श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान दितवाह अब भारत के दक्षिण तटीय राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुड्डूचेरी की दहलीज पर आ धमका है. श्रीलंका में करीब 153 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग लापता हैं. पड़ोसी मुल्क में इमरजेंसी लगाई जा चुकी है. दिनभर तूफान की बढ़ती रफ्तार और इसके असर को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने तीन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि केरल में भी भारी बारिश की आशंका है. IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने पुष्टि की कि चक्रवात वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में श्रीलंका के पास केंद्रित है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. शनिवार दोपहर यह जाफना से लगभग 80 किमी, वेदरनियम से 140 किमी और चेन्नई से 380 किमी दूर दर्ज किया गया.
डॉ. महापात्रा के अनुसार, तूफान के प्रभाव से तमिलनाडु और पुड्डूचेरी के आसपास समुद्री हवाओं की गति 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जिसकी झोंकों में यह 90 किमी/घंटे की रफ्तार को छू सकती है. तटीय इलाके और विशेष रूप से रामेश्वरम में तेज हवाओं के साथ समुद्र में 8 मीटर तक ऊंची विशाल लहरें उठती देखी गईं. IMD ने चेतावनी दी है कि यह चक्रवात रविवार सुबह तक तमिलनाडु और पुड्डूचेरी तट से केवल 50 से 60 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा, जिसका असर शाम तक महसूस होता रहेगा. मौसम विभाग ने खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई है. हालांकि बड़े संरचनात्मक नुकसान की उम्मीद कम है. तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को घर के अंदर रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
चेन्नई एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं प्रभावित
चक्रवात ‘दितवाह’ का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा है. चेन्नई एयरपोर्ट पर खराब मौसम की स्थिति के कारण विमानों का संचालन जोखिमपूर्ण हो गया है. शनिवार को ही 54 से अधिक आगमन और प्रस्थान वाली ATR उड़ानें रद्द कर दी गईं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने सूचित किया है कि रविवार को स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिसके लिए 36 घरेलू और 11 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द करने की तैयारी कर ली गई है. यात्रियों को लगातार अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है.
श्रीलंका में आपातकाल और भारत का ‘सागर बंधु’ मिशन
भारत में खतरे की दस्तक से पहले, चक्रवात दितवाह ने पड़ोसी देश श्रीलंका में भारी तबाही मचाई, जिससे लगभग 120 लोगों की जान चली गई. बिगड़ते हालात और कानून-व्यवस्था पर बढ़ते खतरे को देखते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायके ने देशभर में आपातकाल की घोषणा कर दी है. संकट की इस घड़ी में, भारत ने ‘नेबर फर्स्ट’ नीति के तहत तुरंत ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया. भारतीय वायुसेना ने एक C-130 और एक IL-76 विमान से 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक NDRF कर्मियों और 8 टन उपकरण कोलंबो पहुँचाए. NDRF की दो टीमों ने आज सुबह ही कोलंबो में लैंड किया और बचाव तथा राहत कार्य शुरू कर दिया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि संकट में भारत अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा है.





