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ताजा समाचार – किसानों का दिल्ली मार्च आज,भारत सरकार के दवाब के बाद पीछे हटा गूगल,मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों पर कांग्रेस की मुश्किल, राहुल की यात्रा में मोदी के नारे,

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उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा रद्द करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा को हटा दिया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर संगारेड्डी में 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।रेणुका मिश्रा को उप्र पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाया गया,माओवादी संबंध मामला : उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा को बरी किया,प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर शहबाज शरीफ को बधाई दी,विदेश मंत्री जयशंकर ने दक्षिण कोरियाई प्रधानमंत्री से मुलाकात कीकलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री हान डक-सू से भेंट की तथा उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।: भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश के लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद कांग्रेस में सक्रियता बढ़ गई है, मगर उसके सामने बड़ी उलझन है सशक्त और जनाधार वाले उम्मीदवार की तलाश। राज्य में लोकसभा की 29 सीटें हैं और इनमें से 24 सीटों के लिए भाजपा अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। अब सिर्फ पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा बाकी है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अब तक एक भी उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं कर पाई है। कांग्रेस की पहली सूची जल्दी ही आने का दावा पार्टी के तमाम नेता कर रहे हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव पर गौर करें तो 29 सीटों में से भाजपा ने 28 सीटें जीती थी, वहीं कांग्रेस को सिर्फ छिंदवाड़ा सीट पर जीत दर्ज कर संतोष करना पड़ा था। आगामी चुनाव में भाजपा जहां सभी 29 सीटों पर जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस भी अपने पिछले चुनाव के नतीजे में सुधार का भरोसा दिला रही है। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी समस्या सक्षम और जनाधार वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी के कई बड़े नेता लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। अब पार्टी को फैसला करना है कि इन दिग्गज नेताओं को मैदान में उतार जाए या नए चेहरों को मौका दिया जाए।

संयुक्त किसान मोर्चा की मुख्य जत्थेबंदियों बीकेयू उगराहां, क्रांतिकारी किसान यूनियन और बीकेयू डकौंदा (धनेर) ने मंगलवार को पटियाला के पुड्डा ग्राउंड में एक विशाल रैली की। इस मौके पर बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत बाकी सभी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।पंजाब और हरियाणा को छोड़कर देश के बाकी राज्यों के किसान आज यानी छह मार्च को दिल्ली कूच करेंगे। वहीं 10 मार्च को देशभर में ट्रेन रोको आंदोलन का किसानों ने एलान किया है। 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत का आयोजन होगा। 

किसान नेताओं अवतार सिंह कौरजीवाला, दविंदर सिंह पुनिया ने कहा कि 21 फरवरी को शंभू व खनौरी बॉर्डरों पर शांतमयी ढंग से आगे बढ़ रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस प्रशासन ने गैर संवैधानिक ढंग से आंसू गैस के गोले छोड़े थे और गोलियां तक चलाई थीं। यह बेहद शर्मनाक व असहनीय है और इसका जिक्र पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लिए गए नोटिस में भी दर्ज हो चुका है।

किसान नेता डॉ दर्शन पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसानों की मानी गईं मांगों को तुरंत लागू किया जाए। इनमें एमएसपी की कानूनी गारंटी व खरीद, किसान-मजदूरों की कर्जामुक्ति, लखीमपुर खीरी कांड के आरोपियों को सख्त सजा देने, किसानों पर दर्ज केस वापस लेना शामिल है। रैली के मंच से संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में भारी संख्या में शामिल होने की घोषणा की गई। इस मौके पर किसानों ने जुलूस की शक्ल में त्रिपड़ी बाजार से डीसी आफिस तक रोष प्रदर्शन निकाला।

भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर, ग्वालियर में भी मेट्रो रेल की योजना : मोहन यादव

मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों राजधानी भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना पर काम जारी है। राजधानी में आठ स्टेशनों का भूमि पूजन करते हुए मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने वादा किया कि भोपाल व इंदौर के बाद जबलपुर, ग्वालियर में भी मेट्रो रेल की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहरों में स्वच्छता, मेट्रो जैसे अत्याधुनिक परिवहन साधन, युवाओं को रोजगार आज की प्राथमिकताएं हैं। आज एक मंच पर बहुआयामी कार्यक्रम के माध्यम से इन क्षेत्रों में प्रोत्साहन, नए कार्यों की शुरूआत और नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति प्रदान करने का महत्ती कार्य हो रहा है। यह एक लघु कुंभ की तरह है, जिसमें अलग-अलग तरह के हितग्राहियों, शासकीय सेवकों और संस्थाओं को पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में श्रेष्ठ कार्य के लिए चयनित नगरीय निकायों को पुरस्कृत और नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देते हुए नगरीय निकायों के विकास कार्यों के लिए 1,000 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया। भोपाल मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के लिए आठ स्टेशनों का भूमि पूजन भी किया गया।

राहुल गांधी और कांग्रेस दिशाहीन हैं : शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी “दिशाहीन” हैं । उन्होंने आश्चर्य जताया कि वायनाड से सांसद गांधी ऐसे में देश को कैसे दिशा देंगे।गांधी की चल रही ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ और शाम को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की उनकी यात्रा के बारे में पूछे जाने पर, चौहान ने कहा कि “बगुला भक्ति” (नकली भक्ति) से कुछ नहीं होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता चौहान ने यहां संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस और राहुल गांधी दिशाहीन हैं। वह देश को कैसे दिशा देंगे जब वह पार्टी और खुद को दिशा नहीं दे सकते।” आगामी आम चुनाव के लिए मध्य प्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा द्वारा मैदान में उतारे गए चौहान मंगलवार को 64 वर्ष के हो गए। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत में योगदान देना है।

मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की यात्रा में लगे मोदी-मोदी के नारे

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का मध्य प्रदेश में मंगलवार को चौथा दिन है। ब्यावरा से शाजापुर पहुंची यात्रा के सामने लोगों ने मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे लगाए। राहुल गांधी को इन लोगों ने आलू भी दिए। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा इन दिनों मध्य प्रदेश में है और मंगलवार को उसका चौथा दिन है। चौथे दिन यात्रा ब्यावरा से शाजापुर पहुंची। वे अपने वाहन से जब आगे बढ़ रहे थे, तभी सड़क किनारे खड़े लोगों ने मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे लगाए। नारे सुनकर राहुल गांधी ने अपना वाहन रुकवाया। वाहन रुकने के बाद राहुल गांधी उतरे और उन लोगों के करीब पहुंच गए जो मोदी-मोदी तऔर जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। इन लोगों ने राहुल गांधी को आलू भी सौंपे। उसके बाद राहुल गांधी आगे बढ़ गए। भारत जोड़ो न्याय यात्रा दो मार्च को मुरैना जिले से मध्य प्रदेश पहुंची था और यह यात्रा छह मार्च तक प्रदेश में रहेगी।

मध्य प्रदेश में बेहतर उम्मीदवार की तलाश में उलझी कांग्रेस

भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश के लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद कांग्रेस में सक्रियता बढ़ गई है, मगर उसके सामने बड़ी उलझन है सशक्त और जनाधार वाले उम्मीदवार की तलाश। राज्य में लोकसभा की 29 सीटें हैं और इनमें से 24 सीटों के लिए भाजपा अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। अब सिर्फ पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा बाकी है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अब तक एक भी उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं कर पाई है। कांग्रेस की पहली सूची जल्दी ही आने का दावा पार्टी के तमाम नेता कर रहे हैं।

 

भारत सरकार के दवाब के बाद पीछे हटा गूगल, प्ले स्टोर पर वापस आएंगे सभी डिलिस्टेड भारतीय एप

कई भारतीय कंपनियों के एप अपने प्ले स्टोर से हटाने वाली गूगल सरकार के दबाव के बाद मंगलवार को इन एप को बहाल करने पर सहमत हो गई। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी व दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्टार्टअप समुदाय और गूगल ने उनसे बात की थी, जिसके बाद गूगल ने सहमति दी। उन्होंने उम्मीद भी जताई कि दोनों पक्ष आपस में बात कर समाधान निकालेंगे।स्टार्टअप समुदाय के एक प्रतिनिधि समूह का भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से निवेदन किया कि वह गूगल को कंपनियों के एप प्ले स्टोर पर बहाल करने का निर्देश दे। अलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) ने एक मार्च को आयोग को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि प्ले स्टोर से एप हटाना प्रतियोगिता खत्म करने के लिए उठाया गया कदम है।

वैष्णव ने बताया कि गूगल और स्टार्टअप की सरकार के साथ बातचीत में रचनात्मक चर्चा हुई थी। इसका परिणाम निकला और गूगल ने इन सभी कंपनियों के एप एक मार्च 2024 की पूर्व स्थिति अनुसार बहाल करने पर सहमति दे दी।  

आयोग से भी मांगी मदद
स्टार्टअप समुदाय के एक प्रतिनिधि समूह का भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से निवेदन किया कि वह गूगल को कंपनियों के एप प्ले स्टोर पर बहाल करने का निर्देश दे। अलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) ने एक मार्च को आयोग को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि प्ले स्टोर से एप हटाना प्रतियोगिता खत्म करने के लिए उठाया गया कदम है। उसकी वजह से पूरे मार्केट को अपूर्णीय क्षति हो रही है।

140 से अधिक एप हटाए थे
गूगल ने शुक्रवार को भारतीय स्टार्टअप कंपनियों के 140 से अधिक एप प्ले स्टोर से हटा दिए थे। इनमें करोड़ों यूजर्स संख्या वाले भारत मैट्रीमनी, नौकरी, 99 एकड़, बालाजी टेलिफिल्म्स, कुकू एफएम शामिल थे। गूगल का आरोप था कि इन कंपनियों ने उसकी सेवा शुल्क संबंधित नीतियों का उल्लंघन किया। वे अपने यूजर्स को एप के जरिये दी जा रहीं सेवाओं व खरीद के लिए वैकल्पिक माध्यम से हुए भुगतान का सेवा शुल्क चुकाने की नीति नहीं मान रहीं। शनिवार को कुछ एप प्ले स्टोर पर वापस आ गए थे। बताया गया कि उन्होंने गूगल से बाहर किए भुगतान के लिए भी गूगल को 11 से 25 फीसदी सेवा शुल्क चुकाने की रजामंदी दी थी।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, संक्रमित रक्त से एचआईवी के शिकार वायुसेना अफसर को तत्काल दें 18 लाख

Supreme Court immediately pay Rs 18 lakh to Air Force officer who got HIV from infected blood

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में जम्मू-कश्मीर में सांबा के एक सैन्य अस्पताल में संक्रमित रक्त चढ़ाने से एचआईवी संक्रमित हुए वायुसेना अधिकारी को मुआवजा राशि में 18 लाख रुपये तत्काल देने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 26 सितंबर को दाखिल वायुसेना अधिकारी की याचिका पर अपने फैसले में भारतीय वायुसेना को मुआवजे के रूप में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष मंगलवार को उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में 2023 के शीर्ष अस्पताल के आदेश में दिए गए निर्देशों की अवमानना का आरोप लगाया गया था।

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष मंगलवार को उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में 2023 के शीर्ष अस्पताल के आदेश में दिए गए निर्देशों की अवमानना का आरोप लगाया गया था। पीठ ने 18 लाख रुपये तुरंत भुगतान करने के साथ यह निर्देश भी दिया कि उन्हें यहां बेस अस्पताल में चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाएगा। यात्रा व आवास खर्च के लिए प्रत्येक बार 25,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि उन्हें विकलांगता पेंशन का भुगतान करने के लिए उनकी विकलांगता को 100 प्रतिशत माना जाए। पीठ ने इस मामले में न्यायमित्र की दलीलों पर गौर किया कि कुछ मुद्दे थे जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता थी। यह पूर्व सैनिक 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर आतंकवादी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन पराक्रम के दौरान बीमार हो गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्हें एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

फिक्की सचिव संजय जाजू बोले, भारत को साॅफ्ट पावर बनाने में मीडिया-मनोरंजन उद्योग की भूमिका अहम

FICCI Frames 2024 Secretary Jaju said media-entertainment industry is important in making India soft power

भारत को साॅफ्ट पावर बनाने में मीडिया और मनोरंजन (एम एंड ई) क्षेत्र की अहम भूमिका है। इस क्षेत्र में विकास और रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। यह हमारी अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंगलवार को मुंबई में फिक्की फ्रेम्स 2024 के उद्घाटन के दौरान सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।फिक्की फ्रेम्स 2024 के उद्घाटन के दौरान सचिव संजय जाजू ने कहा कि देश में 90 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता, 60 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन और 4 करोड़ से अधिक कनेक्टेड टीवी हैं। यह उद्योग अपनी रचनात्मकता, नवीनता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है।

जाजू ने कहा कि भारत इस समय डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऑनलाइन मीडिया सामग्री की उपलब्धता के कारण मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में भी तेजी से बदलाव आया है। देश में 90 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता, 60 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन और 4 करोड़ से अधिक कनेक्टेड टीवी हैं। यह उद्योग अपनी रचनात्मकता, नवीनता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था में गुणांक के रूप में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जाजू ने कहा कि फिक्की-अर्नेस्ट एंड यंग रिपोर्ट के अनुसार, देश के डिजिटल मीडिया सेगमेंट में साल-दर-साल 30 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है। ओटीटी सेगमेंट की वृद्धि ने इस क्षेत्र में वास्तविक बदलाव लाया है। इस समय देश में करीब 60 ओटीटी प्लेटफॉर्म काम कर रहे हैं और इनमें से कई क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं। भारत में ओटीटी सेगमेंट का मौजूदा कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये का है।

तन्मय माहेश्वरी बोले, कंटेंट क्रिएटर्स के इंसेंटिव का मुद्दा अहम 
अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म में दिनोंदिन परिवर्तन हो रहे हैं। जितना अच्छा कंटेंट होगा, उतने ही सब्सक्राइबर और दर्शकों की संख्या बढ़ेगी लेकिन मौजूदा समय में हमारे पास इतने लोग नहीं हैं जो कंटेंट क्रिएशन की सारी समस्या हल कर दें। कंटेंट क्रिएटर के बिना यूट्यूब या इंस्टाग्राम कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर को इंसेंटिव भी एक मुद्दा है। उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलनी चाहिए। इसके लिए एक खुला पारिस्थितिकी तंत्र होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और वेब थ्री की अपनी समस्याएं हैं। एआई के जमाने में काफी बदलाव आएगा। इसलिए जो कंटेंट बना रहा है, उसके हिसाब से उसे इंसेंटिव मिलना चाहिए। इसके लिए हम सभी को सरकार के साथ मिलकर इसका समाधान निकालना होगा।

 पंजाब-हरियाणा से पर्यटक के रूप में रूस गये सात युवकों से भयंकर धोखा, झोक दिये यूक्रेन युद्ध में

7 From Punjab, Haryana Went To Russia As Tourists, Duped Into Ukraine War

पंजाब और हरियाणा के कुछ युवाओं ने सरकार से मदद की अपील की है। युवकों ने दावा किया है कि उन्हें धोखे से रूसी सैन्य सेवा में धकेल कर यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी 105 सेकंड के वीडियो में सात लोग हुड या स्कल कैप के साथ सैन्य शैली की शीतकालीन जैकेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। वे एक गंदे कमरे के अंदर खड़े हैं जिसके एक छोर पर एक बंद खिड़की है। उनमें से छह एक कोने में छिपे हुए हैं जबकि सातवां, हरियाणा के करनाल का 19 वर्षीय हर्ष, एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड करता है जिसमें वह अपनी स्थिति बताता है और मदद मांगता है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ये युवक पिछले साल दिसंबर में नया साल मनाने के लिए रूस गये थे। उनके पास रूस के लिए वीजा था। वीडा 90 दिन के लिए मान्य था। लेकिन ये लोग रूस की जगह बेलारूस पहुंच गये। रूस के जगह उनको एक दलाल बेलारूस ले गया। युवकों को यह पता नहीं था कि वहां के लिए वीजा की जरूरत होगी। 

बेलारूस लेजाकर दलाल गायब हो गया और युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद स्थानीय प्रशासन ने उनसे कई कागजों पर दस्तखत दराये और उनके सैन्य ट्रेनिंग के कहा गया और युद्ध के लिए दवाब बनाया। 

महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले दो-तिहाई कानूनी अधिकार

वैश्विक स्तर पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को केवल दो-तिहाई कानूनी अधिकार मिलते हैं। इससे जाहिर है कि सदियों से पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता की खाई कानूनी तौर पर भी पाटी नहीं जा सकी है। विश्व बैंक की वुमन, बिजनेस एंड द लॉ नामक शीर्षक वाली रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं और पुरुषों के बीच का अंतर पहले की तुलना में अधिक है।रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय महिलाओं के पास पुरुषों की तुलना में सिर्फ 60 फीसदी कानूनी अधिकार हैं, जो वैश्विक औसत 64.2 प्रतिशत से थोड़ा कम है। हालांकि, भारत ने अपने दक्षिण एशियाई समकक्षों को पीछे छोड़ दिया, जहां महिलाओं को पुरुषों की ओर से प्राप्त कानूनी सुरक्षा का केवल 45.9 प्रतिशत हिस्सा है।

वहीं, जब हिंसा और बच्चों की देखभाल से जुड़े कानूनी मतभेदों को ध्यान में रखा जाता है, तो महिलाओं को पुरुषों की तुलना में दो-तिहाई से भी कम अधिकार प्राप्त हैं। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से सुरक्षा व बच्चों की देखभाल सेवाओं तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों मुद्दे महिलाओं के अवसरों को प्रभावित करते हैं। इस संदर्भ में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में केवल 64% ही कानूनी सुरक्षा प्राप्त है, जो 77% के पिछले अनुमान से काफी कम है। 

भारतीय महिलाओं की यह है स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय महिलाओं के पास पुरुषों की तुलना में सिर्फ 60 फीसदी कानूनी अधिकार हैं, जो वैश्विक औसत 64.2 प्रतिशत से थोड़ा कम है। हालांकि, भारत ने अपने दक्षिण एशियाई समकक्षों को पीछे छोड़ दिया, जहां महिलाओं को पुरुषों की ओर से प्राप्त कानूनी सुरक्षा का केवल 45.9 प्रतिशत हिस्सा है।

महिलाओं में वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देने की शक्ति
विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमिट गिल के मुताबिक, महिलाओं में लड़खड़ाती वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देने की शक्ति है। हालांकि, इसके बावजूद पूरी दुनिया में, भेदभावपूर्ण कानून और प्रथाएं महिलाओं को पुरुषों के साथ समान स्तर पर काम या व्यवसाय करने से रोक रही हैं। गिल के अनुसार इस अंतर को कम करने से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 20 फीसदी से अधिक का इजाफा हो सकता है, जो अगले दशक में वैश्विक विकास की दर को प्रभावी तरीके से दोगुना कर सकता है। लेकिन उनका कहना है कि इन सुधारों की गति धीमी पड़ गई है।

रैंकिंग में बदलाव
नवीनतम रिपोर्ट में पाया गया है कि सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं सहित कोई भी देश महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित नहीं करता है। हालांकि, भारत की रैंक में 74.4 प्रतिशत के स्कोर के साथ इसमें मामूली सुधार हुआ है और यह 113 प्रतिशत हो गया है। रैंकिंग 2021 में 122 से घटकर 2022 में 125 और 2023 के सूचकांक में 126 हो गई। सालाना प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट में 190 देशों में महिलाओं के लिए कानूनी सुधारों और वास्तविक परिणामों के बीच मौजूद असमानता का मूल्यांकन किया गया है।

4 तीर से बड़े निशाने, योगी सरकार के विस्तार की ‘सोशल इंजिनियरिंग’ 

 उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 ने अपना पहला कैबिनेट विस्तार मंगलवार को कर दिया। लंबे समय से कहा जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार अपने कैबिनेट का विस्तार करेगी। 52 मंत्रियों वाली योगी सरकार में अब 56 मंत्री हो गए हैं और अब मंत्रियों की चार सीटें ही खाली हैं। नए विस्तार में ओपी राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील शर्मा को मंत्री बनाया गया है। चारों मंत्रियों के चयन में आने वाली लोकसभा चुनाव को लेकर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का खास ध्यान रखा गया है।

ओम प्रकाश राजभर पहले भी योगी सरकार के साथ रह चुके हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ से अनबन के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद वह सपा के साथ चले गए थे। साल 2022 का विधानसभा चुनाव उन्होंने सपा के साथ लड़ा, जिससे भाजपा को पूर्वांचल के कई इलाकों में काफी नुकसान झेलना पड़ा। मऊ, गाजीपुर और उसके आसपास की कई सीटों पर सुभासपा का अच्छा-खासा दखल है। यहां गैर यादव वोटर्स को साधने के लिए बीजेपी को न सिर्फ राजभर की जरूरत है बल्कि दारा सिंह चौहान भी इस मिशन में उसके मददगार हो सकते हैं।

राजभर-चौहान बीजेपी को बनाएंगे अजेय

दरअसल, बीजेपी का मिशन इस बार 80 की 80 लोकसभा सीटें जीतने का है। ऐसे में वह हर समाज के लोगों को साधकर अजेय बढ़त बनाने की जुगत में है। बीजेपी की नजर लंबे समय से गैर-यादव ओबीसी वोटर्स पर है। इसके लिए उसका निषाद पार्टी, अनुप्रिया पटेल की अपना दल के साथ गठबंधन पहले से ही है। पूर्वांचल में यादव के बाद सबसे ज्यादा गैर यादव ओबीसी वोटर राजभर, पटेल और चौहान समाज से ही आते हैं। ऐसे में चौहान और राजभर वोटों को सहेजने के लिए भाजपा ने ओपी राजभर और दारा सिंह चौहान को अपने पाले में किया है। दोनों को एनडीए और भाजपा में इसी शर्त पर शामिल किया गया था कि उन्हें योगी कैबिनेट में जगह दी जाएगी। यह पुराना वादा बीजेपी ने आज पूरा कर दिया है।

दलित-ब्राह्मण को साधेंगे अनिल कुमार और सुनील शर्मा
भाजपा ने राजभर और चौहान के अलावा दो और लोगों को मंत्री बनाया है। इनमें से एक ताजा-ताजा एनडीए का हिस्सा बने आरएलडी के विधायक अनिल कुमार हैं। अनिल कुमार को उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार में स्थान दिलाकर आरएलडी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दलित मतदाताओं को साधने की पहल की है। अनिल कुमार राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी (आरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक हैं। सहारनपुर जिले के ताहरपुर गांव में मोतीराम के परिवार में 1975 में जन्मे अनिल कुमार अनुसूचित जाति (दलित) से आते हैं। विधानसभा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अनिल कुमार की शिक्षा इंटरमीडिएट है।

मुख्य रूप से कृषि का व्यवसाय करने वाले कुमार 2007 और 2012 में विधायक चुने गये थे और 2022 में वह तीसरी बार निर्वाचित हुए। कुमार को राष्ट्रीय लोकदल ने मंत्रिमंडल में शामिल कराकर 2024 के लोकसभा चुनाव में दलित मतदाताओं को साधने की जुगत की है। अनुसूचित और गैर यादव कम्युनिटी को साधने के बाद सवर्ण खासतौर पर ब्राह्मणों में नाराजगी न हो, इसलिए सुनील कुमार शर्मा को भी मंत्री बनाया गया है। शर्मा विधामसभा चुनाव में 2 लाख से ज्यादा मतों से जीतने वाले रेकॉर्डधारी ब्राह्मण विधायक हैं।

इसके अलावा, प्रदेश में पश्चमी यूपी सीट से योगी सरकार में कोई भी ब्राह्मण विधायक या मंत्री नहीं है। चूंकि लोकसभा चुनाव करीब है और बीजेपी यहां इस सीट को बैलेंस रखना चाहती है, इसलिए सुनील शर्मा को कैबिनेट में शामिल कर उस गैप को बेहतर तरीके से भरने की कोशिश की गई है। निश्चित तौर पर इससे उनका कद बढ़ा है।

पूरे भारत के किसान दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर शांतिपूर्वक करेंगे मार्च

डाउन हुआ फेसुबक- इंस्टाग्राम, यूजर्स नहीं कर पा रहे इस्तेमाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक- इंस्टाग्राम मंगलवार रात अचानक डाउन हो गए। कुछ यूजर्स का कहना है कि उनका अकाउंट अपने आप ही लॉग आउट हो रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स का पेज ही रिफ्रेश नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया के दोनों प्लेटफॉर्म डाउन होने पर यूजर्स काफी परेशान हो गए हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने MLC चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

Ramswaroop Mantri

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