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सेहत की बात : हुलिया संवार देगी  दलिया

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इरम खान (दिल्ली)

  _दलिया एक प्रकार का साबुत अनाज होता है जो शरीर को स्वास्थ्यवर्धक बनाता है। दलिया को बनाना और खाना बेहद आसान होता है। इसे दूध या फलों के साथ बनाया जा सकता है। आप मीठा या नमकीन दलिया भी बना सकते हैं। नाश्ते में दलिये का सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद बताया गया है।_
  इसे पकाने से इसके पोषक तत्वों में किसी प्रकार की कमी नहीं आती।

आमतौर पर सुबह के नाश्ते में खाया जाने वाला दलिया विटामिन और प्रोटीन से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें लो कैलोरी और फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस कारण दलिया एक ऐसा आहार है जो आपके शरीर में सभी पोषक तत्वों की मात्रा को पूरा करता है।
सुबह में दलिया खाने से दिनभर के लिए जरूरी सभी तत्व पूरे हो जाते हैं। इस लेख के जरिए जानते हैं दलिया का सेवन करने से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में।

हीमोग्लोबिन वर्धक :
आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में कमजोरी और थकान की शिकायत आम हो जाती है। दलिया आयरन का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बैलेंस करता है।
इसके अलावा दलिया शरीर के तापमान और मेटाबॉलिज्म को भी सही मात्रा में बनाए रखता है।

वजन नियंत्रक :
आधुनिक जीवनशैली में वजन बढ़ने की आम समस्या है। कार्बोहाइड्रेट की उचित मात्रा वाले दलिये को सुबह के समय नाश्ते में खाने से शरीर में पूर्ण आहार पहुंचता है। जिससे आपका वजन नियंत्रित रहता है।
थोड़ी सी मात्रा में ही दलिये का सेवन करने से पेट को भरा हुआ महसूस करते हैं।

टाइप-2 डायबिटीज में असरकारक :
दलिया और साबुत अनाज में मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है। मैग्नीशियम लगभग 300 प्रकार के एंजाइम बनाता है, खासतौर पर ऐसे एंजाइम जो इंसुलिन के बनने में मददगार होते हैं।
साथ ही ये ग्लूकोज की जरूरी मात्रा को भी ब्लड तक पहुंचाते हैं। रोजाना दलिया का सेवन करने से टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।

हड्डियों का टॉनिक :
मैग्नीशियम और कैल्शियम का खजाना होने के कारण दलिये का नियमित सेवन हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
दलिया का नियमित सेवन करने वालों को उम्र दराज होने पर जोड़ों के दर्द की शिकायत नहीं होती।

स्तन कैंसर अवरोधक :
दलिये का सेवन महिलाओं को ब्रेस्ट यानि स्तन कैंसर से बचाता है। आजकल यह महिलाओं में होने वाली सबसे बड़ी समस्या बन गई है। साबुत अनाज चाहे वह दलिया हो या कुछ और उसमें फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका कम होती है।
फाइबरयुक्त अनाज से फेफडे , स्तन , ओवेरियन कैंसर जैसे कई खतरनाक रोगों से निजात पाया जा सकता है।

ऊर्जा वर्धक :
दलिये का सेवन करने वाले व्यक्ति दिनभर ऊर्जावान महसूस करता है। ऐसा दलिया में पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट के कारण होता है। प्रतिदिन एक कप दलिया खाकर शरीर में विटामिन बी1, बी2, मिनरल्स, मैग्नीशियम, मैग्नीज आदि की पूर्ति की जा सकती है।
इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर से एंटी-ऑक्सीडेंट को बाहर निकालकर कई बीमारियों से बचाते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोलर :
दलिया में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही फाइबर पाए जाते हैं।
यह शरीर में उच्च मात्रा में फाइबर होने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित रहती है। जिससे व्यक्ति को हृदय रोग होने की संभावना न के बराबर रहती है।
(चेतना विकास मिशन)

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