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फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाने में माहिर हैं शिवराज व उनकी नौकरशाही

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भोपाल। वैसे तो मध्यप्रदेश के बारे में यह किवदंती प्रसिद्ध है कि एमपी अजब है, एमपी गजब है लेकिन इस किवदंति को साबि करने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और उनकी नौकरशाही ने फर्जी आंकड़ों की रंगाली सजाकर कई बार देश में सफलता की झूठी वाहवाही लूटी, यह शक्ति शिवराज सिंह में ही है कि वह एक दिन में सात करोड़ पौधों का रोपण करने का रिकार्ड ब ना सकते हैं तो इसी प्रकार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने भी प्रदेश में भाजपा की सदस्यता दिलाने के नाम पर करके रिकार्ड कायम किया था, इन दिनों यदि कोरोना माहमारी के इस संकट काल में यदि इस महामारी से बचाव और उसके निवारण में की गई व्यवस्थाओं को लेकर जिस प्रकार से शिवराज और उनके चहेते मंत्रियों द्वारा खूब हवा हवाई बयानबाजी की गई, यही नहीं मध्यप्रदेश की शिवराज के शासन की कार्यशैली के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान एक करोड़ वैक्सीन का विदेश से मंगाने के आर्डर तक के खबरें भी राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के मुखाग्रबिन्द से सुनी लेकिन वह वैक्सीन कहां हैं और उसका ऑर्डर किसे दिया गया लेकिन वह वैक्सीन कहंा आईं और किसे लग गई इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका

हां, यह जरूर है कि इसी बीच राज्य में भाजपा आलाकमान सत्ता और संगठन में पनप रही अंर्तकलह के बीच प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज के बीच दिल्ली में जो मंत्रणा हुई उसके बाद हमारे संजय जैसी दिव्य दृष्टि रखने वाले राजनैतिक जानकारों व पत्रकारों ने अपने-अपने तरीके से इस भेंट को सफलतम बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन इसके बाद प्रदेश में जो वैक्सीन लगाने का जो महाअभियान चला उस महा अभियान के जरिये वैक्सीन लगाने का जो रिकार्ड इस प्रदेश ने जो कायम करने का ढिंढोरा पीटा गया वह भी अपने आपमें अजब और गजब है जबकि यह सभी जानते हैं कि वैक्सीन लगाने को लेकर अजीब खबरें हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं और जो खबरें सुर्खियों में बनी रहती हैं उसके चलते देशभर में फर्जी वैक्सीन लगाये जाने की खबरें भी खूब सुर्खियां बटोरती हैं तो वहीं यह भी खबरें आती हैं कि खाली सीरिंज लोगों को लगाई जा रही है कुल मिलाकर वैक्सीन टीकाकरण के नाम पर जो फर्जीवाड़े की खबरें सुर्खियों में हैं उनमें यह भी खबरें सुर्खियों में हैं कि जिनका तीन साल पहले स्वर्गवास हो गया उनको वैक्सीन के मैसेज भेजे जा रहे हैं यही नहीं शिवराज सरकार की अजब-गजब कार्यशैली के चलते दिवंगत हुए लोगों के नाम वैक्सीन प्रमाण पत्र जारी करने की भी खबरें सुर्खियों में बन रही हैं, तो खबर यह भी है कि कई लोगों को दूसरा डोज भी नहीं लग गया है और उनके पास आज भी दूसरे डोज लगने के संदेश उनके मोबाइल फोनों पर आ रहे हैं, शिवराज और उनकी नौकरशाही की कार्यशैली के चलते ऐसे कारनामे भी कोरोना महामारी के दौरान जमकर हुए तो वहीं इस महामारी के दौरान प्रदेश के कलेक्टरों को एक-एक करोड़ रुपये दिये जाने की भी खबरें सुर्खियों में रहीं लेकिन प्रशसानिक अधिकारियों पर नजर रखने वाले और कुछ खबरची पत्रकार यह भी दावा करते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान स्थापित किये गये कोविड सेंटरों को स्थापित करने के लिये जितना लोगों ने खुलकर जनसयोग करके शासन को राशि दी उस राशि का तो अता-पता ही नहीं है तो वहीं इसी दौरान शिवराज की शासन की कार्यशैली में परिपक्व वर्षों तक आबकारी में पदस्थ रहकर अधिकारियों और शराब कारोबारियों को नोटिस जारी करने का रिकॉर्ड बनाने वाले बड़वानी के कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को खरीदने में जो घोटाला कर शिवराज के शसनकाल की कार्यशैली के अनुरूप कोरोना महामारी को भी सिंहस्थ घोटाले की तर्ज पर घोटाले कर डाले ऐसे घोटाले करने के मामले में अकेले आबकारी विभाग में अपनी कार्यशैली के लिये चर्चित शिवराज सिंह वर्मा ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के कई जिलों के कलेक्टर हैं जिन्होंने कोरोना महामारी के नाम पर सिंहस्थ जैसी घोटाले की कार्यशैली अपनाकर जमकर गोलमाल किये जाने की खबरें भी हैं

यदि किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से कोरोना महामारी के दौरान किये गये बचाव के कारणों के खर्च की जांच कराई जाये तो इस महामारी में भी शिवराज की शासन की कार्यशैली के अनुरूप फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाकर सफलता के झंडे गाडऩे वाले कई अधिकारी बेनकाब हो जाएंगे वैसे शिवराज व उनकी नौकरशाही की कार्यशैली का प्रमाण तो कोरोना महामारी के दौरान चली अव्यवस्था के नाम पर हुए गोरखधंधे तो चर्चाओं में हैं ही तो ऐसे एक नहीं अनेकों उदाहरण मिल जाएंगे जिनमें फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाकर शिवराज सरकार ने देशभर में वाहवाही लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी, कोरोना महामारी के दौर में जब लोग ऑक्सीजन के लिये तड़पकर अपनी जान गंवा रहे थे उस समय प्रदेशभर में प्राकृतिक ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिये पौधारोपण का भी खूब दौर चल निकला, हालांकि बात यदि वृक्षारोपण की चली तो शायद इस प्रदेश के लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि हमारे कागजों की फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाने वाली सरकार के मुखिया शिवराज व उनकी नौकरशाही के कारनामों की बदौलत इस प्रदेश में शिवराज सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतिवर्ष छ: करोड़ का पौधारोपण होने का भी खूब ढिंढोरा पीटा गया

यदि उसे सही माना जाये तो इस प्रदेश में ७२ करोड़ का पौधारोपण होने का दावा किया जाता रहा है लेकिन वह पौधे कहां हैं यह जांच और शोध का विषय है, प्रतिवर्ष पौधारोपण के सरकारी दावों के बाद जमीनी हकीकत पर नजर डालने के बाद यही समझ में आता है कि यह सभी पौधारोपण शिवराज व उनकी कार्यशैली के चलते सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही इनका पौधारोपण हो गया ऐसे एक नहीं अनेकों मुद्दे मिल जाएंगे जिनमें शिवराज व उनके मंत्रियों ने जमकर छ: करोड़ पौधारोपण जैसी खूब सुर्खियां बटोरी यही सब वह वजह है कि आज इस प्रदेश में भाजपा और शिवराज की छवि के खराब होने के चलते इस प्रदेश में भाजपा के खिलाफ लोगों में असंतोष पनप रहा है, ऐसा नहीं कि यह असंतोष सिर्फ प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया शिवराज के खिलाफ ही पनप रहा हो बल्कि इस देश के केन्द्र की सत्ता के मुखिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे तमाम वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली से किसानों का प्रभावी आंदोलन ने मोदी के अंधभक्तों ही नहीं बल्कि आमजनमानस की आंखें खोलकर रख दी हैं इसका उदाहरण पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव मोदी-शाह की कार्यशैली के से बंगाल की जनता ने नाराजगी जाहिर कर दी है, प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के भाजपा नेताओं में इन सब मुद्दों के कारण भाजपा की बिगड़ती छवि को बनाने के लिये कभी मुफ्त-मुफ्त वैक्सीन का जमकर प्रचार किया जा रहा है लेकिन मजे की बात तो यह है कि एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ही नहीं बल्कि प्रचार माध्यम से यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुफ्त वैक्सीन लगाकर अपनी जान बचाइये तो वहीं शिवराज सरकार की संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर अब लोगों को यह सलाह दे रही हैं कि जिनको दो डोज वैक्सीन के लग चुके हैं वह २५० रुपये प्रति हिसाब से दो वैक्सीन के डोज के ५०० रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दें? जबकि भारत सरकार का बजट वैक्सीन का ३५ हजार करोड़ का पूर्व से निर्धारित है जिसमें २८ हजार करोड़ रुपये का व्यय इस देश की जनता को वैक्सीन लगाने हेतु निर्धारित किया गया है लेकिन प्रधानमंत्री और भाजपा के नेताओं के ही नहीं बल्कि प्रचार माध्यम के द्वारा किये जा रहे दावों के बाद उषा ठाकुर का यह बयान को लेकर तरह-तरह की चर्चायें व्याप्त हैं,

यह सभी जानते हैं कि कोविड-१९ के इस संक्रमण के दौर में जहां सांसदों, विधायकों ही नहीं बल्कि अधिकारियों व कर्मचारियों की तनख्वाह में से भी केन्द्र सरकार द्वारा मदद लिये जाने की खबरें भी सुर्खियों में हैं तो इस दौरान पूरे देश में विकास कार्य एकदम ठप हो गये, जहां तक कोरोना महामारी के दौरान दानदाताओं का सवाल है तो इस देश के सैंकड़ों ही नहीं बल्कि लाखों लोगों ने खुलकर कोविड-१९ के दौर में राशि उपलब्ध कराई तो वही नन्हें मुन्ने मासूमों ने अपनी जेबखर्च की मिलने वाली राशि बचाकर जो धन एकत्र किया गया था उसे भी दान करने में अपनी रुचि दिखाई, लेकिन इन सबके बावजूद भी कोरोना संक्रमण के इस दौर में केन्द्र द्वारा प्रदेश को उपलब्ध कराये गये वेंटिलेटर की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल इसी शिवराज सरकार की नौकरशाही ने खड़े करके मोदी सरकार की छवि खराब करने का कोई मौका नहीं गंवाया था, अब देखना यह है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में शिवराज और उनकी नौकरशाही फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाकर सफलता के झंडे गाडऩे में सफल होती है? वैक्सीन को लेकर शिवराज सिंह चौहान की सरकार और नौकरशाही के द्वारा फर्जी आंकड़ों की रंगगौली सजाने बाली इस तरह की खबर सै मेरा आप या आमजन को यह संदेश देना कतई नहीं है कि मैं वैक्सीन लगाने की खिलाफ हूं? बल्कि आप सभी से मेरा विनम्र अनुरोध है कि आपनी और अपने परिजनों की सुरक्षा एवं कोरोना महामारी के बचाव के लिए खुद वैक्सीन लगवाएं और दूसरों को भी वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा करने में कोरोना गाइड लाइन का पालन कर सरकार को सहयोग दें।

साथ कोरोना जैसी महामारी के बचाव के नाम पर बडवानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने कोरोना के नाम पर गोरखधंधा किया ऐसे वर्मा जैसे आईएएस को बेनकाब करने का काम बडवानी के ही संयुक्त कलेक्टर ने काम आपसे भी अनुरोध है कि आप को ऐसे अधिकारियों के द्वारा किए गए कोरोना आपदा में अफसर तलाशने की जानकारी हो तो उसे बेनकाब करने का कदम उठाकर उजागर करें, ताकि कोरोना महामारी के नाम पर अपना स्वार्थ साधने बालों का चाल, चरित्र और चेहरा आमजन के सामने उजागर हो सके, पर आपसे पुन;अनुरोध करता हूं कि कोरोना की गाइड लाइन का पालन करें और वैक्सीन महा अभियान में सहयोग दें।
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Ramswaroop Mantri

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