इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को सीवेज मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने नाला आउटफॉल टैपिंग अभियान चलाया था. इस अभियान के तहत शहर की नदियों में मिलने वाले गंदे नालों को बन्द कर दिया गया था. ऐसा करके नगर निगम ने खूब वाहवाही भी लूटी थी, लेकिन अब यही नाला टैपिंग व्यवस्था उसके लिए गले की फांस बन गई है.
मानसून से पहले की बारिश शुरू हो गई है . गुरुवार को महज आधे घंटे की बारिश में पिपलियाहाना क्षेत्र के कई घरों में पानी घुस गया. लोगों को बड़ी मुसीबत झेलनी पड़ी. लोगों ने खुद ही नालों को खोल दिया. क्योंकि उनके घरों का राशन और सामान डूब रहा था .
पानी निकालने करनी पड़ी भारी मशक्कत
घरों में घुटनों-घुटनों तक पानी भर गया. इसे निकालने में लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. इस दौरान पूर्व पार्षद दिलीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे उनके सामने लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की. लोगों ने इसके लिए नगर निगम की नाला टैपिंग व्यवस्था को दोषी बताया. पूर्व पार्षद ने भी नाला टैपिंग को फेल बताया.
हर दिन बरस रहा पानी
इंदौर में प्री-मानसून की बारिश लगभग हर दिन जारी है. पिछले चार दिनों से बादल दोपहर से छा जाते हैं और शाम होते-होते बरस पड़ते हैं. गुरुवार को भी ऐसा ही हुआ. दोपहर 3 बजे अचानक घने बादल छा गए. आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई. शुरुआत में तो यह आधे शहर में थी, लेकिन धीरे-धीरे पूरा इंदौर भीग गया. ओले और तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश से 20 से ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए. शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली गुल हो गई. इस समय इंदौर बेहाल है.





