डॉ. प्रिया मानवी
(1) मैथुन करते समय स्त्री की यौनि और छाती के अलावा नाक का भीतरी भाग भी फ़ूल जाता है।
(2) मानव को यौवन की चरम
अवस्था 17-18 वर्ष की आयु में प्राप्त हो जाती है।
(3) एक बार के संभोग में पुरुष की 100 केलोरी दहन होती है।
(4) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें 2 से 5 मिलियन शुक्राणु होते हैं।
(5) यौन क्रिया की चरम
अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन 140 प्रति मिनिट हो जाती है।
(6) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
(7) 40 वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ 10 सेकंड में खडे (इरेक्टेड) हो जाते हैं।
(8) 61% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल 2% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं। इसलिए की बाकी को जीवन में आर्गेज्म का अहसास तक नहीं करा पाता पुरुष.
(9) 15% पुरुष काम के समय (आन ड्युटी) ही संभोग कर लेते हैं।
10) करीब 95% पुरुष प्रविष्ट करने के बाद तीन मिनट में स्खलित हो जाते हैं। स्त्री गरम ही 30 मिनट बाद होती है. उसके पिघलने, नीचुड़ने यानी तृप्त होने के लिए इससे अधिक सेक्स चाहिए होता है.
(11) पांच प्रतिशत युवा प्रतिदिन संभोग करते हैं जबकि 20% सप्ताह में तीन से चार बार सेक्स करते हैं।
(12) सेक्स के बाद एक घंटे में शुक्राणु 7 इंच तक आगे बढ़ सकता है।
(13) अधिकांश स्त्रिया पुरुष
की खूबियों का आकलन करने में लिंग की साईज को नवें पायदान पर रखती हैं जबकि पुरुष लिंग की साईज को ज्यादा महत्व देते हुए तीसरे पायदान
पर रखते हैं।
(14 सेक्स की मस्तिष्क प्रशांतक शक्ति “वेलियम” से 5 गुनी अधिक है।
(15) टेंशन से मस्तिष्क की रक्त
वाहिनिया संकुचित होकर सिर दर्द का कारण बनता है। मजबूत सेक्स टेंशन को दूर कर सिर दर्द से मुक्ति देता है।
(16) स्त्री के शरीर में नर शुक्राणु 9 दिन तक जीवित रह सकते हैं।
(17) 85% पुरुष शीघ्र पतन की गिरफ़्त में हैं जबकि 10% लोग “तनाव दोष”(इरेक्टाईल डिस्फ़न्क्शन) से पीडित है।
(18) 82% महिलाएं अपने साथी के लिंग की साईज से पूर्री तरह संतुष्ट हैं।
(19) माईग्रेन से पीडित महिलाएं और आलसी महिलाएं ज्यादा कामुक होती हैं।
(20) ज्यादतर महिलाएं अंधेरे में सेक्स करना पसंद करती है।
(21) किसी भी अन्य जगह के बजाय मर्द बिस्तर में ज्यादा झूंठ बोलते हैं।
(22) पुरुष अपने सामान्य जीवनकाल में 17 लिटर वीर्य स्खलित करता है।
(23) स्वस्थ रूप से सेक्स सक्रिय लोग संयम से रहने वले लोगों की बनिस्बत ज्यादा उम्र जीते हैं।
(24) स्त्री की भगनासा मे पुरुष के लिंग की तुलना में दो गुने नाडी तंतु रहते हैं। भगनासा सहलाने से स्त्री तुरंत उत्तेजित हो जाती है।
25)भगनासा को जीभ से चाटने पर स्त्री मदहोश हो जाती है. योनि को मुँह से टच करना मुँह और गले का कैंसर तक देता है. इसलिए योनि का निरोग और साफ-पाक होना ज़रूरी है.
(26). पेनिस को मुँह में लेने से वह जल्दी टाइट हो जाता है. वीर्यपान से गर्भ नहीं ठहरता, लेकिन मर्द रोगी या वीर्य अशुद्ध है तो ओरल कैंसर की शिकार स्त्री हो सकती है.
(27) आज तक मेडिकल साइंस अधिकृति एक भी टैबलेट, इंजेक्शन, चूर्ण, तेल नहीं आया है जो नामर्दी ख़त्म करे. किसी भी पैथी की सेक्स पावर की दवा पहले समर्थ होने का अहसास कराती है, मग़र बाद में पेनिस की नशों को डेमेज कर के पूर्ण नामर्द बना देती है.
पेनिस की नसे सर्जरी से ही ठीक की जा सकती हैं. मेडिटेटिव थेरेपी से पर्याप्त समय तक स्पर्म डिस्चार्ज को कंट्रोल करने की केपेसिटी डेवलप की जा सकती है. यह सेवा हम निःशुल्क देते हैं..
{चेतना विकास मिशन.)

