इन्दौर। लोहिया विचार मंच ने कहा है कि म.प्र. मंत्रीमंडल की इन्दौर में बैठक होना स्वागत योग्य है। मगर प्रशासन ने इन्दौर के हृदय स्थल राजवाडा को पुलिस छावनी में तब्दील करने की निंदा की है। लोहिया विचार मंच के अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल एवं महासचिव रामस्वरूप मत्री ने कहा कि-आप सुबह से राजवाडा और उसके आसपास के बाजारों को पुरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति थी। कई मरीजों बुजुर्गो को भी आवाजाही नहीं करने दी गई। मुख्यमंत्री को भी जनता से दूर रखा गया।
नेता द्वय ने कहा कि म.प्र के मुख्यमंत्री श्री मोहन जी यादव को जनता से दूर रखने और राजवाडा क्षेत्र को पुलिस छावनी बनाने की यह साजिश किसके इशारे पर की गई यह भी एक जाच का विषय है एवं आप तो जनता के कार्यों की घोषणा करते है, सादगीपूर्ण है फिर 2 दिन से क्षेत्र के सभी दुकानदार परेशान क्यों, राजवाडा, इमली बाजार, आडा बाजार, पीपली बाजार, जवाहर मार्ग की हर गलीयां बद करना जरूरी नही था. आपके तो इन्दौर को कई सौगात दे रहे है, आपको तो जनता के बीच भी रखा जा सकता था, बिना पुलिस छावनी के।
आपने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन्दौर में इस तरह जनता को परेशान करने के लिए प्रशासन से जवाब तलब किए जाने की मांग की हैं।





