बोलीं- मुझे अंडर सेक्रेटरी से इनवाइट करवाते हैं, क्या मैं इनकी नौकर हूं
कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को केंद्र सरकार पर गुस्सा हो गईं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में ममता को भी इनवाइट किया गया। ममता को संस्कृति विभाग के अंडर-सेक्रेटरी के द्वारा चिट्ठी लिखकर इनवाइट किया गया, जिस पर दीदी भड़क गईं।
कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि बुधवार को उन्हें अंडर-सेक्रेटरी ने पत्र भेजा, जिसमें लिखा था- PM शाम 7 बजे नेताजी की प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे। इसमें आपको शाम 6 बजे वहां आना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह से मुझे कार्यक्रम में बुलाया गया है, जैसे कि मैं उनकी नौकर हूं।
एक अंडर-सेक्रेटरी एक मुख्यमंत्री को कैसे पत्र लिख सकता है। संस्कृति मंत्री का पद इतना बड़ा क्यों हो जाता है। इसलिए मैंने आज दोपहर यहीं नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मैं दिल्ली में हो रहे कार्यक्रम में नहीं जा रही हूं।
PM करेंगे बोस की 28 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट के पास बनी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फुट ऊंची प्रतिमा का शाम 7 बजे अनावरण करेंगे। कार्यक्रम लगभग 90 मिनट तक चलेगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे मोदी सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर के एरिया में बने कर्तव्य पथ का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी हफ्ते राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया है।
नेताजी के परिवार ने भी बनाई कार्यक्रम से दूरी

प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा नेताजी की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम से खुद बोस के परिवार के लोगों ने भी दूरी बना ली है। इस कार्यक्रम में नेताजी के परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं रहने वाला है। जर्मनी से उनकी बेटी अनीता बोस फाफ यहां नहीं आने वाली हैं। उनके मुताबिक इतने शॉट नोटिस पर जर्मनी से भारत आना मुश्किल है। वहीं परिवार ने मूर्ति के अनावरण की तारीख पर भी सवाल उठाया है। परिवार का मानना है कि नेताजी की मूर्ति का अनावरण किसी भी दिन कैसे किया जा सकता।
नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने कहा कि कार्यक्रम में इतने शॉट नोटिस पर जर्मनी से भारत आना मुश्किल है।
ममता ने बांग्लादेश की PM से नहीं मिलने देने का लगाया आरोप

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना से भी नहीं मिलने देने का आरोप लगाया है। ममता ने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत दौरे पर भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। यह पहली बार है जब वह भारत आईं हैं और बंगाल को छोड़ दिया गया। मैंने सुना है कि हसीना जी मुझसे मिलना चाहती हैं। उनके परिवार के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं।
केंद्र हमेशा रोकने की कोशिश करता है: ममता
उन्होंने कहा कि मैं बाहरी मामलों या द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बात नहीं करना चाहती। लेकिन मैंने देखा है कि जब भी मुझे किसी दूसरे देश में आमंत्रित किया जाता है, तो केंद्र मुझे रोकने की कोशिश करता है। उन्होंने मुझे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए शिकागो और चीन सहित कई जगहों पर जाने नहीं दिया। मैं जानना चाहती हूं कि केंद्र सरकार विदेशों से आने वाले मेहमानों से मेरे मिलने पर चिंतित क्यों रहती है।





