रतन टाटा की वसीयत के मुताबिक उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा दिया है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 3,800 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें टाटा सन्स के शेयर और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इसका अधिकांश हिस्सा ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ को दान में दिया गया है, जो समाज सेवा के काम आएगा।
टाटा ग्रुप की पूर्व कर्मचारी को भी मिली टाटा की दौलत
एक खबर के मुताबिक उनकी अन्य संपत्ति (लगभग 800 करोड़ रुपये), जिसमें बैंक एफडी, वित्तीय साधन, घड़ियां और पेंटिंग्स शामिल हैं, का एक-तिहाई हिस्सा उनकी सौतेली बहनों शिरीन जेजीभाय और डीना जेजीभाय को मिलेगा। एक-तिहाई हिस्सा मोहिनी एम दत्ता को मिलेगा, जो टाटा ग्रुप की पूर्व कर्मचारी थीं और रतन टाटा के करीबी थीं।
टाटा ग्रुप की पूर्व कर्मचारी को भी मिली टाटा की दौलत
उनकी अन्य संपत्ति (लगभग 800 करोड़ रुपये), जिसमें बैंक एफडी, वित्तीय साधन, घड़ियां और पेंटिंग्स शामिल हैं, का एक-तिहाई हिस्सा उनकी सौतेली बहनों शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय को मिलेगा। एक-तिहाई हिस्सा मोहिनी एम दत्ता को मिलेगा, जो टाटा ग्रुप की पूर्व कर्मचारी थीं और रतन टाटा के करीबी थीं।
करीबी दोस्त को प्रॉपर्टी और तीन बंदूकें
रतन टाटा के भाई जिमी नवल टाटा (82 वर्ष) को जुहू की बंगले का हिस्सा मिलेगा, जबकि उनके करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को अलीबाग की प्रॉपर्टी और तीन बंदूकें (जिनमें एक .25 बोर की पिस्तौल भी शामिल है) मिलेंगी।
पालतू जानवरों के लिए 12 लाख का फंड
रतन टाटा ने अपने पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपये का फंड बनाया है, जिसमें से हर जानवर को हर तीन महीने में 30,000 रुपये मिलेंगे। उनके सहायक शंतनु नायकुडू का छात्र ऋण और पड़ोसी जेक मालाइट का ब्याज-मुक्त एजुकेशन लोन को माफ कर दिया गया है।
रतन टाटा के विदेशी संपत्तियों (लगभग 40 करोड़ रुपये) में सेशेल्स में जमीन, वेल्स फार्गो और मॉर्गन स्टेनली के बैंक खाते, तथा कंपनियों के शेयर शामिल हैं। उनकी 65 कीमती घड़ियां (ब्वल्गारी, पेटेक फिलिप, टिसोट आदि) भी संपत्ति में शामिल हैं।
उनकी वसीयत के अनुसार, सेशेल्स की जमीन ‘आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर’ को मिलेगी। जिमी टाटा को चांदी के सामान और कुछ ज्वैलरी मिलेंगी, जबकि सिमोन टाटा और नोएल टाटा को जुहू प्रॉपर्टी का बाकी हिस्सा मिलेगा।
कब होगा संपत्ति का बंटवारा
मेहली मिस्त्री को अलीबाग के बंगले देते हुए रतन टाटा ने लिखा कि यह प्रॉपर्टी बनवाने में मिस्त्री का बड़ा योगदान था और उम्मीद है कि यह जगह उन्हें साथ बिताए खुशनुमा पलों की याद दिलाएगी। अदालत में वसीयत की पुष्टि होने के बाद ही संपत्ति का बंटवारा होगा, जिसमें 6 महीने तक का समय लग सकता है।
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