्वास पैदा नहीं करेगा। सरकार स्थिति को संभालने के लिए परिपक्व तरीके से डील कर रही है। मणिपुर में एक आर्टिफिशियल सिचुएशन बनाई गई है, जिससे बताया जा रहा है कि सरकार कुछ नहीं कर रही। यह बहुत उलझाऊ स्थिति है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया कि मणिपुर हिंसा मामले में सीबीआई जांच की निगरानी महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी दत्तात्रेय पडसालगीकर करेंगे।

बेंच कितनी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही, सीबीआई की क्या मांग है?
मणिपुर हिंसा मामले में चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है। केंद्र का कहना है कि 6,523 एफआईआर में से 11 महिलाओं और बच्चों की हिंसा से जुड़ी हैं। इनकी जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। एजेंसी भी 11 मामलों की जांच की मांग कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच मणिपुर हिंसा से जुड़ी 10 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

42 SIT हिंसा के मामलों की जांच करेंगी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मणिपुर में हिंसा से जुड़े मामलों की 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच करेंगी। इन केसों को अभी तक सीबीआई को ट्रांसफर नहीं किया गया है। इन SIT के काम की निगरानी डीआईजी रैंक का अफसर करेगा। ये अफसर मणिपुर के बाहर का होगा। डीआईजी रैंक का एक अफसर 6 SIT की निगरानी करेगा। इन SIT की जिले के आधार पर नियुक्ति होगी।

मणिपुर के डीजीपी राजीव सिंह 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। राजीव त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अफसर हैं। उन्हें 1 जून को राज्य का DGP बनाया गया था।

मणिपुर के डीजीपी राजीव सिंह 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। राजीव त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अफसर हैं। उन्हें 1 जून को राज्य का DGP बनाया गया था।

कोर्ट रूम में 7 अगस्त को हुई बहस के अंश…

  • वकील वृंदा ग्रोवर- दो महिलाओं को पीटा गया। उन्हें मरा मान लिया गया था। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। यहां रिपोर्ट में बताया गया कि सामान्य चोटें थीं। आईपीसी की धारा 166ए के तहत कोई एफआईआर नहीं की गई। इसके तहत पब्लिक सर्वेंट्स (लोकसेवकों) के एक्शन न लेने पर अकाउंटेबिलिटी तय होती है।
  • वकील इंदिरा जय सिंह- मणिपुर में झड़प जारी है। मेरा केस जांच और अपराध की रोकथाम को लेकर है। मैं एक जॉइंट स्टेटमेंट पढ़ूंगी। जो मेरे, वृंदा ग्रोवर, मिस शोभा और मि. पाशा की तरफ से है।
  • वकील इंदिरा जय सिंह- तीन अप्रोच हो सकती हैं। कोर्ट की तरफ से एक हाईपॉवर्ड कमीशन भेजा जाए। इसमें तीन रिटायर्ड तीन महिला जज हों। ये कोर्ट की आंखें और कान रहेंगी। असल में राज्य में हिंसा 3 मई को शुरू हुई, 4 को नहीं।
  • वकील इंदिरा जय सिंह- 2012 के निर्भया केस में हमने देखा था कि पुलिस अपनी ड्यूटी नहीं कर रही थी। 2012 में संशोधन के तहत आईपीसी में धारा 166ए जोड़ी गई। इसके तहत जो पुलिसवाले अपनी ड्यूटी नहीं करेंगे, उन्हें सजा दी जाएगी। हम इस धारा को लागू करने के लिए कह रहे हैं। देश में लिंचिंग के मामले सामने आने पर भी मुद्दा उठा था। तब कोर्ट ने प्रिवेंटिव मेजर्स (निवारक उपाय) की बात कही थी।
  • सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े- दो जगह गतिरोध है- एनएच-2 और जिरिबाम। यदि इन गतिरोधों को हटा लिया जाए तो काफी तनाव खत्म हो जाएगा।

मणिपुर में फौजियों का आई कार्ड चेक कर रहीं मैतेई महिलाएं

उधर, राजधानी इंफाल में आने वाले सभी रास्तों को मैतेई महिलाओं के संगठन मेइरा पाइबी ने रोक दिया है। इन्होंने हर रास्ते की एंट्री पर चेक पॉइंट बनाए हैं। ये महिलाएं सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों की गाड़ियों को रोककर फौजियों के आई-कार्ड चेक कर रही हैं।

फोटो में मैतेई महिलाएं एक गाड़ी को चेक करती हुई दिखाई दे रही हैं। (फोटो सोर्स-एपी)

फोटो में मैतेई महिलाएं एक गाड़ी को चेक करती हुई दिखाई दे रही हैं। (फोटो सोर्स-एपी)

इंफाल में लगभग 500 महिलाओं की भीड़ ने कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस (CMP) के काफिले को रोक दिया। उनका आरोप था कि काफिले में कुकी समुदाय के फौजी हैं। महिलाओं ने जवानों के नाम और राज्य पूछकर उनसे आधार कार्ड की मांग की। सैन्य अफसरों ने आपत्ति भी जताई, लेकिन काफिले को लौटना पड़ा।

आज पूरे दिन मणिपुर के अलग-अलग हिस्सों में फायरिंग और प्रदर्शन जारी रहे। टेराखोंगसांगबी, मुआलंगत, गोथोल, फोलिजंगा और क्वाक्टा में हथियारबंद लोगों के बीच गोलीबारी होती रही। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया 9 हथियार रिकवर किए गए।

सोमवार को सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 9 हथियार रिकवर किए गए ।

सोमवार को सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 9 हथियार रिकवर किए गए ।

चेकॉन इंफाल ईस्ट में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि वह खाली पड़े घर से चोरी करने की कोशिश कर रहा था। कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले 843 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

1 अगस्त को सुनवाई में ये हुआ था…

मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने के केस में मंगलवार यानी 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की जांच को सुस्त बताया। कोर्ट ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिल्कुल ध्वस्त हो चुकी है।

लाइव लॉ के मुताबिक कोर्ट ने हैरानी जताई कि राज्य की जातीय हिंसा में लगभग 3 महीने तक FIR ही दर्ज नहीं की गई। बाद में जब 6000 से ज्यादा FIR हुईं तो इनमें 7 गिरफ्तारियां की गईं। इस पर केंद्र ने बताया कि 7 तो केवल वायरल वीडियो मामले में की गई हैं। अभी तक कुल 250 लोगों को अरेस्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर DGP को कोर्ट में हाजिर होकर इन सभी सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया था।

ITLF के नेता अमित शाह से मिलेंगे
इंडीजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) का प्रतिनिधिमंडल 8 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह से मिलेगा। इन लोगों की शाह से 5 मांगें हैं, जिसमें एक अलग राजनीतिक प्रशासन और चुराचांदपुर में कुकी-जो समुदाय के लिए सामुदायिक कब्रिस्तान शामिल हैं। फोरम के सेक्रेटरी मुआन तोम्बिंग के मुताबिक, हम एक प्रशासन चाहते हैं, जो मणिपुर से अलग हो। अभी कुकी-जो समुदाय के लोग शवों को इंफाल में दफना रहे हैं। चुराचांदपुर में कब्रिस्तान बनने के बाद बॉडीज को वहां ले जाया जाएगा।

तोम्बिंग ने ये भी कहा कि चुराचांदपुर के कब्रिस्तान को कानूनी होना चाहिए। मैतेई स्टेट फोर्सेस को पहाड़ी जिलों में तैनात नहीं किया जाना चाहिए। ये कुकी-जो समुदाय की सुरक्षा के लिहाज से अच्छा नहीं है।

पुलिस की रिपोर्ट में पीड़ित महिलाओं के नाम, कोर्ट ने शेयर करने से मना किया
निर्वस्त्र वीडियो मामले में कोर्ट में लगाई गई पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है।

वहीं, इस मामले में पुलिस की रिपोर्ट में पीड़ित महिलाओं के नाम हैं। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा था कि यह कानून के खिलाफ है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट को किसी से शेयर ना करें। मीडिया को ना दें, वरना पीड़ितों के नाम सामने आ जाएंगे।

राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 10 और कंपनियां रविवार को इंफाल पहुंचीं। केंद्रीय बलों के सामने अब चुनौती मैतेई बहुल जिलों में भीतर के इलाकों में जाने की है।

राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 10 और कंपनियां रविवार को इंफाल पहुंचीं। केंद्रीय बलों के सामने अब चुनौती मैतेई बहुल जिलों में भीतर के इलाकों में जाने की है।

1 अगस्त को सुनवाई से पहले ये 4 दलीलें दी गईं…

1. केंद्र ने कहा था- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो तो ऐतराज नहीं
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 31 जुलाई को कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट यह मामला देखता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। एक याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में कुकी समुदाय का जिक्र किया था। इस पर केंद्र ने कहा- किसी भी समुदाय का नाम इस तरह से लिया जाना सही नहीं है। सांप्रदायिक तनाव को हवा नहीं दी जानी चाहिए।

2. पीड़ित महिलाओं ने कहा- CBI इस मामले की जांच ना करे
पीड़ित महिलाओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा- ऐसे कई वाकये हुए हैं। हम CBI जांच के खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि एक स्वतंत्र एजेंसी इसकी जांच करे। लॉ ऑफिसर या अटॉर्नी जनरल निगरानी कैसे करेंगे और क्या निगरानी करेंगे? और अगर कोई पक्षपात हुआ तो?

3. कुकी समुदाय ने कहा- SIT इसकी जांच करे, रिटायर्ड DGP शामिल हों
कुकी समुदाय की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने CBI जांच का विरोध किया और कहा कि इस मामले की जांच SIT और रिटायर्ड DGP से कराई जाए। इसमें मणिपुर के किसी आर्मी अफसर को ना शामिल किया जाए।

4. हिंसा पीड़ित सभी महिलाओं की ओर से याचिकाकर्ता बोलीं- हाई पावर कमेटी बने
वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने 31 जुलाई को कहा था- रेप विक्टिम इस बारे में बात नहीं कर रही हैं। वो अभी तक अपने दुख से बाहर नहीं आ पाई हैं। सबसे जरूरी चीज भरोसा पैदा करना है। CBI जांच शुरू करती है तो अभी हम यह नहीं जानते हैं कि महिलाएं सामने आएंगी।

महिलाएं पुलिस की बजाय महिलाओं से ही बात करने में ज्यादा सहज महसूस करेंगीं। इसके लिए एक हाईपावर कमेटी बनाई जाए और उसमें ऐसी महिलाओं को शामिल किया जाए, जिन्हें ऐसे मामलों का अनुभव हो।

तस्वीर महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने वाले मुख्य आरोपी हुईरेम हिरोदास मैतेई (32) की है। इसे गिरफ्तार किया जा चुका है।

तस्वीर महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने वाले मुख्य आरोपी हुईरेम हिरोदास मैतेई (32) की है। इसे गिरफ्तार किया जा चुका है।

मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा मौतें
मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 3-5 मई के बीच 59 लोग, 27 से 29 मई के बीच 28 लोग और 13 जून को 9 लोगों की हत्या हुई थी। 16 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक हिंसा नहीं हुई थी।

कुकी पार्टी ने बीरेन सरकार से समर्थन वापस लिया
कुकी पीपुल्स अलायंस ने रविवार को मणिपुर की बीरेन सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है। कुकी पीपुल्स अलायंस का कहना है कि राज्य सरकार कुकी हितों की रक्षा करने में विफल रही है। इस पार्टी के 2 विधायक हैं। 60 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं।

मणिपुर में हिंसा के दौरान हजारों घरों को जला दिया गया। (प्रतीकात्मक फोटो)

मणिपुर में हिंसा के दौरान हजारों घरों को जला दिया गया। (प्रतीकात्मक फोटो)

4 पॉइंट्स में जानिए, मणिपुर हिंसा की वजह…

मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतेई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नगा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया।

नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा।

सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

मणिपुर हिंसा से जुड़ी भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट्स भी पढ़ें…

मणिपुर की 9 कहानियां: निर्वस्त्र घुमाया, गैंगरेप किया: पीड़िता की मां बोलीं- CM का फोन तक नहीं आया

‘मेरे पति को मार दिया। बेटे को मार दिया। बेटी के कपड़े उतारकर घुमाया, उसे पीटा और गैंगरेप किया। आज तक न तो CM, न ही किसी मंत्री का फोन आया।’ ये कहते हुए मणिपुर में निर्वस्त्र घुमाई गई पीड़िता की मां जोर-जोर से रोने लगती हैं। करीब आधे घंटे तक लगातार रोती जाती हैं।

CM गहलोत बोले- मोदी जी मैं आपसे बड़ा फकीर हूं; आप सिर्फ हिंदुओं के प्रधानमंत्री
राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने PM मोदी को हिंदुओं का प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने कहा- मोदी जी, मैं आपसे बड़ा फकीर हूं। PM का देश में बोलने, चलने में जो व्यवहार है, वो ऐसा है जैसे वो एक पार्टी के ही प्रधानमंत्री हैं, जैसे वो सिर्फ हिंदुओं के ही प्रधानमंत्री हैं।

 राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं PM मोदी अब तक 7 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। 27 जुलाई को मोदी राजस्थान के सीकर पहुंचे थे। इस प्रोग्राम में गहलोत को भी जाना था, पर वे नहीं गए। PM मोदी ने राजस्थान के 28 भाजपा सांसदों को आज दिल्ली बुलाया है। इनमें 24 सांसद लोकसभा और 4 राज्यसभा के हैं।

हरियाणा के नूंह में बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक; गुरुग्राम में धारा 144 हटाई गई

नूंह में प्रशासन ने रविवार को सहारा होटल गिरा दिया। आरोप है कि 31 जुलाई को हिंसा के दिन इस होटल से पत्थरबाजी की गई थी।

नूंह में प्रशासन ने रविवार को सहारा होटल गिरा दिया। आरोप है कि 31 जुलाई को हिंसा के दिन इस होटल से पत्थरबाजी की गई थी।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के नूंह में हिंसा के बाद राज्य सरकार के बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। नूंह हिंसा के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई में 753 से ज्यादा घर-दुकान, शोरूम, झुग्गियां और होटल गिराए जा चुके हैं। प्रशासन ने इन्हें अवैध बताते हुए कहा कि इनमें रहने वाले 31 जुलाई की हिंसा में शामिल थे। वहीं गुरुग्राम में धारा 144 हटा दी गई है।

: हाईकोर्ट ने सरकार की डिमोलिशन ड्राइव का स्वत: सज्ञान लिया था। नूंह में अब तक प्रशासन ने 37 जगहों पर कार्रवाई कर 57.5 एकड़ जमीन खाली कराई है। इनमें 162 स्थायी और 591 अस्थायी निर्माण गिराए दिए गए। नूंह में कर्फ्यू में ढील बढ़ने लगी है। प्रशासन ने सरकारी ऑफिस, बैंक और ATM खुलने की छूट दे दी है। लेकिन बैंक और ATM सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ही खुलेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ASI टीम ने कहा- ज्ञानवापी सर्वे की गोपनीयता बनाए रखें; मुस्लिम पक्ष ने सौंपी तहखानों की चाबियां
ज्ञानवापी में सर्वे टीम से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सख्ती की मांग की और कहा कि इसकी गोपनीयता बनाए रखें। मुस्लिम पक्ष ने ASI को ज्ञानवापी तहखानों समेत सभी चाबियां सौंप दी हैं। आज परिसर में व्यास जी के तहखाना के साथ गुंबद का सर्वे होगा।

ज्ञानवापी का सर्वे 4 अगस्त से जारी है। ASI को अपनी सर्वे रिपोर्ट 2 सितंबर तक सब्मिट करनी है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि अगर अफवाह फैलाई गई कि मस्जिद में हिंदू धर्म के प्रतीक मिले हैं तो वे पूरे सर्वे का बहिष्कार करेंगे।

ASI की टीम ने ज्ञानवापी को लेकर बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। साथ ही संयम बरतने की सलाह दी। टीम से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सख्ती की मांग की और कहा कि सर्वे की गोपनीयता बनाए रखनी है।

सोमवार को ASI की टीम सर्वे करने के लिए पहुंची।

सोमवार को ASI की टीम सर्वे करने के लिए पहुंची।

सर्वे में मंदिर के साक्ष्य निकल जाएं- हिंदू पक्ष के वकील
सर्वे पर हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा, ASI अपने अच्छे ढंग से आगे बढ़ा रहा है। स्थिति अच्छी है और ASI अपनी टेक्नोलॉजी, यूनिट, उपकरणों के माध्यम से कार्य कर रही है। ASI को जिस विशेषज्ञ, टीम की जरूरत होगी वह उनको बुलाकर सर्वे कराएगा। हम बस चाहते हैं कि सर्वे में मंदिर के साक्ष्य निकल जाएं।

गुंबद के ऊपर सीढ़ियां हैं, कलश रखे हैं- सुधीर त्रिपाठी
वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि ASI एक नक्शा बना रहा है। पूरे ज्ञानवापी का सर्वे किया जा रहा है। सर्वेक्षण कल सुबह 8 बजे शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कल वो लोग गुंबद पर गए थे जो आज भी जारी रहा। गुंबद के ऊपर सीढ़ियां हैं, कलश रखे हैं। पश्चिमी द्वार पर मशीन लगाकर लेखाजोखा कागज पर तैयार कर रहे हैं। हर जगह मशीन लगाकर काम हो रहा है।

विष्णु शंकर जैन ने कहा यह एक अधिवक्ता आयोग के सर्वेक्षण से अलग है। यह सोचना गलत है कि हर दिन कुछ नया मिलेगा क्योंकि संरचना और वास्तुकला का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन हो रहा है। जब ASI रिपोर्ट आएगी, तब हमें निष्कर्ष पता चलेगा।

वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से सैयद मोहम्मद यासीन ने ASI टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया है। हिंदू पक्ष द्वारा सर्वे को लेकर बेबुनियाद बातें फैलाई जा रही हैं। ‌ये केवल प्रचार प्रसार के लिए हो रहा।

रविवार को चौथे दिन का सर्वे करने के बाद ज्ञानवापी से बाहर निकलती हुई ASI टीम।

रविवार को चौथे दिन का सर्वे करने के बाद ज्ञानवापी से बाहर निकलती हुई ASI टीम।

व्यासजी के तहखाने में अभी काम अधूरा

सोमवार को ज्ञानवापी परिसर के तीनों गुंबदों की 3डी फोटोग्राफी और स्कैनिंग करवाई जाएगी।

सोमवार को ज्ञानवापी परिसर के तीनों गुंबदों की 3डी फोटोग्राफी और स्कैनिंग करवाई जाएगी।

ज्ञानवापी के सर्वे 4 अगस्त से जारी है। इससे पहले 24 जुलाई को सर्वे हुआ था। ASI उसे पहले दिन का सर्वे मान रही है। इस हिसाब से चार दिन का सर्वे हो चुका है। ज्ञानवापी के तीनों गुंबदों संग उतरी टीम ने ASI ने व्यास तहखाना में पैमाइश की। ASI ने रविवार सुबह सबसे पहले मुस्लिम पक्ष से चाबी लेकर व्यास तहखाने का ताला खुलवाया। गंदगी की सफाई करवाई और एग्जॉस्ट लगवाए, इसके बाद सर्वे शुरू किया गया। बार बार बिजली कटौती ने सर्वे को प्रभावित किया लेकिन लगभग 6 घंटे सर्वे का काम चला। दीवारों की 3-डी फोटोग्राफी, स्कैनिंग करवाई।

ज्ञानवापी में पिछले सर्वे के दौरान हॉल में मिली थी ऐसी कृतियां।

ज्ञानवापी में पिछले सर्वे के दौरान हॉल में मिली थी ऐसी कृतियां।

2 सितंबर तक कोर्ट में सब्मिट करनी होगी रिपोर्ट
पूरी ज्ञानवापी बिल्डिंग को एक बार में देखने के लिए सैटेलाइट के जरिए 3D इमैजिनेशन तैयार किया जा रहा है। इसमें टीम दीवारों की 3D इमेजिंग, मैपिंग और स्क्रीनिंग भी करेगी। रविवार को ASI से 58 लोग, हिंदू पक्ष से 8 लोग और मुस्लिम पक्ष से 3 लोग मौजूद हैं। वहीं, जिला कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। अजय कुमार विश्वेश की अदालत ने आदेश दिया कि ASI को अपनी सर्वे रिपोर्ट 2 सितंबर तक सब्मिट करनी होगी।

सर्वे के दौरान सुरक्षा कड़ी रखी गई, 400 मीटर का दायरा सील किया गया है।

सर्वे के दौरान सुरक्षा कड़ी रखी गई, 400 मीटर का दायरा सील किया गया है।

अब तक सर्वे में ASI ने क्या-क्या जुटाया
ASI ने चार सेक्टर बनाकर 100 मीटर एरियल व्यू फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की। पश्चिमी दीवारों के निशान, दीवार पर सफेदी का चूना, ईंट में राख और चूने की जुड़ाई समेत मिट्टी के कई सैंपल जुटाए हैं। इसमें पत्थर के टुकड़े, दीवार की प्राचीनता, नींव और दीवारों की कलाकृतियां, मिट्‌टी और उसका रंग, अवशेष की प्राचीनता सहित अन्न के दाने का सैंपल जुटाया है। इसके अलावा, टूटी मिली प्रतिमा का एक टुकड़ा भी ASI ने सैंपल में शामिल किया है। डिजिटल नक्शे में अंदर की वर्तमान स्थिति को भी अंकित किया जा रहा है।

18-20 दिनों में पूरा हो सकता है सर्वे का काम
ASI के विशेषज्ञों की अधिकारियों से जो चर्चा हुई है, उसके मुताबिक सर्वे 18-20 दिन में पूरा हो सकता है। आधुनिक तकनीक पर आधारित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, मैपिंग व स्कैनिंग कराई जा रही है। आज पांचवें दिन भी इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें एक्सपर्ट के तय होते ही GPR तकनीक से सर्वे के लिए अलग टीम वाराणसी आएगी।

सर्वे में तीन प्रमुख मशीनों का किया जा रहा है उपयोग
ज्ञानवापी परिसर की सतह की माप के लिए डायल टेस्ट इंडिकेटर लगाया जाता है। डेप्थ माइक्रोमीटर से भी अलग-अलग हिस्सों की माप की जा रही है। इसके साथ ही कांबिनेशन सेंट वर्नियर बैवल प्रोट्रेक्टर से परिसर में हुए निर्माण की बनावट, कलाकृतियां आदि की जांच की जा रही है। इसमें ASI टीम तैयार किए नक्शे के आधार पर इन मापों को रिकॉर्ड में दर्ज कर रही है।

जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक हुई अपील

  • 21 जुलाई को वाराणसी की स्थानीय कोर्ट ने ASI को सर्वे करके 4 अगस्त को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था।
  • 24 जुलाई को सुबह 7 बजे सर्वे शुरू हुआ। मुस्लिम पक्ष रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 26 जुलाई की शाम तक सर्वे पर रोक लगा दी और हाईकोर्ट जाने को कहा।
  • 25, 26, 27 जुलाई को मुस्लिम पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। 27 जुलाई को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया और 3 अगस्त को आदेश देने की बात कही।
  • 3 अगस्त को हाईकोर्ट के जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, ‘न्यायहित में सर्वे जरूरी है। मुझे इस तर्क में कोई दम नहीं दिखता कि बिना दीवार खोदे ASI नतीजे पर नहीं पहुंच सकता।’
  • 3 अगस्त को इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट चला गया।
  • 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
  • 4 अगस्त से 7 अगस्त तक लगातार सर्वे जारी है ।


पं.धीरेंद्र से मिलने पर कांग्रेस नेता ने कमलनाथ को घेरा; कहा- BJP प्रचारक की आरती करना वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता

कांग्रेस के सीनियर लीडर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, ‘भाजपा के स्टार प्रचारक की आरती उतारना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता।’ दरअसल, छिंदवाड़ा में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 5 से 7 अगस्त तक रामकथा कर रहे थे। कथा के मुख्य यजमान कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ थे। कथा के शुभारंभ के दिन (5 अगस्त) कमलनाथ ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आरती की थी।

 प्रमोद कृष्णम के बयान के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि कोई कुछ कहे, मैं नहीं जानता क्यों किसी के पेट में दर्द हो रहा है। वहीं BJP ने आरोप लगाया है कि चुनाव आते ही कांग्रेसियों को भगवान, मठ-मंदिर समेत हिंदू और सनातन धर्म की याद आती है।

बिहार में जातीय जनगणना जारी रहेगी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 14 अगस्त को सुनेंगे मामला
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में जाति-आधारित जनगणना पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई टाल दी है। ये अर्जी जनगणना जारी रखने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थी। अब 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। लाइव लॉ के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जनगणना का 80% काम पूरा हो चुका है। 90% पूरा हो जाएगा। क्या फर्क पड़ता है।

 बिहार में 7 जनवरी से शुरू हुई जातिगत जनगणना के दूसरे फेज का काम तकरीबन 80% पूरा हो चुका था। तभी मामला कोर्ट पहुंचा और इस पर रोक लग गई। देश में सबसे पहले जातीय जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में भी इसका डेटा इकट्ठा हुआ, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। 2011 में जातीय और सामाजिक-आर्थिक गणना हुई, लेकिन ये आंकड़े भी जारी नहीं किए गए।

चीतों की मौत पर SC ने बंद की सुनवाई: कहा- प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने की कोई वजह नहीं

MP के कूनो नेशनल पार्क में 9 चीतों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने बताया कि चीतों को बसाने में कुछ समस्याएं जरूर हैं, लेकिन चिंता करने जैसा कुछ भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की दलीलों को मानते हुए सुनवाई बंद कर दी है। कोर्ट ने ये भी कहा कि भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण नहीं है।

 देश में 70 साल बाद सितंबर 2022 में चीतों की वापसी हुई। साउथ अफ्रीका और नामीबिया से कुल 20 चीते भारत लाए गए। एक मादा चीता ने चार शावकों जन्म दिया था। ऐसे में उनकी संख्या बढ़कर 24 हो गई। जिनमें से अब केवल 15 चीते ही बचे हैं। इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चीतों की मौत पर नाराजगी जाहिर की थी और इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा था।

मणिपुर: आज शाह से मिलेंगे आदिवासी संगठन के लोग

मणिपुर के एक प्रभावशाली आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। राजनीतिक प्रशासन और हिंसा में मारे गए कुकी-जो समुदाय के लोगों को चुराचांदपुर में सामूहिक तौर पर दफनाने सहित पांच मुख्य मांगें माने जाने का अनुरोध करेंगे। ‘इंडीजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (ITLF) के सचिव ने बताया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शाह से मुलाकात करेगा और अपनी मांगें उनके सामने रखेगा। इस बीच सोमवार को मणिपुर के इम्फाल ईस्ट और इम्फाल वेस्ट जिलों में सोमवार को कर्फ्यू में ढील दी गई।

ज्ञानवापी सर्वे: ASI टीम ने संयम बरतने की सलाह दी

ज्ञानवापी में सर्वे के बीच ASI टीम ने नाराजगी जताते हुए सभी को संयम बरतने की सलाह दी है। टीम से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सख्ती की मांग की और कहा कि सर्वे की गोपनीयता बनाए रखें। वहीं अब मुस्लिम पक्ष का दावा है कि हिंदू पक्ष जिसे त्रिशूल बता रहा है वह वास्तव में ‘अल्‍लाह’ लिखा हुआ है। मस्जिद के तीनों गुंबद के नीचे दिख रहा शंकुकार स्‍ट्रक्‍चर किसी मंदिर का नहीं है।

केंद्र की बीजेपी सरकार ने आज संसद में दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला ग़ैर-संवैधानिक क़ानून पास करा कर दिल्ली के लोगों के वोट और अधिकारों का अपमान किया है: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल

इंदौर के पास लोधिया कुंड झरने में एक कार गिरी। वहां उपस्थित लोगों ने कार में मौजूद पिता और बेटी को डूबने से बचाया।

बाप रे! मेट्रो स्टेशन के बाहर इतनी लंबी लाइनें

15 अगस्त में अभी हफ्तेभर से ज्यादा का वक्त है, लेकिन इससे पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर एंट्री पॉइंट्स पर यात्रियों की तीन स्तरीय सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। ऐसे में अगर आप ऑफिस जाने के लिए मेट्रो से सफर करते हैं, तो घर से थोड़ा जल्दी निकलिए। मेट्रो से आने जाने में इन दिनों पहले से ज्यादा वक्त लग रहा है। सोमवार को कई मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी लाइनें देखी गई।

मेट्रो ने ट्वीट करके दी जानकारी
दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी थी। DMRC ने कहा था, ‘सिक्योरिटी अपडेट- स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़े सुरक्षा उपायों के चलते अतिरिक्त समय चाहिए। ऐसे में यात्रियों का कुछ अतिरिक्त समय लगेगा। आपसे सहयोग की अपेक्षा है।’ अगर आप मेट्रो स्टेशन पर लाइन में फंसते हैं तो घबराएं नहीं। एंट्री गेट पर CISF के जवान मैनुअली हर एक यात्री की जांच कर रहे हैं फिर उन्हें स्टेशन पर जाने की परमिशन मिल रही है।

पीक ऑवर्स में सबसे ज्यादा होगी परेशानी
दिल्ली मेट्रो में 15 अगस्त तक ऐसे ही चेकिंग जारी रहेगी। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि मेट्रो से सफर करने के लिए एकस्ट्रा समय लेकर ही चलें। एंट्री गेट के अलावा मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर भी जवान तैनात हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पीक ऑवर्स में हो रही है। पीक ऑवर्स में मेट्रो स्टेशनों के बाहर तक लंबी कतारें लग रही हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें