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 ताजा समाचार:INDIA और भारत के बीच नई बहस :वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया तय; मणिपुर हिंसा पर UN की रिपोर्ट,1901 के बाद अगस्त सबसे गर्म रहा

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मध्य प्रदेश के मंडला और श्योपुर में बीजेपी की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। शाह दोनों क्षेत्रों में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट आज बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण के मामले पर सुनवाई करेगा। सर्वे को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पटना उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट HC के इसी आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

आज के प्रमुख इवेंट्स

  1. PM मोदी 20वीं आसियान समिट में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया जा रहे हैं। इस विजिट पर वो ASEAN देशों से व्यापार और सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
  2. एशिया कप में सुपर-4 राउंड का पहला मुकाबला पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा। ये मुकाबला लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में होगा।

G20 डिनर कार्ड पर President Of India लिखने पर विवाद, कांग्रेस बोली- यह संघीय ढांचे पर हमला

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से मिले इन्विटेशन कार्ड की तस्वीर शेयर की और लिखा - जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से मिले इन्विटेशन कार्ड की तस्वीर शेयर की और लिखा – जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता

G20 समिट के दौरान दिल्ली के प्रगति मैदान में एक डिनर होस्ट किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन से एक इन्विटेशन भेजा गया है। जिस पर President Of India की जगह President Of Bharat लिखने पर विवाद छिड़ गया। विपक्षी दलों का कहना है कि केंद्र सरकार देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत करना चाहती है। कांग्रेस ने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया।

 भारत के संविधान के आर्टिकल 1 (1) में लिखा है- ‘India, that is Bharat, shall be a Union of States’ यानी ‘इंडिया, जो भारत है राज्यों का एक संघ होगा’। इसका मतलब हमारे देश का नाम भारत और इंडिया दोनों है। इन दोनों का इस्तेमाल संवैधानिक है। हालांकि अगर कोई हिंदुस्तान, आर्यावर्त या जंबूद्वीप लिखने लगे, तो इसे संविधान के खिलाफ माना जाएगा।

इससे पहले 2012 में कांग्रेस सांसद रहे शांताराम नाइक ने राज्यसभा में एक बिल पेश किया था। इसमें उन्होंने मांग की थी कि संविधान की प्रस्तावना में, अनुच्छेद 1 में और संविधान में जहां-जहां इंडिया शब्द का इस्तेमाल हुआ हो, उसे बदल कर भारत कर दिया जाए।

इस पर रिएक्शन देते हुए आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने एक्स (जो पहले ट्विटर था) पर लिखा कि हम अगली बैठक में अपने गठबंधन का नाम I.N.D.I.A से बदलकर ‘भारत’ करने पर विचार कर सकते हैं। बीजेपी को अब देश के लिए कोई नया नाम सोचना शुरू कर देना चाहिए।

इससे पहले राघव चड्ढा ने एक पोस्ट में लिखा था- G20 सम्मेलन के इन्विटेशन कार्ड पर प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसीडेंट ऑफ भारत लिखकर बीजेपी ने एक नई बहस छेड़ दी है। भाजपा INDIA को कैसे खत्म कर सकती है। देश किसी राजनीतिक दल का नहीं है; यह 135 करोड़ भारतीयों का है। हमारी राष्ट्रीय पहचान भाजपा की निजी संपत्ति नहीं है जिसे वह अपनी इच्छानुसार बदल सके।

कांग्रेस लीडर जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘ये खबर वाकई सच है। राष्ट्रपति भवन ने 9 सितंबर को G20 डिनर के लिए जो इन्विटेशन भेजा है। जिसमें India की जगह Bharat लिखा गया है।

जयराम ने आगे लिखा, संविधान में अनुच्छेद 1 के मुताबिक, INDIA जिसे भारत कहते हैं वह राज्यों का एक संघ होगा, लेकिन अब इस राज्यों के संघ पर भी हमला हो रहा है।

असम CM हिमंत सरमा ने लिखा – रिपब्लिक ऑफ भारत

जयराम रमेश के ट्वीट के आधे घंटे के बाद असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने भी एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, रिपब्लिक ऑफ भारत- खुश और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। हमारी सभ्यता अमृत काल की ओर तेजी से बढ़ रही है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन्विटेशन कार्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और लिखा - जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन्विटेशन कार्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और लिखा – जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता

INDIA और BHARAT नाम विवाद पर किसने-क्या कहा…

  • दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल ने कहा, INDIA नाम के अलायंस बनने के बाद ये देश का नाम बदल रहे हैं। अगर कल इंडिया अलायन्स ने मीटिंग करके अपना नाम भारत रख लिया तो क्या ये भारत का नाम भी बदल देंगे और क्या ये भारत का नाम बीजेपी रख देंगे।
  • कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ जैसे नाम दिए थे। स्किल इंडिया’, ‘खेलो इंडिया’…वे (भाजपा) ‘इंडिया’ शब्द से डरते हैं, संविधान का अनुच्छेद 1 कहता है ‘इंडिया, दैट इज भारत’…यह नाम (इंडिया) कैसे हटाया जा सकता है?
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, हमारे संविधान में साफ लिखा है कि ये ‘कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया’ है। इंडिया शब्द से पूरी दुनिया पहचानती है। मुझे नहीं लगता कि इसे बदलने की आवश्यकता है।
  • पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने सवाल किया कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि देश का नाम बदला जा रहा। हम देश को भारत कहते हैं, इसमें नया क्या है? अंग्रेजी में हम इंडिया कहते हैं… कुछ भी नया करने को नहीं है। दुनिया हमें इंडिया के नाम से जानती है।
  • बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन से बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डर गए हैं। ये लोग अब इंडिया का नाम बदलने की साजिश कर रहे हैं। विपक्षी गठबंधन का नारा है- बढ़ेगा भारत-जीतेगा इंडिया।
  • तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा, अब बीजेपी ‘इंडिया’ को ‘भारत’ में बदलना चाहती है…बीजेपी ने बदलाव का वादा किया है लेकिन हमें 9 सालों के बाद केवल नाम बदला हुआ मिला है।
  • केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, उन्हें हर चीज से समस्या है और मुझे नहीं है। मैं ‘भारतवासी’ हूं, मेरे देश का नाम ‘भारत’ था और हमेशा ‘भारत’ ही रहेगा। अगर कांग्रेस को इससे दिक्कत है तो उन्हें इसका इलाज खुद ढूंढना चाहिए।”
  • बीजेपी नेशनल जनरल सेक्रेटरी तरुण चुघ ने कहा, भारत कहने या लिखने में दिक्कत क्यों है? आप शर्म क्यों महसूस कर रहे हैं। हमारे राष्ट्र को प्राचीन काल से ही भारत कहा जाता रहा है और इसका उल्लेख हमारे संविधान में भी किया गया है। वे बिना वजह गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, अब से टीम इंडिया नहीं टीम भारत कहिए। मैं जय शाह से अपील करता हूं वर्ल्डकप में भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी में भारत नाम लिखा जाए।
  • बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने लिखा- भारत माता की जय। हालांकि उन्होंने इसका संदर्भ नहीं बताया।

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I. A. के नाम पर भाजपा हमलावर… जानें क्या है यह मामला
INDIA नाम को लेकर विवाद तब से शुरू हुआ जब विपक्ष की 28 पार्टियों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया। गठबंधन की पहली बैठक बेंगलुरु में 18 जुलाई को हुई थी। इसमें अलायंस का नाम INDIA (इंडियन नेशनल डेवलमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) रखा गया था। इसके बाद भाजपा विपक्ष पर हमलवार हो गई। पीएम मोदी ने INDIA की जगह इसे घमंडिया गठबंधन का नाम दिया। वहीं विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा था कि, बीजेपी को INDIA नाम लेने से इतनी दिक्कत क्यों है।

INDIA नाम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, 21 अक्टूबर को सुनवाई

यह तस्वीर विपक्षी गठबंधन की 18 जुलाई को बेंगलुर में हुई मीटिंग की है।

यह तस्वीर विपक्षी गठबंधन की 18 जुलाई को बेंगलुर में हुई मीटिंग की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (4 अगस्त) को विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलमेंट इंक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.) के नाम को लेकर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्षी पार्टियों से जबाव मांगा है। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर को करेगा। कोर्ट में गिरीश भारद्वाज ने गुरुवार (3 अगस्त) को याचिका दायर की थी।

उनका कहना था कि विपक्षी गठबंधन का नाम बदल दिया जाए। इससे पहले चिराग पासवान भी गठबंधन के नाम को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि आप देश के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकते, ये पूरी तरह गलत है।

वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, रोहित शर्मा कप्तान, सूर्यकुमार को मौका
वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। स्क्वॉड में 15 खिलाड़ियों को जगह दी गई है। कप्तान रोहित शर्मा के अलावा टीम में शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दूल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव रहेंगे।

 5 अक्टूबर से भारत में वनडे वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है। भारत का पहला मुकाबला 8 अक्टूबर को चेन्नई के चेपॉक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से होगा। श्रीलंका में चल रहे एशिया कप के लिए भारत की 18 मेंबर्स वाली टीम में से 15 खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए चुने गए हैं। तिलक वर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा और संजू सैमसन वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली है।

यह है भारतीय टीम
रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दूल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव।

एशिया कप के लिए घोषित 18 में से ही चुने गए 15 खिलाड़ी
श्रीलंका में इस समय चल रहे एशिया कप के लिए भारत की जो 18 मेंबर्स वाली टीम चुनी गई थी, उन्हीं में से 15 खिलाड़ी वर्ल्ड कप की टीम में आए हैं। एशिया कप टीम में मौजूद तिलक वर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा और संजू सैमसन वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। टीम में युजवेंद्र चहल को भी मौका नहीं मिला है।

भारत-पाक मुकाबला 14 अक्टूबर
वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला 14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना है। भारत वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत 8 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में करेगा।

वर्ल्ड कप में खेले जाएंगे 48 मुकाबले
भारत में अक्टूबर-नवंबर में 46 दिन तक वनडे वर्ल्ड होगा, जिसमें 48 मैच खेले जाएंगे। पहला मैच 5 अक्टूबर को पिछले वर्ल्ड कप की विजेता और उप-विजेता इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में होगा। 12 नवंबर तक ग्रुप स्टेज के 45 मैच होंगे। 15 और 16 नवंबर को 2 सेमीफाइनल और 19 नवंबर को अहमदाबाद में फाइनल खेला जाएगा।

वर्ल्ड कप की शुरुआत 5 अक्टूबर को होगी
वर्ल्ड कप के मौजूदा सीजन की शुरुआत 5 अक्टूबर को डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड मुकाबले के साथ अहमदाबाद से होगी। ग्राफिक्स में देखिए पूरा शेड्यूल…

UN एक्सपर्ट्स ने मणिपुर में मानवाधिकार और वॉयलेंस पर लिखा, केंद्र ने रिपोर्ट खारिज की

मणिपुर में शांति बहाली के लिए कैंडिल मार्च में हिस्सा लेते दीमापुर, नागालैंड के लोग। (तस्वीर 3 मई की है)

मणिपुर में शांति बहाली के लिए कैंडिल मार्च में हिस्सा लेते दीमापुर, नागालैंड के लोग। (तस्वीर 3 मई की है)

केंद्र सरकार ने मणिपुर हिंसा पर यूनाइटेड नेशंस (UN) एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे तथ्यहीन, भ्रामक और भड़काऊ बताया। दरअसल, UN एक्सपर्ट्स ने मणिपुर को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि वे राज्य में हुए मानवाधिकार के उल्लंघन, सेक्सुअल वॉयलेंस और मौतों को देखकर आहत हैं।

 मणिपुर में 3 मई से जारी हिंसा में 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। UN एक्सपर्ट्स का कहना है कि राज्य में अपराध, हिंसा और हेट स्पीच रोकने में भारत सरकार का रिस्पॉन्स बहुत धीमा है। जबकि हिंसा में औरतों और बच्चियों को निशाना बनाया गया।

दरअसल, UN एक्सपर्ट्स ने मणिपुर को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था पूर्वोत्तर राज्य में हुए सेक्सुअल वॉयलेंस, घरों का तोड़ना, टॉर्चर, मानव अधिकार का उल्लंघन है। इस मामले में स्पेशल प्रोसिजर मैंडेट होल्डर्स (SPMH) ने एक न्यूज रिलीज की थी। इसका नाम, ‘इंडिया: UN एक्सपर्ट्स अलार्म्ड बाय कन्टिन्यूइंग एब्यूजेज इन मणिपुर’ था।

उधर, एडिटर्स गिल्ड ने मणिपुर सरकार की ओर से उनके मेंबर्स पर FIR दर्ज कराने के मामले पर रिएक्शन दिया है। संस्थान ने लेटर जारी कर कहा- राज्य सरकार की इस कार्रवाई से हम इससे परेशान हैं। राज्य के सीएम श्री एन बीरेन सिंह के डराने वाले बयानों से हमें झटका लगा है। मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकार संगठन को राष्ट्र विरोधी कहना परेशान करने वाला है। हम राज्य सरकार से FIR वापस लेने का आग्रह करते हैं।

एडिटर्स गिल्ड ने मणिपुर सरकार से उनके मेंबर्स के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की अपील की है।

एडिटर्स गिल्ड ने मणिपुर सरकार से उनके मेंबर्स के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की अपील की है।

एडिटर्स गिल्ड ने बताया कि हमें लोगों और सेना की ओर कई लोगों ने लिखा था कि मीडिया मामले में पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रही है। इसके बाद हमने तीन लोगों की टीम को ग्राउंड पर भेजा। टीम ने मणिपुर जाकर, पत्रकारों, समाजसेवकों, आदिवासियों, महिलाओं, सुरक्षाबलों और पीड़ितों से बात की। जिसके आधार पर 2 सितंबर को रिपोर्ट जारी की। हमने गलती से एक फोटो का कैप्शन गलत लिख दिया था, जिसके लिए माफी भी मांगी थी।

UN की रिपोर्ट पर सरकार ने क्या रिएक्शन दिया

सरकार शांति के लिए काम कर रही है
स्पेशल प्रोसिजर ब्रांच के मानवाधिकार हाई कमिश्नर ने सोमवार 4 सितंबर को एक नोट वर्बेल जारी किया। उन्होंने कहा- मणिपुर में स्थिति शांतिपूर्ण है। सरकार मणिपुर में शांति बनाने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। सरकार मानव अधिकारों की रक्षा के लिए सभी काम कर रही है।

परमानेंट मिशन ने बयान को गलत और भड़काऊ बताया
भारत के परमानेंट मिशन ने UN एक्सपर्ट्स के प्रेस रिलीज को रिजेक्ट किया और इसे गलत और भड़काऊ बताया है। मिशन ने जेनेवा में UN ऑफिस और दूसरे ऑर्गनाइजेशन्स को बताया कि एक्सपर्ट्स के बयान से पता चलता है कि उन्हें भारत सरकार की कोशिशों के बारे में जानकारी की कमी है।

सरकार को जवाब के लिए 60 दिन का समय भी नहीं
UN ऑफिस ने भारत सरकार के लिए 29 अगस्त 2023 को मणिपुर हिंसा पर एक ज्वाइंट कम्यूनिकेशन जारी किया था। परमानेंट मिशन ने कहा- हमें दुख और आश्चर्य है कि ज्वाइंट कम्यूनिकेशन के बाद SPMH ने भारत सरकार को जवाब देने के लिए 60 दिन का समय भी नहीं दिया। उन्होंने इससे पहले ही यह प्रेस रिलीज जारी कर दी।

मिशन ने SPMH को दी सलाह
मिशन ने SPMH को सलाह दी कि भविष्य में फेक्ट्स के आधार पर रिपोर्ट दें और ऐसी बातें नहीं लिखें जिनका काउंसिल से लेना देना नहीं है। मिशन ने रिपोर्ट जारी करने से पहले सरकार के इनपुट देने तक इंतजार करने की सलाह भी दी। मिशन ने कहा- भारत एक लोकतांत्रिक देश है। हमारा कानून और सरकार लोगों की रक्षा के लिए है। भारत का कानून और सिक्योरिटी फोर्सेस किसी भी तरह का भेदभाव नहीं रखते।

हिंसा में औरतों और बच्चियां निशाना थी – UN एक्सपर्ट्स

UN एक्सपर्ट्स ने 'सीरियस ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन एंड एब्यूसेस' नाम से प्रेस रिलीज दिया था। उन्होंने मणिपुर में औरतों के खिलाफ हुई हिंसा पर चिंता जताई है।

UN एक्सपर्ट्स ने ‘सीरियस ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन एंड एब्यूसेस’ नाम से प्रेस रिलीज दिया था। उन्होंने मणिपुर में औरतों के खिलाफ हुई हिंसा पर चिंता जताई है।

प्रेस रिलिज में UN एक्सपर्ट्स ने कहा- मणिपुर हिंसा की फोटोस और रिपोर्ट्स बताती है कि हिंसा में औरतों और बच्चियों को निशाना बनाया गया। इनमें कुकी जाति की महिलाएं खास तौर पर निशाने पर रही हैं। मणिपुर हिंसा में गैंग रेप, महिलाओं को सड़कों पर नंगा मार्च, मारपीट, लोगों को जिंदा जलाने जैसे काम शामिल थे।

एक्सपर्ट्स ने कहा- मई 2023 के हिंदू मैतेई और ईसाई कुकी समुदायों की लड़ाई से पता चलता है कि मणिपुर में मानवता की कमी है।

मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा मौतें
मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 3-5 मई के बीच 59 लोग, 27 से 29 मई के बीच 28 लोग और 13 जून को 9 लोगों की हत्या हुई थी। 16 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक हिंसा नहीं हुई थी।

यह तस्वीर 13 जून की है। इस दिन मणिपुर में कई जगहों पर कुकी लोगों ने मैतई अफसरों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।

यह तस्वीर 13 जून की है। इस दिन मणिपुर में कई जगहों पर कुकी लोगों ने मैतई अफसरों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।

4 पॉइंट्स में जानिए, मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतेई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

शाह बारिश के कारण MP के श्योपुर नहीं जा सके, मोबाइल से सभा को संबोधित किया
गृहमंत्री अमित शाह खराब मौसम के चलते श्योपुर नहीं पहुंचे सके। उन्होंने फोन पर ही सभा को संबोधित किया। ग्वालियर में बारिश की वजह से हेलिकॉप्टर श्योपुर के लिए नहीं उड़ सका। इससे पहले मंडला में शाह ने दावा किया कि MP में इस बार 150 सीटों के साथ भाजपा की सरकार बनेगी।

गहलोत बोले- सत्ता में आए तो टीचर्स से दूसरे काम नहीं कराएंगे, आपका काम सिर्फ पढ़ाने का

जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बोलते CM अशोक गहलोत।

जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बोलते CM अशोक गहलोत।

राजस्थान के CM अशोक गहलोत जयपुर में शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा- मुझे पता है टीचर्स पर काफी वर्क प्रेशर है। उसके बावजूद आपको दूसरे भी काम दिए जाते हैं। हम चाहते हैं कि शिक्षक सिर्फ शिक्षक का ही कम करें। बाकी काम दूसरे लोग करें। अगर फिर से हमारी सरकार बनेगी तो मैं आप लोगों का काम हल्का करूंगा।
कांग्रेस बोली- सरकार ने स्पेशल सेशन के मुद्दे नहीं बताए, संसद में हम मोदी चालीसा के लिए नहीं बैठेंगे
18 से 22 सितंबर तक होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी की है। इसके लिए सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी ग्रुप की बैठक हुई। मीटिंग के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा- पहले जब भी विशेष सत्र बुलाया गया, तब पार्टियों को मुद्दा बताया जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। हम सिर्फ मोदी चालीसा के लिए नहीं बैठेंगे।

संभावना जताई जा रही है कि विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर बिल ला सकती है। हालांकि विपक्ष के नेता इसका विरोध कर रहे हैं। वन नेशन वन इलेक्शन के लिए सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई है।

मीटिंग के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा- पहले जब भी विशेष सत्र बुलाया गया, तब पार्टियों को मुद्दा बताया जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। हम चाहते है सामाजिक मुद्दों, आर्थिक मुद्दों, विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो। हम सिर्फ मोदी चालीसा के लिए नहीं बैठेंगे। हम हर सदन में मुद्दे उठाते है, लेकिन हमें मौका नहीं दिया जाते है। इस विशेष सत्र में हम अपना मुद्दा रखना चाहेंगे।

हम रात को 8 बजे इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ बैठक करेंगे। हम सभी इस विशेष सत्र में भाग लेना चाहेंगे।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- 18 सितंबर से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन बीजेपी खुद तय नहीं कर पा रही कि मुदा क्या है। ये सरकार न पारदर्शी है, न ही जिम्मेदार है। ये देश अंधेरे में है और जो भी सुनने को आ रहा है वो मीडिया के माध्यम से आ रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसको अंधेरे में रखा है।कांग्रेस पार्टी अहम् मुद्दों पर बात करने को तैयार है। शाम को खड़गे के घर इंडिया अलायन्स के नेताओं के साथ बैठक होगी।

चर्चा है कि विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक देश एक चुनाव को लेकर बिल ला सकती है। विपक्ष के नेता एक सुर में इसका विरोध कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने 1 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई है। इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह समेत 8 मेंबर्स हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी भी इसमें शामिल हैं। हालांकि उन्होंने कमेटी में काम करने से इनकार कर दिया है।

8 लोगों की कमेटी में गुलाम नबी आजाद भी सदस्य

एक देश, एक चुनाव पर केंद्र ने एक कमेटी का ऐलान किया है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर होंगे। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी की बैठकों में स्पेशल मेंबर के तौर पर शामिल होंगे।

हालांकि इस कमेटी में नाम आने के बाद अधीर रंजन ने गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिखा। उन्होंने कहा कि मैं इस समिति में काम नहीं करूंगा, क्योंकि ये धोखा देने के लिए बनाई गई है। कांग्रेस के विरोध के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- अभी तो समिति बनी है, इतना घबराने की बात क्या है? समिति की रिपोर्ट आएगी, फिर पब्लिक डोमेन में चर्चा होगी। संसद में चर्चा होगी।

. भारत में 1901 के बाद अगस्त सबसे गर्म रहा, दिल्ली में 4 सितंबर को टूटा 85 साल का रिकॉर्ड

मौसम विभाग के मुताबिक 4 सितंबर तक देश में सामान्य से 11% कम बारिश हुई। इस बार अगस्त में साल 1901 के बाद सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। उधर, दिल्ली में 4 सितंबर पिछले 85 साल में सबसे गर्म दिन रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है।

इस साल देश के 9 राज्यों में कम मानसूनी बारिश हुई है। जून-जुलाई में होने वाली बारिश से ही ये तय होता है कि देश में कितनी पैदावार होगी। वहीं, अगस्त और सितंबर में होने वाली बारिश से ही देश के ज्यादातर तालाब, जलाशय और ग्राउंड वाटर रिचार्ज होते हैं। इन वजहों से इस साल फसलों की पैदावार में कमी होने की संभावना है।
भारत में एक सदी से भी ज्यादा समय में इस बार सबसे सूखा अगस्त रहा। जिसमें सामान्य से 36% कम बारिश हुई। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा और सितंबर में बारिश की कमी पूरी हो जाएगी। 4 सितंबर के बाद बारिश में तेजी आएगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने अगस्त में बारिश में कमी के लिए अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया था। यह एक मौसमी घटना है, जो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान सामान्य से ऊपर बढ़ने से पैदा होती है।

तेलंगाना के कई जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। इसके चलते मौसम विभाग ने 6 सितंबर को राज्य में यलो अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान: जयपुर, अजमेर समेत 17 जिलों में कल से बारिश का दौर

अजमेर में भी मौसम साफ रहा। पर्यटन स्थल पर पहुंचे लोग गर्मी के कारण परेशान हुए।

अजमेर में भी मौसम साफ रहा। पर्यटन स्थल पर पहुंचे लोग गर्मी के कारण परेशान हुए।

मध्यप्रदेश में अगले तीन दिन तेज बारिश होने के आसार

तस्वीरें इटारसी की हैं, जहां 3 सितंबर को तेज बारिश हुई थी।

तस्वीरें इटारसी की हैं, जहां 3 सितंबर को तेज बारिश हुई थी।

मध्यप्रदेश में अगले तीन दिन तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने डिंडोरी और बालाघाट जिले में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां 24 घंटे में 2.5 से 6 इंच तक बारिश हो सकती है। जबलपुर, सागर, रीवा समेत प्रदेश के 12 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। भोपाल के कुछ इलाकों में मंगलवार (5 सितंबर) को करीब आधा घंटा तेज बारिश हुई। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में भी बादल छाए रहेंगे। 

बिहार के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में अगले तीन दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की आशंका जताई है। आज बिहार के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पटना समेत कई शहरों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। 

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-सुकमा में भारी बारिश का अलर्ट, 12 जिलों में कम वर्षा

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून एक्टिव हो गया है। रायपुर समेत कई जिलों में सोमवार शाम के बाद तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। कांकेर, गरियाबंद, धमतरी, कोंडागांव और नारायणपुर जिले में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उदयनिधि के बयान पर SC से दखल की मांग, कार्रवाई के लिए 262 लोगों ने लेटर लिखा
उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ 262 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को लेटर लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है। इनमें 14 जज, 130 ब्यूरोक्रेट्स और सेना के 118 रिटायर्ड अफसर शामिल हैं। इन्होंने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ स्टालिन पर कोई एक्शन ना लेने के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।

तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म को बीमारी बताते हुए उसे खत्म करने की बात कही थी। तमाम विवादों के बावजूद उदयनिधि अपने बयान पर कायम हैं। उदयनिधि तमिलनाडु सरकार के खेलमंत्री भी हैं।

सनातन धर्म को बीमारी बताने वाले तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ 262 शख्सियतों ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्‌ठी लिखी है। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से खुद दखल देने की मांग की है।

इनमें 14 जज, 130 ब्यूरोक्रेट्स और सेना के 118 रिटायर्ड अफसर शामिल हैं। इन्होंने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ स्टालिन पर कोई एक्शन ना लेने के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।

इन लोगों में तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस के श्रीधर राव, पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी और राज्यसभा के पूर्व महासचिव IAS योगेंद्र नारायण, भारत सरकार के पूर्व सेक्रेटरी IAS समीरेंद्र चटर्जी और IAS धनेंद्र कुमार, पूर्व रॉ चीफ IPS संजीव त्रिपाठी भी शामिल हैं।

उदयनिधि ने 2 सितंबर को सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की। उन्होंने कहा- मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना ये कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। सनातन धर्म भी ऐसा ही है।

हाईकोर्ट के जज रह चुके एसएन ढींगरा और गोपाल कृष्ण ने शुरू की पहल
लेटर लिखने की पहल दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएन ढींगरा और शिपिंग सेक्रेटरी गोपाल कृष्ण ने की थी। इन्होंने हेटस्पीच रोकने और शांति-व्यवस्था संभालने के लिए विचार करने की मांग भी की है। लेटर में लिखा गया कि उदयनिधि स्टालिन ने भारत के एक बड़े हिस्से के खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण दिया है।

संविधान में भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए यह बयान सीधे तौर पर संविधान के खिलाफ है। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार ने स्टालिन के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया बल्कि उन्हें बचाने की कोशिश की। यह कानून का उल्लंघन है।

2021 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को नफरत फैलाने वाले भाषण या बयान पर तुरंत एक्शन लेने का ऑर्डर दिया था। लेटर में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का हवाला दिया और लिखा कि तमिलनाडु सरकार ने एक्शन लेने में देरी की, यह सुप्रीम कोर्ट का अपमान है।

उदयनिधि का सिर कलम करने पर 10 करोड़ रुपए का इनाम

उदयनिधि स्टालिन 2 सितंबर को सनातन उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने अपनी स्पीच के दौरान सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

उदयनिधि स्टालिन 2 सितंबर को सनातन उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने अपनी स्पीच के दौरान सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने 4 सितंबर को उदयनिधि के बयान पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जो उदयनिधि का सिर कलम करके लाएगा, उसे 10 करोड़ रुपए का इनाम मिलेगा। इस दौरान उन्होंने उदयनिधि के पोस्टर पर तलवार चलाई।

उदयनिधि अपने बयान पर कायम, बोले- ये बात मैं लगातार कहूंगा
उधर, उदयनिधि अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने 3 सितंबर की शाम को फिर से सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई। उदयनिधि ने चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में कहा- मैं फिर से कह रहा हूं कि मैंने केवल सनातन धर्म की आलोचना की है और सनातन धर्म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। ये बात मैं लगातार कहूंगा। कुछ लोग बचकाना व्यवहार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मैंने नरसंहार के लिए आमंत्रित किया है।

पाकिस्तान में शियाओं की कारगिल हाईवे खोलने की मांग, कहा- हम भारत जाना चाहते हैं

गिलगित- बल्टिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

गिलगित- बल्टिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

गिलगित-बाल्टिस्तान के अल्पसंख्यक शियाओं ने पाकिस्तानी फौज के खिलाफ आवाज उठाई है। शिया समुदाय ने भारत की ओर जाने वाले कारगिल हाईवे को खोलने की मांग की है। कट्टरपंथी सुन्नी संगठनों और पाकिस्तानी सेना का विरोध कर रहे शियाओं का कहना है कि वे भारत जाना चाहते हैं।

20 लाख की आबादी वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में करीब 8 लाख शिया रहते हैं। शिया समुदाय के बगावती तेवर को देखते हुए पाकिस्तानी फौज ने 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। फौज के खिलाफ शियाओं ने नारा लगाया- ये जो दहशतगर्दी हैं, उसके पीछे ‘वर्दी’ है।

ASEAN के लिए जकार्ता जाएंगे मोदी

G20 शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया जाएंगे। वह गुरुवार को जकार्ता में 10 दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के समूह ASEAN के साथ भारत के संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। पिछले साल आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। उसके बाद यह पहली भारत-आसियान समिट है। माना जा रहा है कि इसमें दोनों पक्षों की ओर से समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने की नई पहल शुरू हो सकती है। मोदी ईस्ट-एशिया समिट में भी हिस्सा लेंगे, जो आसियान-भारत समिट के बाद होगी। मोदी बुधवार शाम जकार्ता के लिए रवाना होंगे और गुरुवार देर रात लौटेंगे। इंडोनेशियाई सरकार ने मोदी की व्यस्तता को देखते हुए ईस्ट एशिया समिट के शेड्यूडल में फेरबदल किया है।

मणिपुर पर UN की टिप्पणी भ्रामक:भारत

भारत ने मणिपुर पर संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों की टिप्पणियों को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि मणिपुर में स्थिति शांतिपूर्ण और स्थिर है। भारत सरकार शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की यह प्रतिक्रिया तब आई है, जब UN विशेषज्ञों के एक समूह ने एक विज्ञप्ति में मणिपुर में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की खबरों को लेकर चिंता जताई थी। विशेषज्ञों ने कहा था कि मणिपुर में यौन हिंसा, हत्याएं और यातना जैसे मामले सामने आ रहे हैं।

370 पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई पुरी हो गई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता या प्रतिवादियों की ओर से कोई लिखित दलील पेश करना चाहता है तो वह तीन दिन में कर सकता है। इस दौरान कोर्ट के निर्देश पर मुख्य याचिकाकर्ता नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता मोहम्मद अकबर लोन ने हलफनाा दायर किया। उन्होंने कहा कि वह एक सांसद हैं और भारत के संविधान, देश की अखंडता के लिए शपथ ले रखी है जिसे वह दोहराते हैं। कोर्ट ने सोमवार को लोन से हलफनामा दायर करने को कहा था।

आदित्य L1 की ऑर्बिट दूसरी बार बदली गई

इसरो ने देश के पहले सूर्य मिशन आदित्य L1 की ऑर्बिट में मंगलवार तड़के दूसरी बार बदलाव किया। आदित्य L1 अब पृथवी की ऑर्बिट 282 X 40225 किलोमीटर में घुमेगा। स्पेस ऐजेंसी ने बताया कि सैटलाइट की ऑर्बिट में अब 10 सितंबर को बदलाव किया जाएगा। वहीं ISRO ने चंद्रयान-3 मिशन पर क्विज की शुरुआत की है। इस क्विज में सभी भारतीय हिस्सा ले सकते हैं। क्विज के विजेता को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। क्विज में हिस्सा लेने के लिए प्रतिभागियों को https://www.mygov.in/ पर अपना एक अकाउंट बनाना होगा।

दो वोटर आईडी मामले में दिल्ली सीएम की पत्नी को समन

दिल्ली की एक अदालत ने बीजेपी नेता हरीश खुराना की शिकायत पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को समन किया है। सुनीता पर आरोप है कि उनके नाम से दो अलग-अलग विधानसभा की वोटर आईडी है। इस तरह उन्होंने जनप्रतिनिधि कानून का उल्लंघन करते हुए झूठा बयान देने या घोषणा करने का कथित तौर पर अपराध किया है।

जी-20 में प्रतिबंध को लेकर अधिसूचना जारी

दिल्ली सरकार ने G20 बैठक के दौरान लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार सभी प्रकार के माल वाहन, वाणिज्यिक वाहन, अंतरराज्यीय बसें और स्थानीय सिटी बसें 07 की मध्यरात्रि को 00:00 बजे से 08.09.2023 से 10.09.2023 को 23:59 बजे तक मथुरा रोड (आश्रम चौक से आगे), भैरों रोड, पुराना किला रोड और प्रगति मैदान सुरंग के अंदर नहीं चलेंगी। आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, सब्जियां, फल, चिकित्सा आपूर्ति आदि ले जाने वाले मालवाहक वाहनों को वैध ‘नो एंट्री परमिशन’ के साथ दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। नई दिल्ली जिले के संपूर्ण क्षेत्र को 08.09.2023 को 05:00 बजे से 10.09.2023 को 23:59 बजे तक “नियंत्रित क्षेत्र-I” माना जाएगा। रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग) के अंदर के पूरे क्षेत्र को 08.09.2023 को 05:00 बजे से 10.09.2023 को 23:59 बजे तक “रेगुलेटेड जोन” माना जाएगा। केवल वास्तविक निवासियों, अधिकृत वाहनों, आपातकालीन वाहनों और हवाई अड्डे, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों की यात्रा करने वाले यात्रियों के वाहनों को नई दिल्ली जिले के सड़क नेटवर्क पर चलने की अनुमति होगी। किसी भी टीएसआर और टैक्सी को 09.09.2023 को 05:00 बजे से 10.09.2023 को 23:59 बजे तक नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने या चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली में पहले से मौजूद बसों सहित सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों को रिंग रोड और सड़क नेटवर्क पर रिंग रोड से आगे दिल्ली की सीमाओं की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी।

Ramswaroop Mantri

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