इंदौर
शहर के कला प्रेमियों के लिए यह अच्छी खबर है। एक दशक से धूल खा रहा राजेंद्र नगर ऑडिटोरियम अब बेचा नहीं जाएगा। इसके अधूरे काम पूरे कर प्रदेश स्तर का बनाया जाएगा। इसके लिए इसी महीने टेंडर जारी हो सकता है। फिर आईडीए इसके संचालन का फैसला लेगा। आईडीए ने स्कीम-97 पार्ट-4 में 7 करोड़ लागत से यह ऑडिटोरियम बनाया था। 2013 में इसे संस्कृति विभाग को सौंपा था लेकिन विभाग वहां कोई गतिविधि नहीं करा पाया।
वजह यह थी कि आईडीए ने ऑडिटोरियम के इंटीरियर के साथ कुछ जरूरी काम पूरे नहीं किए थे। इसके बाद यह दुर्दशा का शिकार होता गया। पश्चिमी क्षेत्र में कोई बड़ा सभागार नहीं होने से इसका महत्व बढ़ जाता है। रविवार को आईडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा ने इसका निरीक्षण करने के बाद बताया इसे बेचा नहीं जाएगा। इसे प्रदेश स्तर का सभागार बनाएंगे। इसके लिए तमाम सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
अलाउद्दीन खां अकादमी भोपाल के डायरेक्टर जयंत भिसे ने आंतरिक साज-सज्जा के संबंध में सुझाव दिए। उन्होंने कहा यहां अच्छी कला वीथिका का भी निर्माण संभव है। पूर्व आईडीए अध्यक्ष मधु वर्मा के कार्यकाल में इसका निर्माण हुआ था।





