देवास
जिला अस्पताल का कायाकल्प कर दिया है, जिससे उसकी तस्वीर बदल गई है। जिला अस्पताल अब आदर्श अस्पताल बन गया है। सीएमएचओ डॉ. एमपी शर्मा ने बताया, जिला अस्पताल के कायाकल्प में बहुत से कार्य किए हैं। कुल 400 बेड व 15 वार्ड का अस्पताल है।

अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में 6 बेड, आईसीयू में 10 बेड, जन्म से 28 दिन के बच्चों के लिए एसएनसीयू 20 बेड, न्यू नेटल एचडीयू में 10 बेड, इमरजेंसी वार्ड में 10 बेड टीबी वार्ड में 10 बेड, मेटरनिटी वार्ड में 120 बेड, कोविड एचडीयू 24 बेड, मेल सर्जिकल, मेल आर्थोपेडिक 30 बेड, फीमेल सर्जिकल, फीमेल आर्थापेडिक 30 बेड, बच्चों का पीआईसीयू 30 बेड, जनरल आईसीयू 24 बेड, आइसोलेशन 20 बेड, कैंसर वार्ड 6, आई वार्ड में 20 बेड हैं। दूसरी लहर से पूर्व 2 वार्ड में ऑक्सीजन युक्त 60 बेड थे। वर्तमान में संभावित तीसरी लहर के पूर्व 10 वार्ड में आक्सीजन लाइन से कनेक्ट कर ऑक्सीजनयुक्त 248 बेड तैयार किए हैं। वर्तमान में 500 ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर ली है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन लगाई हैं।
पूर्व में 180 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध थे। ऑक्सीजन प्लांट का इंस्टालेशन क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट में संचालित हाे रहा है। दूसरा प्लांट स्वीकृत क्षमता 1500 लीटर प्रति मिनट काे इंस्टालेशन किया जा रहा है। पैथोलॉजी में ऑटोमेटिक मशीनों से 110 प्रकार की जांच सुविधा है। सिविल सर्जन डॉ. विजयकुमार सिंह ने बताया, अस्पताल की बंद लिफ्ट के स्थान पर नई लगाई जा रही है।




