नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ अभियान’ के तीसरे चरण की रूपरेखा तय करने और अब तक हुए कार्यक्रमों का मूल्यांकन करने के लिए 31 जनवरी को गांधी शांति प्रतिष्ठान में बैठक संपन्न हुई।
बैठक में आम राय थी कि केंद्र सरकार द्वारा जिस तेजी से किसान -मजदूर,दलित,आदिवासी ,महिला और युवा विरोधी, कारपोरेट मुखी नीतियां लागू की जा रही हैं , लोकतांत्रिक संस्थाओं को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है और समाज को हर स्तर पर सांप्रदायिक और जातिवादी आधार पर बांटने का काम किया जा रहा है, उसे रोकने के लिए देश की लोकतांत्रिक , समाजवादी, प्रगतिशील ताकतों को एकजुट करने की आवश्यकता है । अभियान में तेजी लाने और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम तय करने की आवश्यकता है।
बैठक में विभिन्न संगठनों के 75 साथी शामिल हुए । बैठक में निम्न निर्णय लिए गए: –
(1) बैठक में ‘नफरत छोड़ो संविधान बचाओ अभियान’ का देशभर में जिले एवं राज्य स्तर पर अगले 3 माह में सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
(2) बैठक में 2024 के चुनाव में जन आंदोलनों की भूमिका तय करने एवं व्यापक पैमाने पर अभियान में जन आंदोलन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डॉ.जी.जी.परीख जी के प्रस्ताव पर एस.एम. जोशी फाउंडेशन में मार्च में दो दिवसीय शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया ।
शिविर की जिम्मेदारी फिरोज मीठीबोरवाला, गुड्डी, सुभाष वारे, सुभाष लोमटे, संजय मं.गो., सुशीला ताई मोराळे को सौंपी गई।
(3) 30 जनवरी के कार्यक्रम के दौरान जन आंदोलनों, राजनीतिक दलों एवं जंतर मंतर पर उपस्थित लगभग 1200 साथियों की सहमति से पारित संकल्प को सभी राजनीतिक दलों को भेजने का निर्णय लिया गया। उपस्थित साथियों की राय थी कि विपक्षी दलों से अभियान द्वारा पारित संकल्प को न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तौर पर स्वीकार करने के लिए लिखकर, मिलकर, संवाद कर प्रयास किया जाना चाहिए। मेधा पाटकर ,कुमार प्रशांत जी, अरूण श्रीवास्तव, शबनम हाशमी और डॉ सुनीलम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
(4) बैठक में सांप्रदायिक एवं सामाजिक सद्भाव, बेरोजगारी, चुनाव सुधार, मीडिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न क्षेत्रीय स्तर पर सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया।
(5) सांप्रदायिक – सामाजिक सद्भाव को लेकर रामलीला ग्राउंड में बड़ा सम्मेलन अक्टूबर माह में करने की जिम्मेदारी फैस़ल खान, कुमार प्रशांत जी, अरुण श्रीवास्तव एवं प्रभा जी को सौंपी गई।
(6) मीडिया पर सम्मेलन करने की जिम्मेदारी कुमार प्रशांत जी को सौंपी गई । उन्होंने बताया कि सर्वोदय समाज द्वारा जयपुर में पहले से ही एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। बैठक में निर्णय हुआ कि अभियान के साथी कुमार प्रशांत जी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अभियान की ओर से भागीदारी करेंगे।
(7) चुनाव सुधारों को लेकर कार्यक्रम करने की जिम्मेदारी अरुण श्रीवास्तव, अंजलि भारद्वाज, फिरोज मीठीबोरवाला एवं डॉ सुनीलम को सौंपी गई। वे चुनाव सुधार अभियान के अभियान का नेतृत्व कर रहे रामशरण जी के साथ मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा तय करेंगे।
चुनाव सुधार अभियान के तहत विशेष तौर पर ई वी एम और इलेक्टोरल बॉन्ड के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।
(8) ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी को लेकर प्रशांत भूषण और अंजलि भारद्वाज द्वारा किए जा रहे प्रयासों में अभियान शामिल रहेगा।
(9) बेरोजगारी को लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आंदोलनकारियों को जोड़कर वाराणसी और इंदौर/ पीथमपुर में सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया । मनरेगा यूनियन ( सुरेश राठौड़ और रेनू बहन ) द्वारा सम्मेलन वाराणसी में किया जाएगा। इंदौर में मेधा पाटकर जी यह आयोजन करेंगी।
(10) अभियान से युवाओं को जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी संजय मं.गो. को सौंपी गई। वे मुंबई से इसकी शुरुवात करेंगे ।
(11) बैठक में मोदी सरकार को लेकर एक श्वेत पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी प्रोफेसर आनंद कुमार, अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरुण कुमार, प्रशांत भूषण, शबनम हाशमी एवं विजय प्रताप जी को सौंपी गई । मेधा पाटकर जी द्वारा एनएपीएम कन्वेनर्स के साथ बातचीत कर और निखिल डे द्वारा जन सरोकार के साथियों से बात कर ,प्रतिनिधियों के नाम तय किए जाएंगे ,जिन्हें इस कमेटी में शामिल किया जाएगा।
(12)कश्मीर और नर्मदा घाटी में जल ,जंगल ,जमीन की लूट के खिलाफ सम्मेलन का निर्णय लिया गया। डॉ शकील ,मेधा पाटकर और प्रफुल समन्त्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
13 ) पलवल से दिल्ली पदयात्रा ,दिल्ली के जंतर मंतर कार्यक्रम और फॉलोअप बैठक पर कुल खर्च 1,60,000/- रुपए हुआ। अभी तक 98,500/- राशि प्राप्त हुई है।
नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ अभियान संयोजन समिति दवारा जारी,
डॉ.जी.जी. परीख, मेधा पाटकर, तुषार गांधी, शबनम हाशमी, अरुण श्रीवास्तव, डॉ.सुनीलम, फिरोज मीठीबोरवाला, अंजलि भारद्वाज, फैसल खान और गुड्डी |





