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सर्वदर्शी

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किताबों के बाद
इंसानों को पढ़ने का
शौक पैदा हुआ,
इतना पढ़ा
कि वो भी पढ़ लिया
जो कभी
नहीं पढ़ना चाहिए था
उनके अंतर्मन का।

तुमको देखने के बाद
इंसानों को देखने का
शौक पैदा हुआ,
इतना देखा
कि वो भी देख लिया
जो वो
छुपाना चाहते थे
सदा दुनिया से।

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
rajivdogra1@gmail.com

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