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*पहचानें फेक फ्रेंड्स के सिंपटम्स*

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        ~ मीना राजपूत, कोटा 

दोस्ती एक ऐसा स्ट्रॉन्ग रिलेशनशिप है, जो सुख दुख में हमेशा साथ बना रहता है। जीवन की बड़ी से बड़ी उलझन को दोस्तों के साथ से आसानी से हल कर सकते हैं। दोस्त न केवल सीक्रेट्स को अपने तक रखते हैं बल्कि एक केयरटेकर के तौर पर हर समय ख्याल भी रखते हैं।

    मेंटल हेल्थ को मज़बूती प्रदान करने वाली फ्रेंड सर्कल में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो पूरी तरह से मतलबी होते हैं। जी हां समय आने पर वे आपको धोखा देने से भी नहीं चूकते हैं। अगर आप भी अपने दोस्तों पर भरोसा करती हैं और उनकी दोस्ती की मिसाल देती हैं, तो ज़रा सतर्क हो जाएं।

   क्यों न आज ऐसे दोस्तों की पहचान करें, जो आपके साथ किसी मतलब से जुड़े हुए हैं। 

फेक फ्रेंडशिप क्या है?

 मनोवैज्ञानिक डॉ विकास मानव बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति गहरी दोस्ती का दावा करते हुए मन ही मन आपके लिए जलन और द्वेष की भावना रखने लगे, तो वो टॉक्सिक यानि फेक फ्रेंडशिप की ओर इशारा करता है। ऐसे लोग पूरी तरह से दिखावटी होते हैं।

    वे भले ही आपके नज़दीक और आपका हितैषी होने का दावा करे, मगर उसका आपको भावनात्मक और मानसिक तौर पर नुकसान पहुंचाना होता है। ऐसे लोगों की पहचान करना अक्सर मुश्किल होता है।

    ज़रूरत के वक्त हर बार ऐसे लोग आपसे दूर हो जाते हैं और आपकी समस्या को बढ़ाने का काम करते हैं।

डॉ. मानवश्री के अनुसार फेक फ्रेंड्स के होते हैं ये 5 संकेत :

    *1. ज़रूरत के समय काम न आना :*

     सच्चा दोस्त वही है, जो ज़रूरत के वक्त हर दम साथ बना रहे। दरअसल, मुश्किल घड़ी में ही मित्र और दुश्मन की पहचान की जाती है। अगर आप किसी समस्या से घिरे हैं और मदद के लिए दोस्त से संपर्क करते हैं, तो ऐसे में टॉक्सिक फ्रेंड हेल्प करने की जगह पीछे हट जाते हैं।

    वे कोई न कोई बहाना बनाकर दूरी बना लेते हैं और मदद करने से कतराते हैं। अगर हर बार दोस्त इसी तरह से बर्ताव करते हैं, तो ये फेक फ्रेंड की ओर इशारा करता है।

*2. जलन की भावना रखना :*

    फेक फ्रेंड भले ही अच्छे मित्र होने का दावा करें, मगर उनके अंदर इनसिक्योरिटी की भावना हर वक्त बनी रहती है। वे हर दम खुद को आपसे बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे रहते हैं।

    उनके अंदर जलन की भावना इतनी तीव्र होती हैं कि वे आपकी उपलब्धियों और प्रशंसा को बर्दाशत नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोग हर वक्त प्रतिस्पर्धा की भावना को अपने मन में दबाए रखते हैं।

*3. पीठ पीछे बातें करना :*

   फेक फ्रेंड पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं होते हैं। वे पीठ के पीछे अन्य लोगों से आपके लिए कटु वचन बोलने से नहीं कतराते हैं। इसके अलावा उनका व्यवहार पूरी तरह से नकारात्मक साबित होता है।

   इसके अलावा आपकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी लोगों से झूठी बातें करते हैं। वे किसी भी प्रकार से अन्य लोगों की नज़र में आप इमेज को धूमिल करने का काम करते हैं।

*4. झूठ बोलना :*

चीजों को छुपाना और बात बात पर झूठ बोलना ऐसे लोगों की आदत होती है। वे खुद को बेहतर साबित करने और आपसे पहले हर काम करने के लिए लास्ट मूमेंट तक अपने प्लान्स को रिवील नहीं करते हैं। ऐसे लोगों पर विश्वास करना आपके लिए किसी बड़ी परेशानी का कारण भी साबित हो सकता है।

    अगर हर बार आप अपने दोस्त के झूठ बोलने से परेशान हैं, तो ये दोस्ती में रेड फ्लेग को दर्शाता है। ऐसे लोगों से दूरी बना लेना ही बेहतर है, क्यों से विश्वासपात्र नहीं होते हैं।

*5. डिमोटिवेट करते रहना :*

    अच्छे मित्र वही कहलाते हैं, जो अपने दोस्तों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और उत्साहित करें। अगर आपका भी कोई मित्र ऐसा है, जो हर वक्त आपको आगे बढ़ने से रोकता है।

     किसी काम के लिए प्रेरित नहीं करता है बल्कि उसके नुकसान गिनवाने लगा है, तो वो सच्चा मित्र नहीं है। ऐसे लोगों पर हर बार विश्वास करने से बचें और अपने मन मुताबिक ही कार्य करें। (चेतना विकास मिशन).

Ramswaroop Mantri

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