Site icon अग्नि आलोक

*स्नेहपाश*

Share

आओ तुमको
अपनी कहानी का पात्र बनाऊ
करे लोग सजदा
तुमको भी मेरे नाम से
ऐसा मुकाम बनाऊ।

कहते हैं लोग
कि मोहब्बत में
बड़ी गहराई होती है
आओ तुम्हें दोस्ती के
समुद्र में डूबाकर भी
तैरना सिखाऊ।

सुना है तुमको
लोगों पर ऐतबार नहीं है
आओ तुमको
स्नेहपाश में बांधकर
अपनेपान का ज़रा
एहसास करवाऊ।

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

Exit mobile version