इंदौर में शुक्रवार शाम से लगातार बारिश शनिवार सुबह आफत में बदल गई है। एक दिन में 11 इंच (शुक्रवार शाम 4 से शनिवार शाम 4 बजे तक) पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह चेतावनी पूरे संभाग के लिए दी गई है।इंदौर में शुक्रवार शाम से लगातार बारिश शनिवार सुबह आफत बन गई। 36 घंटे में करीब 9 से 10 इंच पानी गिरा है। शहर में सितंबर में 61 साल में कभी ऐसी बारिश नहीं हुई। रातभर से जारी बारिश से कई घरों में पानी घुस गया है। लोग घर में ही कैद हैं। महेश नगर में निचली बस्ती के घरों को खाली करा लिया गया है।
इंदौर शहर में सितंबर में 61 साल में कभी ऐसी बारिश नहीं हुई। रातभर से जारी बारिश से कई घरों में पानी घुस गया है। लोग घर में ही कैद हैं। हालांकि शनिवार दोपहर दो बजे बारिश रुक गई थी लेकिन 2.30 के बाद फिर बारिश शुरू हो गई।
उधर, देर दोपहर राऊ तहसील के ग्राम कलारिया में गंभीर नदी डेम की बाढ़ में फंसे 21 लोगों को जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चला कर बचाया। इनमें महिलाएं, बच्चे सहित कुछ मछुआरे डेम के समीप घिरे हुए थे। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर सभी को सुरक्षित निकाल लिया है।
इंदौर शहर में महेश नगर में निचली बस्ती के घरों को खाली करा लिया गया है। कबूतरखाना क्षेत्र में भी कई परिवार रेस्क्यू किए गए हैं। तालाबों के किनारे से भी घर खाली कराकर परिवार रिलिफ कैम्प में भेजे जा रहे हैं। प्रशासन प्रभावितों में फूड पैकेट बंटवाएगा। लोगों की मदद के लिए नगर निगम के कंट्रोल रूम में नंबर 93295 55202, 0731 253 5555, 0731 4030100 जारी किए गए हैं। आज स्कूलों की छुट्टी रखी गई है।

शनिवार सुबह सुपर कॉरिडोर पर सर्विस रोड की पुलिया से स्टाफ की मिनी बस बह गई। 15 लोग सवार थे, सभी को बचा लिया गया है। गांधी नगर क्षेत्र और एमआर-10 वाले हिस्से में पानी भर गया। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश ने सावधानी पूर्वक यात्री वाहनों को संचालित करने की सलाह दी है।

जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चला कर राऊ तहसील के ग्राम कलारिया में गंभीर नदी डेम में फंसे 21 लोगों को बचाया

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ राऊ से बीजेपी प्रत्याशी मधु वर्मा उतरे सड़क पर।
कई कॉलोनियों में घुटने-घुटने पानी भरा हुआ है। जानकारी मिलने के बाद शहर के जनप्रतिनिधि रहवासियों के पास पहुंचकर समस्या सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

भारी बारिश के कारण यशवंतसागर डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। शहर के सभी तालाब पूरी क्षमता से भर गए हैं।
उधर, खंडवा रोड पर नर्मदा का मोरटक्का पुल बंद कर दिया गया है। ओंकारेश्वर में मूर्ति अनावरण में जाने वाले लोगों को नहीं आने की सलाह दी गई है। इससे पहले रात में पूर्व मंत्री रंजना बघेल का बेटा और उसका दोस्त चोरल में बहकर फंस गया। दोनों को देर रात बचा लिया गया है।

खंडवा रोड पर नर्मदा का मोरटक्का पुल बंद।
सीजन की यह सबसे तेज और घनघोर बारिश है। 24 घंटे में सात इंच बारिश के साथ शहर की सीजन की बारिश का कोटा पूरा हो गया। अब तक कुल 39 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 2 इंच ज्यादा है। शहर का रिकॉर्ड देखें तो इससे पहले 20 सितंबर 1962 को 24 घंटे में करीब 6.5 इंच पानी गिरा था। यानी सितंबर की बारिश का 61 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। उधर, देपालपुर में एक दिन में रिकॉर्ड 10 इंच बारिश हुई है।

अलर्ट को देखते हुए कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने आज शनिवार को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सभी रेस्क्यू दल अलर्ट पर हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम के आला अधिकारियों और सभी झोन के अफसरों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। वे खुद भी कंट्रोल रूम पहुंच गए। इधर, देर रात तक करीब 1000 हजार शिकायतें बिजली समस्या से जुड़ी भी पहुंची हैं। रातभर सप्लाई नॉर्मल करने का काम चला।

रातभर निगरानी कराते रहे कलेक्टर, रेस्क्यू दल अलर्ट पर
कलेक्टर इलैयाराजा बारिश के दौरान लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। होमगार्ड और सिविल डिफेंस के दल को भी पूरे उपकरणों के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है।
घंटों तक पेड़ के सहारे फंसा रहा पूर्व मंत्री का बेटा
बारिश के कारण चोरल नदी में दुर्घटना हुई। मनावर की पूर्व विधायक और मप्र की पूर्व मंत्री रंजना बघेल का बेटा यशवर्धन शुक्रवार शाम दोस्त तेजस के साथ नदी के बीच गाड़ी ले जाकर पार्टी कर रहा था। इस दौरान नदी में पानी बढ़ जाने से दोनों गाड़ी सहित बह गए। यश कई घंटों तक पेड़ के सहारे फंसा रहा। फिर उसका हाथ छूटा और पानी में बह गया। देर रात ग्रामीणों ने दोनों को बचा लिया। पूर्व मंत्री बघेल जानकारी मिलते ही बेहोश हो गई थीं। कलेक्टर ने वीकैंड पर पिकनिक स्पॉट पर नहीं जाने की अपील की है।

पूर्व मंत्री रंजना बघेल के बेटे यश को बचाया गया है।
इससे पहले कल शाम 4.30 बजे ही काली घटाएं ऐसी छाईं कि लगा रात हो गई। बीआरटीएस से लेकर सुपर कॉरिडोर तक सभी गाड़ियों के हेडलाइट जलाना पड़े। घर और दुकानों पर भी लाइट्स ऑन करना पड़ गए। इधर, कई निचली कॉलोनियों में पानी घुस गया। विजय नगर इलाके में लोगों के घरों में घुटने घुटने पानी भर गया। उसके बाद रातभर भी पानी बरसा है।

सुपर कॉरिडोर इलाके की सड़कों में पानी भर गया
24 घंटे में 6 इंच बारिश
इंदौर के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही इलाके में तेज बारिश के कारण खजराना, बीआरटीएस, एलआईजी चौराहा और बंगाली चौराहे के आस पास की सड़कें पानी से लबालब हो गई। शहर में इससे पहले आठ सितम्बर को साढ़े तीन इंच बारिश हुई थी। शुक्रवार से शुरू हुई यह बारिश इस सीजन की सबसे तेज बारिश तो है लेकिन इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश भी इसी दौरान हुई। मौसम विभाग के मुताबिक तक 6 इंच बारिश हुई। विभाग ने अभी दो-तीन ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार जताए हैं।

बारिश से बचने के लिए लोग प्रस्तावित मेट्रो लाइन के नीचे जगह ढूंढते रहे।
तालाबों का जल स्तर बढ़ा
शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद तालाबों का जल स्तर काफी बढ़ गया है। यशवंत सागर, बड़ी बिलावली, छोटी बिलावली, रीजनल पार्क, लिम्बोदी आदि तालाब काफी लबालब है। अगर बारिश ऐसी ही जारी रही तो यशवंत तालाब के गेट एक बार फिर खोले जा सकते हैं।

शहर के छत्रीबाग स्थित गणगौर घाट पर भारी बारिश के चलते शनिवार सुबह कुछ ऐसा नजारा था। शहर और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है।

शनिवार सुबह भारी बारिश के चलते शहर के एलआईजी इलाके में बीआरटीएस पर जबरदस्त जलजमाव हो गया। स्थिति यह बन गई कि घुटने-घुटने तक पानी भर गया।इंदौर जिले की देपालपुर तहसील में स्थित बनेड़िया तालाब ओवर फ्लो हो रहा है। पिछले 36 घंटे में देपालपुर में सबसे ज्यादा 10 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

यह नजारा स्मार्ट सिटी इंदौर के सबसे पॉश इलाके विजय नगर से प्रेस कॉम्प्लेक्स के बीच का है। शुक्रवार-शनिवार को भारी बारिश के चलते शहर की सड़कें स्वीमिंग पूल बन गई हैं।

शहर के अंधरूनी इलाकों में इतना पानी है कि लोग घरों में ही कैद हो गए हैं। बगीचे तालाब की शक्ल ले चुके हैं।

शहर के सरकारी बगीचों में भी पानी भर गया है। नगर निगम की रेस्क्यू टीम घूम घूमकर जलभराव इलाके ढूंढ़कर वहां मोटर और ड्रेनेज ओपन करके पानी खाली कर रही है।

कॉलोनियों में घुटने-घुटने पानी भर गया है। विजय नगर, महेश नगर, कबूतरखाना समेत कई इलाकों में लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।

सुपर कॉरिडोर पर सुबह रपट पार करते समय सर्विस रोड से स्टाफ बस फिसल गई। 15 कर्मचारी थे जिन्हें सुरक्षित निकाला गया।

तेज बारिश में भी लोग घूमने निकलते रहे। एक एक्टिवा सवार ने बारिश से बचने के लिए कुछ यूं प्लास्टिक का जर्किन बनाकर सफर किया।नर्मदा नदी पर मोरटक्का के पास बने पुल पर बारिश के चलते शुक्रवार रात से ही ट्रैफिक बंद कर दिया गया था। शनिवार सुबह नर्मदा नदी का पानी मोरटक्का पुल के ऊपर बह रहा था।

शुक्रवार सुबह 8.30 बजे से शनिवार सुबह 6 बजे तक इंदौर और आसपास के इलाकों में 6 इंच से ज्यादा बारिश होने के चलते यशवंत सागर डैम के गेट खोलने पड़े।

शहर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए हैं। बिजली के तारों पर पेड़ या टहनियां गिरने से बिजली गुल होने की स्थिति भी बनी है।

शहर में भीषण बारिश को देखते हुए कई स्थानों का इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दौरा किया। रहवासियों से बातचीत कर नगर निगम के अधिकारियों को विपरीत परिस्थिति से निपटने और नागरिकों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।

शहर में 36 घंटे में 11 इंच बारिश हो गई है। लगातार जारी रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक तरफ सड़कें लबालब होकर स्वीमिंग पूल बन गई हैं, वहीं निचली बस्तियों व कॉलोनियों में पानी भर गया। जल जमाव और घरों में पानी भरने से लोग परेशान हो रहे हैं। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। नेता-अधिकारी सड़क पर उतरे। बारिश की वजह से कई इलाकों की बत्ती गुल रही। जोरदार बारिश की वजह से वाहन चालक जहां परेशान होते रहे वहीं लोगों ने मौसम का लुत्फ भी उठाया। MR 10 की हालत बहुत खराब है। यहां कारें फंसकर बंद हो गई और लोगों ने दूसरे साधनों से आना पड़ा।

तीन इमली बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क पर इस तरह से पानी ओवर फ्लो हो रहा था, ड्रेनेज लाइन चोक हो गई क्षेत्र के घरों में पानी घुस गया।
1. तीन इमली बस स्टैंड – झमाझम बारिश से तीन इमली बस स्टैंड पर पानी भर गया। यात्री इधर-उधर भटकते नजर आए। बारिश के कारण बस ड्राइवरों को भी बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सावधानी से बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पालदा औद्योगिक क्षेत्र में पानी भरा गया, यहां सड़कें लबालब नजर आई। खातीवाला टैंक में बारिश का पानी सड़कों पर जमा था। ट्रांसपोर्ट नगर, लोहा मंडी इलाके में भी ऐसे ही हालात थे। कई व्यापारी पानी जमा होने से दुकानें तक नहीं खोल सके।

महारानी रोड पर भी जल जमाव की स्थिति बनी। कई दुकानों में भी पानी घुस गया।
2. महारानी रोड – तेज बारिश के कारण महारानी रोड पर भी पानी भर गया। वहीं पाटनीपुरा चौराहे पर जीण माता मंदिर और परदेशीपुरा चौराहे के सामने घुटने-घुटने पानी जमा हो गया। वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं चौराहे से थोड़ी दूर स्थित तीन पुलिया पर भी ये ही स्थिति रही। पैदल चलने वालों का भी सड़क से निकलना मुश्किल हो गया। पानी की व्यवस्थित निकासी नहीं होने के कारण ये स्थिति बनी। इसके साथ ही क्षेत्र के पाटनीपुरा, एमआईजी व बस्तियों में बारिश ने लोगों को परेशानी में डाल दिया।

रोबोट चौराहे के पास वैलोसिटी टॉकिज पर जल जमाव से वाहन चालक परेशान होते रहे।
3. रोबोट चौराहा – बारिश के कारण चौराहे पर यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ। समीप स्थित सब्जी मंडी में पानी घुटने से ऊपर भरा रहा। सब्जी के ठेले आधे डूबे हुए थे, जमीन पर सब्जी बेचने वाले फुटकर दुकानदार परेशान होते नजर आए, क्योंकि पानी भरा होने से उन्हें दुकान लगाने की जगह ही नहीं मिली। इलाके के मालवीय नगर, कृष्ण बाग आदि के कुछ घरों में लोग घर में घुसे पानी को बाल्टी से बाहर निकालते दिखे।

बाइपास पर बस बंद हो गई। सर्विस लेन पर पानी जमा हो गया। यातायात बाधित हुआ।
4. देवास बाइपास – शहर के अंदर सड़कें जहां जलमग्न हो गई वहीं आउटर इलाके में बाइपास पर भी वाहन चालकों की फजीहत हुई। बाइपास पर तेजाजी नगर से देवगुराड़िया, राला मंडल, बिचौली मर्दाना सभी जगह पानी भर गया। दो पहिया और चार पहिया वाहन चालक जैसे-तैसे गुजरे। यातायात का दबाव होने से जाम की स्थिति भी बनी।

शुक्रवार शाम से द्वारकापुरी-फूटी कोठी इलाके में घुटने से ऊपर पानी रहा। शनिवार को भी यही स्थिति रही। वाहन चालक दिनभर परेशान होते रहे।
5. द्वारकापुरी-फूटी कोठी चौराहा – तेज बारिश के कारण चौराहे पर पानी भर गया। दो पहिया वाहन चालक रिंग रोड सहित अन्य वैकल्पिक मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचे। सुबह ऑफिस पहुंचने के लिए लोग जद्दोजहद करते दिखे। द्वारकापुरी इलाके में भी पानी भरने से वाहन चालक परेशान हुए।

शहर के अलग अलग इलाकों में जोरदार बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति बनी। दैनिक भास्कर संवाददाता अभिषेक दुबे।

वर्ल्ड कप चौराहे पर अग्रवाल पब्लिक स्कूल के सामने जल जमाव से एक लेन बंद करना पड़ी।
6. वर्ल्ड कप चौराहा – रिंग रोड स्थित वर्ल्ड कप चौराहे पर बारिश के कारण जाम लग गया। चौराहे से आगे अग्रवाल पब्लिक स्कूल के पास पानी जमा होने से वाहन चालक फंस गए। लंबा जाम चौराहे से लेकर अग्रवाल पब्लिक स्कूल और उसके आगे तक लग गया। काफी देर तक वाहन चालक परेशान होते रहे।

दैनिक भास्कर संवाददाता देवेंद्र मीणा ने BRTS रूट पर।

BRTS पर जल जमाव के कारण स्विमिंग पूल जैसी स्थिति बन गई। घुटने-घुटने पानी भर गया।
7. एलआईजी बीआरटीएस – एलआईजी चौराहे से आगे प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने बीआरटीएस पर घुटने-घुटने तक पानी भर गया। कई दो पहिया वाहन पानी घुसने से बंद हो गए। ऑटो रिक्शा को भी धकेलते हुए चालक आगे ले गए। वाहन चालक सहित पैदल चलने वाले जैसे-तैसे एलआईजी चौराहे तक पहुंचे। यहां सड़क पानी से इतनी लबालब भरी तक की स्विमिंग पुल जैसी स्थिति बन गई। पानी की निकासी नहीं होने से हमेशा यहां पानी भर जाता है।

सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में जगह-जगह जल जमाव हुआ। बारिश से मेट्रो का काम भी प्रभावित हुआ।
8. सुपर कॉरिडोर – बारिश के कारण सुपर कॉरिडोर इलाके में जगह-जगह सड़कों पर पानी जमा हो गया। ट्रायल रन के लिए चल रहा मेट्रो का काम भी प्रभावित हुआ। टीसीएस चौराहे से लवकुश चौराहे तक जगह-जगह पानी भरने से वाहन चालक परेशान हुए।

लवकुश चौराहे पर एमआर 10 जाने वाली सड़क पर पानी भर गया।
9. लवकुश चौराहा – उज्जैन रोड की ओर से इंदौर आने वाले वाहन चालकों को यहां काफी परेशानी उठानी पड़ी। चौराहे पर पानी जमा हो गया। स्कूटर के साइलैंसर में पानी घुसने से वे बंद हो गए। वाहन चालक धकेलते हुए उन्हें ले गए।
फ्लाइओवर के काम और बारिश से खजराना चौराहे पर भी यातायात बाधित हुआ।
10. खजराना चौराहा – यहां फ्लाइओवर का काम चल रहा है। बारिश के कारण चौराहे पर चारों तरफ पानी भर गया। आनंद बाजार की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी नाला ऊफान पर आने से आवागमन बाधित हो गया। खजराना चौराहे के पहले रोबोट और वैलोसिटी टॉकिज के यहां भी सर्विस लेन पर पानी भर गया। जिससे दो पहिया वाहन चालक नहीं निकल सके।

एबी रोड से बीजलपुर जाने वाले रास्ते पर जल जमाव हो गया। इलाके से जुड़े कॉलोनीवासियों को परेशानी उठाना पड़ी।
11. एबी रोड से बीजलपुर – शहर के आउटर इलाके में भी बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी। कॉलोनियों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर जल जमाव के कारण वाहन चालक परेशान होते रहे। एबी रोड से बीजलपुर जाने वाले रास्ते पर काफी पानी भरा गया।

दैनिक भास्कर संवाददाता स्वतंत्र शुक्ला ने शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में जाकर रहवासियों से बतचीत की।
कई इलाकों की बत्ती गुल
शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक अत्यधिक बारिश से शहर के सर्कल के 525 में से 11 केवी के 41 फीडरों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। 14 जगह लाइनों पर पेड़, बड़ी शाखाएं गिरी। 7 स्थानों पर तार, केबल टूटे। प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने में घंटों लग गए। सुबह 9.30 बजे से खंडवा रोड श्री यंत्र नगर में बत्ती गुल हुई और दोपहर तक बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान 350 कर्मचारी, अधिकारी कार्य पर लगे। शहर के 30 जोन पर शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह 11.30 बजे तक 1400 से ज्यादा व्यक्तिगत शिकायतें फ्यूज ऑफ कॉल (एफओसी) की पहुंची। सुभाष चौक जोन के तहत कबूतर खाना और नार्थ तोड़ा क्षेत्र में अत्यधिक जल जमाव होने पर सुरक्षा कारणों से 3 ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति बंद की गई है।
कांग्रेस बोली – आपदा प्रबंधन की पोल खुली
तेज बारिश के कारण शहर का जल जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कांग्रेस ने भी अव्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। संभागीय प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि नाला टेपिंग और सीवरेज व्यवस्था पर 1500 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर देने के बाद भी जरा सी बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है जबकि कल से शहर में मूसलाधार पानी गरीबों के लिए आफत बनकर बरस रहा है, जिसने इंदौर नगर निगम प्रशासन की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की फिर पोल खोल कर रख दी है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राजेश चौकसे ने कहा की भाजपा सरकार की 50 प्रतिशत कमीशन खोरी की सरकार ने विकास के नाम पर इंदौर शहर का बंटाधार कर दिया है।





