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*मध्य प्रदेश समाचार:विंध्य क्षेत्र में बारिश ने मचाई आफत,शिवराज के एक सवाल पर अधिकारियों की बोलती बंद!,मध्य प्रदेश में निकली शिक्षकों की 13000 से अधिक नौकरियां!,महाकाल का आशीष लेकर सीएम ने शिप्रा में लगाई डुबकी* 

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इजरायल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव

इजरायल में 15 जुलाई से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मुनी वर्ल्ड 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव करेंगे। आयोजन में विश्वभर के बड़े शहरों के महापौर, वरिष्ठ अधिकारी और नगरीय प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।

पुष्यमित्र भार्गव देश के चुनींदा महापौरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मेलन में भाग लेने के लिए छिंदवाड़ा में आयोजित महापौर परिषद सम्मेलन को पूर्ण कर इजरायल रवाना होंगे।

वे वहां स्मार्ट सिटी, नवाचार, शहरी विकास और सतत नगरीय प्रबंधन सहित कई विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इजरायल का जल संरक्षण माडल विश्व में अग्रणी और अत्याधुनिक है।

वे सम्मेलन के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष चर्चा और सहयोग की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

भिंड में बिजली कटौती से बचने के लिए युवक ने ट्रांसफार्मर ही चुरा लिया

एमपी अजब है, सबसे गजब है। यह जुमला ऐसे ही नहीं ईजाद किया गया। अक्‍सर यहां कुछ ना कुछ ऐसा होता रहता है जो सुर्खियां बटोर ही लेता है। ताजा मामला भिंड जिले का है। यहां एक शख्‍स को बिजली के बिल का खौफ इस कदर लगा कि उसने पूरा का पूरा बिजली का ट्रांसफार्मर ही चुरा लिया। अब मामला पुलिस में है। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बिजली का ट्रांसफार्मर चुरा लिया और बकाया भुगतान न होने पर बिजली कनेक्शन कटने से बचाने के लिए उसे घर ले गया। यह घटना भिंड जिले में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के असवार बिजली वितरण केंद्र के अंतर्गत हुई।

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पुलिस के मुताबिक असवार बिजली सब स्टेशन पर पदस्थ बिजली कंपनी के जेई अभिषेक सोनी ने बताया कि रामबिहारी त्रिपाठी की कोठी के पास ट्रांसफार्मर रखा था। इस ट्रांसफार्मर को सोनू त्रिपाठी निवासी रावतपुरा ने कहीं उठवा दिया है। अधिकारियों ने जेई ने बताया कि आरोपित पर एक लाख 49 हजार 795 रुपये का बिजली बिल बकाया है। बकाया राशि के कारण ट्रांसफार्मर जब्त होने की आशंका में आरोपित ने कथित तौर पर बिजली की लाइनों से छेड़छाड़ की और उपकरण अपने घर पर छिपा दिए। कंपनी ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 136 के तहत सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को अवैध रूप से हटाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक चोरी हुआ ट्रांसफार्मर बरामद नहीं हुआ है।

विंध्य क्षेत्र में बारिश ने मचाई आफत; गुढ़ BJP एमएलए के घर में घुसा पानी, शहडोल में डैम के गेट खुलने से गजब सीन

 पूरे मध्य प्रदेश में मानसून एक्टिव हो गया है। भारी बारिश ने लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। सतना, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नदी नाले उफान पर है। चारों तरफ पानी का सैलाब ही दिखाई देता है।विंध्य क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है। इसने पूरे क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया है। भारी बारिश से नदी नाले उफान पर है और पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। गुढ़ के बीजेपी विधायक के घर में भी पानी घुस गया। उन्होंने अपनी सरकार को घेरा।

दरअसल, लगातार बारिश के चलते निचली बस्तियों में घरों में पानी घुस गया है। रीवा में करीब 12 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकला। अत्यधिक वर्षा होने से बाण सागर बांध के साथ गेट खोल दिए गए हैं। इसके चलते रीवा, सीधी और सिंगरौली जिले के सोन नदी के किनारे गांवों में अलर्ट घोषित किया गया है।

बीहर नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इतना ही नहीं बीहर नदी के किनारे बने बीजेपी के गुढ़ से विधायक नागेंद्र सिंह के घर में पानी घुस गया। बाढ़ का पानी विधायक के बेडरूम तक पहुंच गया। विधायक नागेंद्र सिंह अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

अपनी ही सरकार को घेरा

अपनी ही सरकार से उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि शहर के चारों तरफ बाईपास बना दिए गए हैं। पानी निकालने का कोई स्थान नहीं है। पूरा रीवा शहर तालाब बन चुका है। हर छोटे बड़े मोहल्ले में पानी भरा हुआ है। विधायक इतने में ही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि रीवा एयरपोर्ट की दीवार गिरने की वजह भी यही है कि पानी के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।

शिवराज के एक सवाल पर अधिकारियों की बोलती बंद! डेटा नहीं देने पर जमकर लगाई क्लास

 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में दिशा की बैठक में एक ऐसा सवाल पूछ दिया कि अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। फिर क्या था शिवराज ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अधिकारियों की क्लास लगाई है। विदिशा में दिशा की बैठक के दौरान शिवराज ने अधिकारियों से बीज वितरण की जानकारी ली, जिस पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसी को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई है।

दरअसल, विदिशा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है। यहां पर वे दिशा समिति की बैठक में बीज वितरण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। कृषि मंत्री चौहान ने गंजबासौदा में घटिया सोयाबीन बीज की शिकायत पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने भंडारण प्रणाली और किसानों द्वारा बीज खरीद की प्रक्रिया पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। बैठक में कृषि मंत्री चौहान ने जब बीज आदि पर विस्तार से जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया, जिस पर शिवराज भड़क गए और नाराजगी जताई।

डेटा ने देने पर भी भड़के शिवराज

इतना ही नहीं कृषि मंत्री ने जब अधिकारियों से बीज आदि का डेटा मांगा तो वह भी अधिकारी नहीं दे पाए। कृषि मंत्री ने बैठक में बीज निगम के अफसरों से सवाल किया कि किसानों के लिए आपने क्या पहल की? टारगेट कौन निर्धारित करता है? इसके अलावा उन्होंने पूछा कि क्षेत्र में कितने किसान हैं, कितने क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई होगी, क्या इसका अनुमान लगाया गया है?

जनप्रतिनिधियों को दिया निर्देश

जब अधिकारी सही जानकारी नहीं दे पाएंगे, तो उन्होंने कहा कि किसानों की मदद कैसे होगी। उन्होंने अधिकारियों को रबी सीजन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए और कहा कि यह सुनिश्चित हो कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कृषि मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वें इस पर नजर रखें। काम की गुणवत्ता को जरूर जांचे। यदि दिल में काम की तड़प है तो तपना पड़ेगा। पीएम आवास, ग्रामीण सड़क जैसे काम ढंग से हो रहे है या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग आपको करनी है।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: कोर्ट ने दो आरोपियों को लेकर सुनाया बड़ा फैसला, वकील के तर्क पर बनी सहमति

राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में दो सह आरोपी लोकेंद्र सिंह और बलवीर के वकील ने ऐसा तर्क दिया की कोर्ट ने सहमति जता दी।

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में शामिल दो सह-आरोपियों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार उर्फ बल्ला को कोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीके के मिहसिल्ल की अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को सशर्त जमानत दी।

लोकेंद्र सिंह तोमर वही व्यक्ति है, जिसका फ्लैट इस हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के छिपने के लिए इस्तेमाल हुआ था। वहीं, बलबीर अहिरवार उस बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड है, जहां सोनम ने हत्या के बाद लगभग आठ दिन तक शरण ली थी। मामले से जुड़े तथ्यों के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने 23 मई को अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या मेघालय के सोहरा में की थी। इसके बाद वह 30 मई से 7 जून 2025 तक इंदौर में एक फ्लैट में छिपी रही। यह फ्लैट शिलोम जेम्स नामक व्यक्ति के नाम पर किराए पर लिया गया था, लेकिन फ्लैट का मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर था। सुरक्षा गार्ड बलवीर अहिरवार की ड्यूटी के दौरान ही सोनम वहां रही और उसने पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं दी।

शिलोम जेम्स को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

दोनों सह-आरोपियों पर मुख्य रूप से हत्या में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं बल्कि आरोपी को शरण देने और तथ्यों को छुपाने जैसे आरोप लगाए गए थे। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि दोनों के खिलाफ दर्ज की गई धाराएं जमानती हैं और हत्या की साजिश में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए दोनों को जमानत दे दी। इस केस के एक अन्य आरोपी शिलोम जेम्स फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। आरोप है कि उसने हत्या से जुड़े साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की। शिलोम ने अपनी पैरवी के लिए इंदौर से वकील बुलवाए हैं और आने वाली सुनवाइयों में इस पर आगे बहस की जाएगी।

रघुवंशी की हत्या का पूरा मामला

बता दें कि 11 मई को इंदौर में सोनम और राजा की शादी धूमधाम से हुई थी। शादी के 9 दिन बाद दोनों हनीमून पर शिलॉन्ग गए और वहां 23 मई को अचानक लापता हो गए। फिर 2 जून को राजा का शव वीसॉडॉन्ग वाटरफॉल के नीचे मिला। गले पर चोट के गहरे निशान ने हत्या की पुष्टि कर दी। जांच में सामने आया कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य चार साथियों विशाल चौहान, आनंद कुर्मी, और आकाश राजपूत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

Teacher job

मध्य प्रदेश में निकली शिक्षकों की 13000 से अधिक नौकरियां! 

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में प्राथमिक शिक्षकों के 13,000 से अधिक पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती में केवल D.El.Ed धारक अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते हैं, B.Ed वाले पात्र नहीं हैं।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भर्ती स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,089 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 10,150 पदों और जनजातीय कार्य विभाग के तहत 2,939 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह परीक्षा दोनों विभागों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है।

पात्रता मानदंड

इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) 2020 या 2024 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ सफलता प्राप्त की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास डीएलएड (D.El.Ed) डिप्लोमा होना अनिवार्य है।

इसके अवाला, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को की जाएगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस तिथि तक निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा करते हों। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जा सकती है।

कूनो में नामीबियाई मादा चीता नाभा की मौत

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई मादा चीता ‘नाभा’ की मौत, शिकार के प्रयास में आई थी गंभीर चोट

मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘प्रोजेक्ट चीता’ को एक और झटका लगा है। नामीबिया से लाई गई आठ वर्षीय मादा चीता ‘नाभा’ की शनिवार को मृत्यु हो गई। वन विभाग के अनुसार, नाभा एक सप्ताह पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा में शिकार के प्रयास के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद उसका लगातार इलाज चल रहा था। वन विभाग ने साफ किया है कि चीता नाभा की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि गंभीर हड्डी टूटने और आंतरिक चोटों की वजह से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

शिकार के प्रयास में टूट गई थीं हड्डियां
वन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नाभा को बाईं ओर अल्ना (ulna) और फिबुला (fibula) हड्डियों में फ्रैक्चर के साथ कई अन्य गंभीर चोटें आई थीं। अनुमान लगाया गया है कि ये चोटें शिकार के दौरान तेज दौड़ या झटके की वजह से आई होंगी। घायल होने के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए विशेष निगरानी में रखा गया और एक सप्ताह तक उसका इलाज चला, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ और आज उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाभा की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि गंभीर हड्डी टूटने और आंतरिक चोटों की वजह से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

छत पर चढ़ी भैंस।

मकान की छत पर चढ़ी भैंस, घंटों प्रयास के बाद भी उतार नहीं पाए ग्रामीण, फिर मंगाई गई क्रेन

सिंगरौली जिले एक भैंस को न जाने क्या सूझा और वो 12 फिट ऊंची घर की छत पर चढ़ गई। लोगों ने जब ये नजारा देखा तो हैरान रह गए। भैंस की ये हरकत देख हंसते नजर आए। साथ ही ये चिंता सताने लगी कि अब इसको उतारा कैसे जाए। फिर घंटों की मेहनत और क्रेन मशीन की सहायता से भैंस को निचे उतारा गया, अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोगों की हंसी छूट जा रही है।
छत में चढ़ी भैंस को ग्रामीण घंटों की मशक्कत के बाद भी नीचे नहीं उतार पाए। बाद में क्रेन मशीन की मदद से उसे सुरक्षित उतारा गया। 

दरअसल मामला सिंगरौली जिले के दादर ग्राम का है। सुबह तेज बारिश हो रही थी। इस दौरान जहां भैंस रहती है वहां पानी और कीचड़ जमा होने लगा। वहां मौजूद भैंस की रस्सी खुल हुई थी। यही वजह रही कि भैंस वहां से हटकर इधर-उधर हो गई। बारिश और कीचड़ से बचने के लिए भैंस दादर गांव निवासी राम सूरत यादव के घर की सीढ़ियों के पास जा पहुंची। कुछ समझ नहीं आया तो सीढ़ी चढ़कर सीधे मकान के छत पर पहुंच गई। फिर क्या था भैंस के इस कारनामे को देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने घंटे तक प्रयास किया और जब भैंस नहीं उतरी तब क्रेन मशीन की सहायता से कुछ घंटे बाद भैंस को नीचे उतार लिया गया।

बाबा महाकाल का पूजन करते पत्नी के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव।

महाकाल का आशीष लेकर सीएम ने शिप्रा में लगाई डुबकी, बोले- निवेश और बहनों की भलाई सरकार की प्राथमिकता

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भस्म आरती में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद नृसिंह घाट पहुंचे। यहां पर उन्होंने पहले तैराकी का आनंद लिया और उसके बाद जय श्री नृसिंह और हर हर मां शिप्रा का उद्घोष करते हुए मां शिप्रा में डुबकी लगाई। इसके बाद सूर्य भगवान को जल भी अर्पित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव का पंचामृत अभिषेक कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।उज्जैन महाकालेश्वर में मुख्यमंत्री ने मंदिर में श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम भी जानी और सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। आज स्पेन और दुबई यात्रा पर रवाना होंगे।

पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि श्रावण का महीना है और बाबा महाकाल की कृपा है। इंदौर में इन्वेस्टर समिट के बाद लगभग पौने 400 करोड़ के निर्माण कार्य का लोकार्पण मैंने किया और आज भस्म आरती में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। राज्य की बेहतरी के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। निवेश को को मध्यप्रदेश में आकर्षित करने के लिए हमारे कार्य जारी हैं। आज रात तक मैं दिल्ली पहुंचूंगा और उसके बाद 19 जुलाई तक स्पेन और दुबई की यात्रा पर रहूंगा। 20 जुलाई को मेरी वापसी होगी।

बारिश नहीं होने के कारण महिलाओं ने फुव्वारे के नीचे खेली फुगड़ी।

मानसून की बेरुखी, जुलाई में भी पड़ रही गर्मी, सावन के सेरों का इंदौरवासियों को बेसब्री से इंतजार

सावन के महीने में झमाझम बारिश और रुक रुककर होने वाली बरसात के सेरे को दशकों से सुनते और देखते आए हैं, लेकिन सावन में गर्मी और उमस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव का संकेत दे रही है। पिछले ग्यारह दिनों से इंदौर नगर में मानसून ने बेरुखी कर रखी है। इंदौर के आसपास और प्रदेश के पूर्वी व उत्तरी हिस्से में मेघ मेहरबान हैं पर इंदौर में न गरज रहे हैं और न बरस रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि बारिश के दिन अभी आए ही नहीं हैं। दोपहर में गर्मी से हर कोई परेशान है। एक बार फिर पंखों और एसी का सहारा लिया जाने लगा है। शुक्रवार को तो धूप के तीखेपन ने गर्मी के दिनों का स्मरण करा दिया।

औसत से काफी कम हुई वर्षा
जून महीने से आरंभ हुए बारिश के मौसम में अभी तक इंदौर में 6 इंच (154.7 मिमी) बारिश हुई है, लेकिन जुलाई माह में अब तक सिर्फ 19 मिमी बारिश ही दर्ज हुई, जो एक इंच से भी कम है। जुलाई माह की औसत वर्षा 310.1 मिमी (करीब 12 इंच) रहती है, लेकिन 11 दिनों में आधा इंच भी बारिश नहीं हुई है। नगर को अभी जुलाई माह के शेष दिनों में 12 इंच वर्षा का इंतजार है।

रातें भी हो रहीं गर्म
सावन का महीना लग चुका है, फिर भी दिन के साथ ही रातें भी गर्म होने लगी हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि बारिश के बादलों के साथ हवाओं ने भी नाराजगी बना रखी है। गुरुवार को इंदौर नगर का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जुलाई माह के 10 दिनों में पांच से अधिक बार तापमान 29 डिग्री सेल्यिसस या इससे अधिक दर्ज हुआ है। वैसे जुलाई माह का औसत अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस है। 12 जुलाई 1966 को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री दर्ज हुआ था, जो आज तक का एक रिकॉर्ड है।

1965 और 1966 में पड़ा था सूखा
1965 और 1966 लगातार सूखे के वर्ष इंदौर ने देखे हैं। इन्हीं दो सूखे के वर्षों के कारण शहर में नर्मदा जल लाने की राह प्रशस्त हुई थी। जुलाई माह के एक दशक के इतिहास को देखें तो बारिश 10 जुलाई के बाद ही अधिक दर्ज की गई है। इस पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए लगता है कि नगर में जल्दी ही अच्छी बारिश होगी।

अरब सागर में नहीं बन रहा सिस्टम
भोपाल स्थित मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में मानसून अच्छा सक्रिय है, परंतु पश्चिमी क्षेत्र जिसमें मालवा निमाड़ आता है, यहां मौसम का केंद्र बिंदु निर्मित नहीं हो पाया। अरब सागर में कोई सिस्टम भी नहीं बन पा रहा है, जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में वर्षा हो। उमस से कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। बादलों की हलचल बढ़ने और उनके सक्रिय होने की संभावना है। इससे 12 से 13 जुलाई के बीच इंदौर और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

जुलाई माह का अधिकतम तापमान

दिनांकअधिकतम तापमान 
डिग्री सेल्सियस में
129.0
229.4
329.1
428.0
526.4
628.2
727.8
826.8
929.9
1029.5

 
पिछले एक दशक में जुलाई का अधिकतम तापमान

वर्षदिनांकअधिकतम तापमान 
डिग्री सेल्सियस में 
201514/1534.0
2016333.6
2017932.8
2018333.6
20192435.2
2020235.8
2021836.2
2022432.4
2023433.9
2024933.4

Ramswaroop Mantri

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