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मोदी सरकार के पास नहीं है रफी अहमद किदवई

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खाद्य हो या गैस संकट,इनसे कैसे उबरा जाता है, उसका उदाहरण हैं यह केंद्रीय मंत्री….सबसे पहले कालाबाज़ारी रोकी जाती है, यह नही की अफवाह फैलाने वाले को सज़ा देंगे । पहले यह पता कीजिये कि अफवाह फैल क्यों रही है । पहले अपने सिस्टम को चेक कीजिये,फिर दूसरे काम कीजिये मगर यह तो वही करेगा जो थोड़ा तो ज़िम्मेदार होगा । जिसे लोगों की तक़लीफ़ का ज़रा भी अंदाज़ होगा । जो यह समझेगा की लोग ऐसे ही परेशान नही हैं ।

हुआ यह कि जब 1952 में इन्हें खाद्य मंत्रालय दिया जा रहाथा । तो सूखे और राशनिंग की व्यवस्था की वजह से भयँकर खाद्य संकट उत्पन्न हो गया । इन्होंने पूरे देश की बाज़ारो का दौरा किया,हर राज्य के खाद्य भंडार को खुद जाकर देखा फिर कहा कि अनाज की कमी नही है । बस कालाबाज़ारी और राशनिंग की व्यवस्था ही दिक्कत है ।

इन्होंने सबसे पहले आयात होने वाले अनाज जो करीब 4 करोण 80 लाख मीट्रिक टन होता था,उसे घटाकर केवल एक जहाज़ पर कर दिया । तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जो कर रहे हैं, कहीं इससे भयँकर अफरा तफ़रीह न फैले मगर इन्होंने भरोसा दिलाया और जनता से अपील करी की राशनिंग की व्यवस्था हटा ली गई है ।।आप अपनी मर्ज़ी से जब चाहें,तब अनाज खरीद सकते हैं । अनाज की कोई कमी नही है । इनकी युक्ति काम आई,जब आयात घटा तो सबको समझ आया कि वाक़ई कम नही है अनाज ।

फिर बंगाल में अनाज की कमी की खबर फैल गई । हर तरफ अफरा तफ़रीह । तब यह सीधे कलकत्ता पहुँचे और अकाशवाणी पर खुद सम्बोधन दिया कि अनाज की कमी नही है । केंद्र तीन दिन के अंदर बंगाल की बाज़ार में एक बहुत बड़ा स्टॉक अनाज का भेज रहा है, जो सरकारी कीमत से भी कम में बेचा जाएगा । यह खबर चली की जिन्होंने स्टॉक कर रखा था,जो कालाबाज़ारी कर रहे थे । सब जल्दी जल्दी सस्ता अनाज बेचने लगे,बाज़ार में अनाज वापिस आ गया और अनाज का कृत्रिम संकट खत्म हुआ ।

राशन की लिमिट हटाने पर इनकी बड़ी आलोचना हुई । लेफ्ट ने खूब धमकाया, यशपाल ने तो यह तक लिख दिया कि इससे भारत ग़रीबी में डूब जाएगा मगर जब सन 54 में रिपोर्ट आई तो पूरे देश में अनाज की प्रचुरता बढ़ी,चीनी की पैदावार बढ़ी,कीमत गिरीं,कालाबाज़ारी घटी और आम इंसान की अनाज तक पहुँच आसान हुई ।

यह इसलिए बता रहें कि आज कोई मंत्री इस तरह जनता के बीच नही जाता,बस सब जनता को ही धमका रहे हैं कि अफवाह फैलाई तो जेल भेजेंगे । अरे भाई अगर गैस तेल की कमी नही है, तो जाओ गैस एजेंसी चेक करो । हर चौराहे पर सिलेंडर की ट्रक खड़े कर दो । कह दो की कोई कमी नही है, सरकार सबको सामने सेदिखा रही है कि देखो,कितनी गैस है ।

गैस की कमी अफवाह है अगर तो यह अफवाह हुक़ूमत ने ही फैलाई है । आपने क्यों अचानक कमर्शियल सिलेंडर बन्द किये,क्यों रेस्टोरेंट बन्द किये,क्यों गैस की क़ीमत अचानक बढ़ाई, क्यों एजेंसी को सख्ती नही की की जैसे गैस देती थीं,वैसे ही दो । अगर आज यह अफवाह फैली है तो यह तय है कि इनके पास एक भी मंत्री ऐसा नही है जो रफी अहमद क़िदवई जैसा हो ।।जो आगे बढ़कर जनता में भरोसा कमाए ।।जो कालाबाज़ारी को रोके न कि जनता को कोसे ।

हालांकि हमारी यह तुलना बेकार है, क्योंकि देश की पहली कैबिनेट के किसी भी मंत्री का मुकाबला यह पूरी हुक़ूमत मिलकर नही कर सकती । इन्हें सिर्फ हिन्दू मुसलमान आता है, बाकी हर चीज़ में निल बटे सन्नाटा ही हैं ।

हम आज जब तमाम तरह के संकट देख रहे हैं । यह चाहे अफवाह हों या फिर सच,मगर इनसे किसी भी तरह यह हुक़ूमत सामना नही कर पा रही है । यह पूर्व मंत्रियों के काम से भी नही सीखते की कैसे संकट में व्यवहार करते हैं ।

इनका कोई भी मंत्री किसी भी आपात स्थिति को समझदारी से हैंडल ही नही कर पाता । बस यही बकता रहता है कि जनता यह न करे,वह न करे,ऐसे न करे,वैसे न करे मगर यह खुद कुछ नही करते । अरे भाई बाहर आओ,दौरे करो,जनता में भरोसा पैदा करो मगर क्यों करो । जब वोट केवल हिन्दू मुसलमान करने से बरस कर मिल रहे हों,तो काहे कोई ज़िम्मेदारी ले,काहे कोई मेहनत करे…..

Ramswaroop Mantri

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