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खरगोन दंगे में फंड बांटने पर NIA के रडार पर आए थे पीएफआई-एसडीपीआई,अजीम बिलाल भी रडार पर

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इंदाैर

टेरर फंडिंग के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका पर जांच कर रही एनआईए को इंदौर से गिरफ्तार किए गए पीएफआई और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के प्रदेश अध्यक्षों से चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं।

दोनों संगठन खुद को अलग बताते हैं, लेकिन हमेशा एक-दूसरे के लिए ही सक्रिय रहते हैं। जब भी एनआईए ने पीएफआई को घेरा तो एसडीपीआई के लीडर सड़कों पर उतरे, पुलिस को ज्ञापन दिए। दोनों संगठनों ने मुस्लिम नुमाइंदा कमेटी और इस्लामिक रिलीफ कमेटी गठित कर फंड जुटाना शुरू कर दिया। इन दोनों को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल में जुटी हैं।

एक माह में 50 लाख फंड कैसे मिला?
भाजपा नेताओं ने खरगोन दंगे में पीएफआई की भूमिका की बात कही थी। तभी भोपाल से गिरफ्तार हुए एसडीपीआई के अब्दुल रऊफ बेलिम मुस्लिम नुमाइंदा कमेटी की ओर से खरगोन दंगे में प्रभावित परिवारों को राहत देने पहुंचे थे। कमेटी ने 50 लाख से ज्यादा की राशि बांटी थी। इतना फंड एक माह में कैसे आया, यह जांच का बिंदु है।

शहर छोड़ा, पर सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में

इंटेलिजेंस विंग अफसरों की मानें तो एनआईए द्वारा दूसरी बार दी गई दबिश के बाद पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े युवक और उनके परिवार खौफ में हैं। सिमी से टूटकर इन संगठनों से जुड़े शहर में सक्रिय 85 पीएफआई सदस्यों में से ज्यादातर काम-धंधा और घर छोड़कर भाग चुके हैं। ये सभी वाट्सएप कॉलिंग कर संपर्क में रहते हैं। जांच एजेंसियां इनकी सोशल मीडिया सक्रियता के साथ ही इनके बैंक खातों व व्यवसाय की जानकारी खंगाल रही हैं।

‘जकात’ और ‘फितरा’ फंडिंग का आधार- दोनों संगठन के लोग जन कल्याण के नाम बड़े स्तर पर फंड जमा करते हैं। अधिकांश फंड जकात और फितरा को आधार बनाकर लेते हैं। इनका एक सेंट्रलाइज फंडिंग सिस्टम है, जिस पर एनआईए की नजर है। इसके अलावा इंदौर में इनकी इस्लामिक रिलीफ कमेटी और मुस्लिम नुमाइंदा कमेटी भी सक्रिय हैं, जो चंदा जमा करती हैं।

प्रशासन को ललकारने वाले बिलाल पर जल्द कार्रवाई एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल रऊफ बेलिम के साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय उनका बेटा अजीम बिलाल भी रडार पर है। बेलीम ने ही पीएफआई की प्रदेश में स्थापना की और इसका मुख्य कन्विनर भी रहा। साथ ही ये एसडीपीआई का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट से प्रशासन को ललकारने वाले बिलाल पर पुलिस जल्द कार्रवाई करने वाली है।

Ramswaroop Mantri

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